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WHO: विश्व स्वास्थ्य संगठन का दावा- एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में बर्ड फ्लू फैलने का फिलहाल कोई संकेत नहीं
Thu, 09 May 2024 03:37 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
यूएन हिंदी समाचार
यूएन हिंदी समाचार
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Thu, 09 May 2024 03:37 PM IST
सार
संयुक्त राज्य अमेरिका के कई इलाकों में लाखों डेयरी मवेशियों में बर्ड फ्लू का प्रकोप है और अब तक एक व्यक्ति के संक्रमित होने की जानकारी प्राप्त हुई है। अब तक कम से कम 220 व्यक्तियों की निगरानी की गई है और 30 का परीक्षण हुआ है।
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बर्ड फ्लू (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का कहना है कि एच5एन1 एवियन इन्फ्लुएंजा वायरस में फिलहाल ऐसे बदलाव आने के संकेत नहीं हैं, जिससे उसके एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलने की आशंका बढ़ती हो। यूएन एजेंसी ने फ़िलहाल इस वायरस और संक्रमण मामलों की लगातार निगरानी किए जाने का आग्रह किया है।
संयुक्त राज्य अमेरिका के कई इलाकों में लाखों डेयरी मवेशियों में बर्ड फ्लू का प्रकोप है और अब तक एक व्यक्ति के संक्रमित होने की जानकारी प्राप्त हुई है। अब तक कम से कम 220 व्यक्तियों की निगरानी की गई है और 30 का परीक्षण हुआ है।
यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के महानिदेशक टेड्रोस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने बुधवार को बताया कि अनेक व्यक्ति संक्रमित पशुओं के संपर्क में आए हैं और उनकी निगरानी व परीक्षण अहम है। साथ ही उन्हें आवश्यकता अनुसार स्वास्थ्य देखभाल मुहैया कराई जानी होगी। डॉक्टर टैड्रॉस के अनुसार, अभी तक वायरस ने ऐसा कोई संकेत नहीं दिया है कि व्यक्तियों में उसके फैलने की स्थिति बनती हो, मगर निरंतर निगरानी की जानी जरूरी है।
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स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि अमेरिका में कच्चे दूध में यह वायरस मिला है, मगर शुरुआती परीक्षण दर्शाते हैं कि दूध को ज़्यादा तापमान पर कुछ देर गर्म करने और फिर ठंडा करने, पाश्चरीकरण से वायरस खत्म हो जाता है। इसके मद्देनजर, यूएन एजेंसी ने सभी देशों में लोगों को पाश्चरीकृत दूध का इस्तेमाल करने की सलाह दी है, जिसके जरिए संभावित वायरस के सूक्ष्मजीवों को इस स्तर पर कम किया जा सकता है, जिससे स्वास्थ्य जोखिम न हो। इससे दूध को इस्तेमाल करने की अवधि में भी वृद्धि होती है।
सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए जोखिम कम
यूएन एजेंसी के महानिदेशक ने बताया कि संगठन का आकलन है कि एच5एन1 एवियन इन्फ़्लुएंज़ा के कारण सार्वजनिक स्वास्त्य जोखिम का स्तर फ़िलहाल कम है. संक्रमित पशुओं के सम्पर्क में आने वाले लोगों के लिए मामूली से सामान्य स्तर पर है।
डॉक्टर टैड्रॉस के अनुसार विश्व भर में इन्फ्लुएंजा की निगरानी के लिए व्यवस्था है, जिसे 130 देशों में स्थित केंद्रों के एक नेटवर्क द्वारा संचालित किया जाता है। हाल के वर्षों में, एच5एन1 जंगली पक्षियों, मुर्गियों, भूमि व समुद्र में स्तनपायी जीवों में तेज़ी से फैला है और अब यह डेयरी मवेशियों को संक्रमित कर रहा है। वर्ष 2021 से अब तक व्यक्तियों के संक्रमित होने के 28 मामले सामने आ चुके हैं, हालांकि, एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में इस वायरस के फैलने का मामले की पुष्टि नहीं हुई है।
(नोट: यह लेख संयुक्त राष्ट्र हिंदी समाचार सेवा से लिया गया है।)
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संयुक्त राज्य अमेरिका के कई इलाकों में लाखों डेयरी मवेशियों में बर्ड फ्लू का प्रकोप है और अब तक एक व्यक्ति के संक्रमित होने की जानकारी प्राप्त हुई है। अब तक कम से कम 220 व्यक्तियों की निगरानी की गई है और 30 का परीक्षण हुआ है।
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यूएन स्वास्थ्य एजेंसी के महानिदेशक टेड्रोस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने बुधवार को बताया कि अनेक व्यक्ति संक्रमित पशुओं के संपर्क में आए हैं और उनकी निगरानी व परीक्षण अहम है। साथ ही उन्हें आवश्यकता अनुसार स्वास्थ्य देखभाल मुहैया कराई जानी होगी। डॉक्टर टैड्रॉस के अनुसार, अभी तक वायरस ने ऐसा कोई संकेत नहीं दिया है कि व्यक्तियों में उसके फैलने की स्थिति बनती हो, मगर निरंतर निगरानी की जानी जरूरी है।
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स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि अमेरिका में कच्चे दूध में यह वायरस मिला है, मगर शुरुआती परीक्षण दर्शाते हैं कि दूध को ज़्यादा तापमान पर कुछ देर गर्म करने और फिर ठंडा करने, पाश्चरीकरण से वायरस खत्म हो जाता है। इसके मद्देनजर, यूएन एजेंसी ने सभी देशों में लोगों को पाश्चरीकृत दूध का इस्तेमाल करने की सलाह दी है, जिसके जरिए संभावित वायरस के सूक्ष्मजीवों को इस स्तर पर कम किया जा सकता है, जिससे स्वास्थ्य जोखिम न हो। इससे दूध को इस्तेमाल करने की अवधि में भी वृद्धि होती है।
सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए जोखिम कम
यूएन एजेंसी के महानिदेशक ने बताया कि संगठन का आकलन है कि एच5एन1 एवियन इन्फ़्लुएंज़ा के कारण सार्वजनिक स्वास्त्य जोखिम का स्तर फ़िलहाल कम है. संक्रमित पशुओं के सम्पर्क में आने वाले लोगों के लिए मामूली से सामान्य स्तर पर है।
डॉक्टर टैड्रॉस के अनुसार विश्व भर में इन्फ्लुएंजा की निगरानी के लिए व्यवस्था है, जिसे 130 देशों में स्थित केंद्रों के एक नेटवर्क द्वारा संचालित किया जाता है। हाल के वर्षों में, एच5एन1 जंगली पक्षियों, मुर्गियों, भूमि व समुद्र में स्तनपायी जीवों में तेज़ी से फैला है और अब यह डेयरी मवेशियों को संक्रमित कर रहा है। वर्ष 2021 से अब तक व्यक्तियों के संक्रमित होने के 28 मामले सामने आ चुके हैं, हालांकि, एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में इस वायरस के फैलने का मामले की पुष्टि नहीं हुई है।
(नोट: यह लेख संयुक्त राष्ट्र हिंदी समाचार सेवा से लिया गया है।)