फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Who Are Houthis UK US Air Strike Know Why Threat from Hamas in Red Sea Reasons

Houthis: कौन हैं हूती, जिनके ठिकानों पर अमेरिका-ब्रिटेन ने की एयर स्ट्राइक; लाल सागर में बवाल की क्या कहानी?

Fri, 12 Jan 2024 07:45 PM IST
शिवेंद्र तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Fri, 12 Jan 2024 07:45 PM IST
विज्ञापन
सार
Houthis: हूती यमन में मौजूद एक सशस्त्र समूह है। संगठन का नाम इसके संस्थापक हुसैन बदरेद्दीन अल-हूती के नाम पर रखा गया है। इसने हमास-इस्राइल युद्ध शुरु होने के बाद लाल सागर में व्यवसायी जहाजों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं। 
loader
Who Are Houthis UK US Air Strike Know Why Threat from Hamas in Red Sea Reasons
हूती - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

मध्य पूर्व में एक बार फिर संघर्ष का खतरा बढ़ गया है। अमेरिका और ब्रिटेन ने गुरुवार को कुछ अन्य देशों के साथ मिलकर यमन में मौजूद हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। हूती विद्रोही हमास-इस्राइल युद्ध के बीच लाल सागर में व्यवसायी जहाजों पर ड्रोन और मिसाइल हमले करने लगे हैं। अमेरिकी और ब्रिटिश सेना ने एयर स्ट्राइक की कार्रवाई हूती विद्रोहियों के इन्ही बढ़ते हमलों के बीच की है। 2016 के बाद पहली बार है, जब यमन की सरजमीं पर हवाई हमले किए गए हैं।


आइये जानते हैं आखिर कौन हैं हूती? इस्राइल-हमास युद्ध में इनकी क्या भूमिका है? लाल सागर में इन्होने क्या किया है? अभी क्यों चर्चा में हैं हूती? 

हूतियों ने इस्राइल पर हमले किए
हूतियों ने इस्राइल पर हमले किए - फोटो : social media
हूती कौन हैं?
हूती यमन में मौजूद एक सशस्त्र समूह है। संगठन का नाम इसके संस्थापक हुसैन बदरेद्दीन अल-हूती के नाम पर रखा गया है। दरअसल, 1990 के दशक में उत्तर यमन में हूती परिवार ने शिया इस्लाम के जायदी संप्रदाय के लिए एक मजहबी पुनरुद्धार आंदोलन की स्थापना की थी। यह वही हूती परिवार था जिसने कभी यमन पर शासन किया था। जैसे-जैसे सरकार के साथ टकराव बढ़ता गया, उन्होंने यमन की राष्ट्रीय सेना के साथ कई गुरिल्ला युद्ध लड़े। इसके अलावा हूतियों का सुन्नी शक्ति का केंद्र माने जाने वाले सऊदी अरब के साथ एक सीमा संघर्ष भी हुआ।

आज हूतियों के पास अनुमानित 20,000 लड़ाके हैं। इसकी अधिकांश मौजूदगी यमन में पश्चिम में है। वहीं इसका प्रभाव यमन के लाल सागर तट तक है। 

हूतियों ने इस्राइल पर हमले किए
हूतियों ने इस्राइल पर हमले किए - फोटो : social media
कैसे बढ़े हूती?
यमन में 2014 के अंत में युद्ध शुरू हुआ, उसके बाद राजधानी सना पर हूतियों ने कब्जा कर लिया। हूतियों ने उत्तर के अधिकांश भाग और अन्य बड़ी आबादी वाले जगहों पर नियंत्रण स्थापित कर लिया। उधर देश में सत्ता चला रही सरकार ने खुद को अदन में स्थापित कर लिया। इस सरकार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त थी। 

हमास के बाद हूतियों ने इस्राइल पर हमले किए
हमास के बाद हूतियों ने इस्राइल पर हमले किए - फोटो : amar ujala
इस्राइल-हमास युद्ध में इनकी क्या भूमिका है?
यह समूह पिछले साल अक्तूबर में शुरू हुए हमास और इस्राइल युद्ध के बाद एक बार फिर चर्चा में आया। आरोप लगते रहे हैं कि हूतियों को ईरान का समर्थन हासिल है और वे गाजा में जारी युद्ध में हमास का समर्थन कर रहे हैं। 7 अक्तूबर 2023 को हमास के हमले के तुरंत बाद हूतियों ने इस्राइल को चेतावनी दी थी। संगठन के नेता अब्दुल मलिक अल-हूती ने कहा था कि उनकी सेना फलस्तीनी लोगों के समर्थन में दुश्मन का सामना करने के लिए हजारों की संख्या में आगे बढ़ेगी।

लाल सागर में जहाज पर हमला।
लाल सागर में जहाज पर हमला। - फोटो : सोशल मीडिया
लाल सागर में हूती क्या कर रहे हैं?
लाल सागर यूरोप को एशिया और पूर्वी अफ्रीका से जोड़ने वाला सबसे अहम जलमार्ग है। स्वेज नहर के दक्षिण में स्थित लाल सागर दुनिया के सबसे घने शिपिंग चैनलों में से एक है। लाल सागर यमन समुद्र के दक्षिण-पूर्वी तट पर स्थित है, जहां यह अदन की खाड़ी से मिलता है।

हमास-इस्राइल युद्ध की शुरुआत के कुछ ही समय बाद हूतियों ने लाल सागर में जहाजों पर मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू कर दिए। इनमें से अधिकांश हमलों को अमेरिका और इस्राइली सेनाओं ने जवाबी कार्रवाई करके असफल कर दिया।

इस बीच पिछले साल 19 नवंबर को स्थिति और बिगड़ गई, जब आतंकवादियों ने इस्राइली कारोबारी से जुड़े जहाज को जब्त कर लिया। इस दौरान आतंकवादियों ने हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल किया और चालक दल का अपहरण कर लिया। संगठन ने कहा कि इस्राइल या उसके सहयोगियों से जुड़े सभी जहाज सीधा लक्ष्य बनाए जाएंगे।

इसके बाद जहाजों पर कई हमले हुए, जिनमें से अधिकांश में सफलता नहीं मिली। हालांकि, कई शिपिंग कंपनियों ने लाल सागर मार्ग को छोड़ दक्षिण अफ्रीका के केप ऑफ गुड होप का रास्ता अपनाया जिससे जहाजों के यात्रा के समय और लागत दोनों में काफी वृद्धि हुई।

अमेरिका ने ब्रिटेन के साथ हूती विद्रोहियों पर किया हमला
अमेरिका ने ब्रिटेन के साथ हूती विद्रोहियों पर किया हमला - फोटो : सोशल मीडिया
अब हूती ठिकानों पर हवाई हमले क्यों और किसने किए?
पिछले साल 18 दिसंबर को अमेरिका ने हूती हमलों के जवाब में 'ऑपरेशन प्रॉस्पेरिटी गार्जियन' की घोषणा की थी। इसके बाद  31 दिसंबर को अमेरिका नौसेना ने हूती मिसाइलों को मार गिराया। यह कार्रवाई हूतियों द्वारा एक कंटेनर को निशाना बनाए जाने के बाद की गई। 

फिर 9 जनवरी को अमेरिकी और ब्रिटिश युद्धपोतों ने हूतियों द्वारा दागे गए 21 ड्रोन और मिसाइलों को मार गिराया। ब्रिटेन की सरकार ने दावा किया कि इस क्षेत्र में इस तरह का सबसे बड़ा हमला है।
वहीं, गुरुवार 11 जनवरी को अमेरिका और ब्रिटेन की सेनाओं ने ऑस्ट्रेलिया, बहरीन, कनाडा और नीदरलैंड के समर्थन से यमन के हूती-नियंत्रित क्षेत्रों में सैन्य ठिकानों पर हमले किए। कार्रवाई की जानकारी देते हुए अमेरिकी रक्षा विभाग ने बताया कि इन हमलों में हूतियों के मानव रहित हवाई वाहन, बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइल और तटीय रडार और वायु निगरानी क्षमताओं से जुड़े स्थलों को निशाना बनाया गया। 

इसके साथ ही पेंटागन ने कहा कि इस कार्रवाई का उद्देश्य हूतियों की क्षमताओं को बाधित और खराब करना है। मिली जुली कार्रवाई हूतियों को स्पष्ट संदेश देती है कि यदि उन्होंने अपने अवैध हमलों को बंद नहीं किया तो उन्हें और अधिक कीमत चुकानी पड़ेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed