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Donald Trump: अमेरिका में शटडाउन और विपक्षी खेमे की राजनीति पर बिफरे ट्रंप, डेमोक्रेट्स को आड़े हाथों लिया
Tue, 07 Oct 2025 02:01 AM IST
ज्योति भास्कर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला।
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Tue, 07 Oct 2025 02:01 AM IST
सार
क्या अब अमेरिका टैरिफ को लेकर लचीला रुख अपनाएगा? क्या राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नरमी दिखाएंगे? इन सवालों का अमेरिकी राष्ट्रपति ने विस्तार से जवाब दिया। व्हाइट हाउस की प्रेस वार्ता के दौरान ट्रंप ने शटडाउन और आर्थिक मामलों पर डेमोक्रेट्स की नीतियों को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने और किन मुद्दों पर क्या बातें कहीं? जानिए इस रिपोर्ट में
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व्हाइट हाउस में मीडिया से बात करते राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
- फोटो : लाइव वीडियो ग्रैब- एक्स @व्हाइट हाउस
विस्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी आर्थिक नीतियों के अलावा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश की साख बनाए रखने को लेकर जारी जद्दोजहद के कारण भी लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। ऐसे ही एक मौके पर उन्होंने टैरिफ पर अपना रुख बदलने के सवाल पर रोचक जवाब दिया।
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भारत और पाकिस्तान का नाम लेने से भी नहीं चूके
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मीडिया के एक सवाल का जवाब देते समय कहा, 'अगर मेरे पास टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं होता, तो सात में से कम से कम चार युद्ध आज भी चल रहे होते।' अपनी आदत के मुताबिक ट्रंप एक बार फिर भारत और दहशतगर्दों के पनाहगाह मुल्क पाकिस्तान का नाम लेने से भी नहीं चूके।
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#WATCH | On whether he would shift his position on tariffs, US President Donald J Trump says, "... If I didn't have the power of tariffs, you would have at least four of the seven wars raging... If you look at India and Pakistan, they were ready to go at it. Seven planes were… pic.twitter.com/oI3r4cnzAV
— ANI (@ANI) October 6, 2025
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'ठीक-ठीक नहीं बताना चाहता कि मैंने क्या कहा'
बकौल ट्रंप, 'अगर आप भारत और पाकिस्तान को देखें, तो वे इसके लिए तैयार थे। सात विमान मार गिराए गए... मैं ठीक-ठीक नहीं बताना चाहता कि मैंने क्या कहा, लेकिन मैंने जो कहा वह बहुत प्रभावी था... हमने न केवल सैकड़ों अरब डॉलर कमाए, बल्कि टैरिफ की वजह से हम शांतिदूत बनने में भी रहे।
सरकारी शटडाउन विवाद पर रिपब्लिकन बनाम डेमोक्रेट्स
देश में शटडाउन के लगभग एक हफ्ते होने पर ट्रंप ने सोमवार को (अमेरिकी समयानुसार) संकेत दिया कि वे स्वास्थ्य बीमा सब्सिडी के मुद्दे पर डेमोक्रेट्स के साथ समझौते के लिए तैयार हो सकते हैं। हालांकि ट्रंप ने यह भी कहा कि 'अरबों डॉलर बर्बाद' हो रहे हैं। बता दें कि डेमोक्रेट्स ने मौजूदा सरकारी शटडाउन विवाद का मुख्य मुद्दा बनाया है। ट्रंप का यह बयान रिपब्लिकन के उस रुख को दिखाता है जिसमें उन्होंने कहा है कि वे 'ओबामाकेयर' के तहत दी जा रही सब्सिडी का विस्तार नहीं चाहते। उन्होंने कहा, हम डेमोक्रेट्स के साथ बातचीत कर रहे हैं जो स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बहुत अच्छी चीज़ें ला सकती है।
गतिरोध के बीच सीनेट में एक बार फिर दो प्रस्तावों पर मतदान
सरकारी शटडाउन के छठे दिन ट्रंप की टिप्पणी को उम्मीद की एक किरण के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, अभी भी रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स के बीच वार्ता लगभग ठप है। सीनेट में रिपब्लिकन नेता जॉन थ्यून ने कहा कि अफोर्डेबल केयर एक्ट (ACA) सब्सिडी पर आगे का रास्ता संभव है, लेकिन यह व्हाइट हाउस के फैसले पर निर्भर करेगा। दोनों खेमों के अड़े रहने से बने गतिरोध के बीच सीनेट में एक बार फिर दो प्रस्तावों पर मतदान कराया जाना है।
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लाखों परिवारों की बीमा लागत बढ़ने की आशंका
यह भी दिलचस्प है कि रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स दोनों एक-दूसरे पर शटडाउन का दोष मढ़ रहे हैं। स्पीकर माइक जॉनसन ने कहा, बातचीत की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि प्रतिनिधि सभा ने पहले ही अस्थायी बजट पारित कर दिया है। वहीं, डेमोक्रेटिक नेता हकीम जेफ्रीज ने कहा कि 'अब समय है स्वास्थ्य देखभाल पर समझौता करने का।' डेमोक्रेट्स मांग कर रहे हैं कि लाखों परिवारों की बीमा लागत को कम करने वाली स्वास्थ्य सब्सिडी को तुरंत बहाल किया जाए, जबकि रिपब्लिकन इस मुद्दे को टालना चाहते हैं। जेफ्रीज ने चेतावनी दी कि प्रीमियम बढ़ने की सूचनाएं लोगों को भेजी जा रही हैं, जिससे अमेरिका में स्वास्थ्य बीमा महंगा हो जाएगा।
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रोजगार दर घट रही है, मुद्रास्फीति के कारण व्यापारियों को झटका
बता दें कि अमेरिका में शटडाउन का असर देश के साथ-साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी दिख रहा है। रोजगार दर घट रही है, मुद्रास्फीति ऊंची है और ट्रंप के आयात शुल्कों के कारण व्यापारियों को भी झटका लगा है। इसी बीच, ट्रंप प्रशासन शटडाउन को सरकारी खर्च घटाने और स्थायी नौकरी में कटौती का अवसर मान रहा है। जानकारों का मानना है कि यह एक ऐसा कदम होगा जो पहले कभी नहीं उठाया गया। सरकार के इस रुख डेमोक्रेट्स ने खतरनाक बताया है। सीनेटर एडम शिफ ने कहा कि स्वास्थ्य बीमा महंगा होने के कारण करोड़ों अमेरिकियों के लिए यह 'संकट' बन जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन कांग्रेस से स्वीकृत खर्च को रोक रहा है। इस कारण किसी भी बजट समझौते की विश्वसनीयता खत्म हो जाती है। शिफ ने कहा कि केवल लिखित गारंटी से ही डेमोक्रेट्स किसी समझौते पर भरोसा करेंगे।