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डब्ल्यूएचओ की अपील : अमीर देश इस साल कोविड रोधी टीकों के बूस्टर डोज देने से करें परहेज

Thu, 09 Sep 2021 06:46 AM IST
Kuldeep Singh पीटीआई, जिनेवा
पीटीआई, जिनेवा Published by: Kuldeep Singh Updated Thu, 09 Sep 2021 06:46 AM IST
सार

इससे पहले डब्ल्यूएचओ ने सितंबर के अंत तक बूस्टर खुराकें देने से परहेज करने का आह्वान किया था।घेबरेयेसस ने कुछ दवा कंपनियों के एक प्रमुख संघ की ओर से कोरोना वैक्सीन को लेकर की गई टिप्पणियों पर हैरानी जताई।

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WHO appeals: Rich countries should refrain from giving booster doses of anti covid19 vaccines this year
डब्ल्यूएचओ प्रमुख टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस - फोटो : Facebook

विस्तार

डब्ल्यूएचओ के प्रमुख टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने कोरोना वायरस टीकों की बड़ी आपूर्ति वाले अमीर देशों से वर्ष 2021 के अंत तक बूस्टर खुराकें देने से परहेज करने की अपील की है। इसके साथ ही घेबरेयेसस ने कुछ दवा कंपनियों के एक प्रमुख संघ की ओर से कोरोना वैक्सीन को लेकर की गई टिप्पणियों पर हैरानी भी जताई है।

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डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टैड्रॉस एडहेनॉम घेबरेयेसस ने बुधवार को यह भी कहा कि वह दवा निर्माताओं के एक प्रमुख संघ की टिप्पणियों पर हैरान हैं, जिन्होंने कहा है कि वैक्सीन की आपूर्ति इतनी अधिक है कि उन देशों में बूस्टर डोज और वैक्सीनेशन दोनों की अनुमति दी जा सकती है, जिन्हें टीकों की सख्त जरूरत तो है, लेकिन वे इनकी कमी का सामना कर रहे हैं। 

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उन्होंने एक मीडिया से बात करते हुए कहा कि मैं टीके की वैश्विक आपूर्ति को नियंत्रित करने वाली कंपनियों और देशों की इस भावना पर चुप नहीं रहूंगा कि दुनिया के गरीब देशों को बची हुई खुराकों से संतुष्टि करना चाहिए।

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डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने इससे पहले सितंबर के अंत तक बूस्टर खुराकें देने से परहेज करने का आह्वान किया था, लेकिन अमेरिका और अन्य देश खुराकें देना शुरू कर चुके हैं या कुछ देश अभी संवेदनशील लोगों को खुराकें देने की योजना पर विचार कर रहे हैं।

बता दें कि पहले भी विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के प्रमुख ने विश्व के शक्तिशाली देशों से कहा है कि वे कोरोना रोधी टीकों का बूस्टर डोज देने की योजना दो माह के लिए टाल दें। उन्होंने कहा था कि ऐसा करना बेहद जरूरी है ताकि वैक्सीन उपलब्धता में वैश्विक असमानता को कम किया जा सके। साथ ही कोरोना के नए वैरिएंट को फैलने से रोका जा सके।


अमीर व गरीबों देशों में वैक्सीनेशन का भारी अंतर
डब्ल्यूएचओ प्रमुख ने इससे पहले कहा था कि अमीर देशों में प्रति 100 लोगों को अब तक टीके की करीब 100 डोज दी जा चुकी है जबकि कमजोर आय वाले देशों में प्रति 100 व्यक्तियों पर सिर्फ 1.5 डोज ही दी जा सकी है। अब डब्ल्यूएचओ बूस्टर डोज दिए जाने पर कम से कम इस साल के अंत तक रोक लगाने की गुजारिश कर रहा है ताकि दुनिया की कम से कम 10 फीसद आबादी को वैक्सीन लगा दी जाए। 

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