फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   White House construction contributed to radio problems that let Trump copter come close to jet

US: व्हाइट हाउस में निर्माण बना सुरक्षा में 'रोड़ा', ऐसे ट्रंप का मरीन वन और यात्री विमान आया था आमने-सामने

Fri, 28 Aug 2026 08:35 AM IST
पवन पांडेय पीटीआई, वॉशिंगटन
पीटीआई, वॉशिंगटन Published by: पवन पांडेय Updated Fri, 28 Aug 2026 08:35 AM IST
सार

पिछले साल के हादसे की जांच में यह भी सामने आया था कि एयर ट्रैफिक कंट्रोलरों और सैन्य अधिकारियों के बीच संचार की समस्याएं लंबे समय से मौजूद थीं। यहां तक कि पेंटागन और रीगन एयरपोर्ट के कंट्रोल टावर के बीच एक जरूरी हॉटलाइन तीन साल से अधिक समय तक काम नहीं कर रही थी, लेकिन FAA को इसकी जानकारी तक नहीं थी। हालांकि 4 अगस्त की घटना में ट्रंप और मरीन वन पर सवार लोगों को कोई खतरा नहीं हुआ।

विज्ञापन
White House construction contributed to radio problems that let Trump copter come close to jet
व्हाइट हाउस में निर्माण बना सुरक्षा में 'रोड़ा' - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हेलीकॉप्टर मरीन वन और एक यात्री विमान के बीच इस महीने हुई करीबी घटना में व्हाइट हाउस में चल रहे निर्माण कार्य की भूमिका सामने आई है। संघीय जांचकर्ताओं के मुताबिक, निर्माण के कारण मरीन वन के रेडियो संचार में दिक्कत आ गई थी। इसी वजह से एयर ट्रैफिक कंट्रोलर हेलीकॉप्टर के उड़ान भरने से तीन मिनट पहले दी जाने वाली जरूरी चेतावनी नहीं सुन पाए। इसके बाद उन्होंने एक यात्री विमान को उड़ान भरने की अनुमति दे दी। यह घटना 4 अगस्त को वॉशिंगटन के रोनाल्ड रीगन वॉशिंगटन नेशनल एयरपोर्ट के पास हुई थी। उस समय ट्रंप को लेकर मरीन वन उड़ान भरने वाला था और दूसरी तरफ एनवॉय एयर का एक यात्री विमान टेकऑफ के लिए तैयार था। दोनों विमान कुछ समय के लिए काफी करीब आ गए थे। मामले में NTSB की जांच अभी जारी है और मौजूदा रिपोर्ट को प्रारंभिक रिपोर्ट माना जा रहा है।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें- UN में भारत की दो-टूक: यूएन80 पहल में विकास सर्वोच्च प्राथमिकता हो, राजदूत हरीश ने और किन बातों पर जोर दिया?
विज्ञापन


पहले से सामने आ चुकी थी रेडियो की समस्या
राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड (NTSB) की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, घटना से करीब एक सप्ताह पहले एयर ट्रैफिक कंट्रोलर और मरीन वन के पायलटों के बीच बैठक हुई थी। इसमें पायलटों ने बताया था कि उड़ान से पहले दी जाने वाली सामान्य तीन मिनट की चेतावनी कंट्रोल टावर तक नहीं पहुंच रही थी। दोनों पक्षों ने तय किया था कि अगर रेडियो संपर्क में दोबारा समस्या आई तो किसी दूसरे व्यक्ति या स्थान के जरिए यह संदेश कंट्रोलरों तक पहुंचाया जाएगा। लेकिन 4 अगस्त को यह वैकल्पिक व्यवस्था भी काम नहीं कर सकी। मरीन वन के पायलटों ने तीन मिनट पहले उड़ान की सूचना देने की कोशिश की थी, लेकिन रीगन एयरपोर्ट के कंट्रोलरों ने वह संदेश नहीं सुना।
विज्ञापन
विज्ञापन


कंट्रोलर को नहीं मिली जानकारी, यात्री विमान को मिली उड़ान की अनुमति
मरीन वन के पायलट ने रेडियो पर बताया था कि हेलीकॉप्टर 'तीन मिनट में उड़ान भरेगा'। लेकिन एयरपोर्ट के आधिकारिक कंट्रोल रिकॉर्डिंग में यह चेतावनी दर्ज नहीं हुई। इसके चलते कंट्रोलर को यह पता नहीं था कि राष्ट्रपति का हेलीकॉप्टर उड़ान भरने वाला है। इसलिए उन्होंने यात्री विमान को टेकऑफ की अनुमति दे दी। कुछ ही देर बाद कंट्रोलर को पता चला कि मरीन वन भी उड़ान भर रहा है। उन्होंने हेलीकॉप्टर के पायलट को यात्री विमान के बारे में चेतावनी दी। मरीन वन के पायलटों ने भी विमान को देख लिया और सुरक्षित दूरी बनने तक कुछ समय के लिए अपनी उड़ान रोक दी। NTSB के शुरुआती अनुमान के मुताबिक, दोनों विमान अपने सबसे नजदीकी बिंदु पर करीब 0.8 मील (1.3 किलोमीटर) की क्षैतिज दूरी और लगभग 700 फीट (215 मीटर) की ऊंचाई के अंतर पर थे। यात्री विमान के चालक दल को उड़ान भरने के तुरंत बाद अपने विमान के टकराव-रोधी सिस्टम से चेतावनी मिली थी। हालांकि, चालक दल ने हेलीकॉप्टर को अपनी आंखों से नहीं देखा।

व्हाइट हाउस में नए हेलीपैड का चल रहा है निर्माण
मरीन वन आम तौर पर व्हाइट हाउस के परिसर से उड़ान भरता है। लेकिन जुलाई के मध्य से व्हाइट हाउस के पीछे नए हेलीपैड के निर्माण के कारण ट्रंप का हेलीकॉप्टर व्हाइट हाउस के दक्षिण में स्थित एलिप्स पार्क से उड़ान भर रहा है। जांच में पाया गया कि हेलीकॉप्टर के इस नए स्थान पर चले जाने के बाद रेडियो सिग्नल में समस्या पैदा हुई। जिस जगह पर रेडियो रिसीवर लगा था, वहां से नए उड़ान स्थल तक पर्याप्त सीधा रेडियो संपर्क (लाइन ऑफ साइट) नहीं था। इसके बाद फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने रेडियो रिसीवर को उस इलाके से हटाकर रीगन एयरपोर्ट के कंट्रोल टावर के ऊपर लगा दिया। बाद में किए गए परीक्षणों में रेडियो संचार ठीक पाया गया।

सुरक्षा विशेषज्ञ ने कहा- कंट्रोलर की गलती नहीं थी
पूर्व NTSB और FAA जांचकर्ता जेफ गुजेट्टी ने कहा कि इस मामले में एयर ट्रैफिक कंट्रोलर को दोष देना उचित नहीं होगा, क्योंकि उन्हें मरीन वन की तीन मिनट पहले वाली चेतावनी मिली ही नहीं थी। उनके मुताबिक, जैसे ही कंट्रोलर को हेलीकॉप्टर के उड़ान भरने का पता चला, उन्होंने तुरंत पायलटों को यात्री विमान के बारे में चेतावनी दी। इसके अलावा रीगन एयरपोर्ट पर उतरने वाले एक अन्य विमान को भी लैंडिंग रोककर चक्कर लगाने का निर्देश दिया गया। गुजेट्टी ने कहा कि असली समस्या यह थी कि अधिकारियों को पहले से रेडियो संचार में दिक्कत की जानकारी थी, लेकिन वे इसके मूल कारण तक नहीं पहुंच पाए थे।


गुरुवार को फिर आई रेडियो समस्या
रेडियो संचार की समस्या घटना के बाद भी पूरी तरह खत्म नहीं हुई थी। गुरुवार को भी रीगन एयरपोर्ट के एयर ट्रैफिक कंट्रोलरों को कुछ समय के लिए मरीन वन की आवाज सुनाई नहीं दी। एक कंट्रोलर ने सपोर्ट हेलीकॉप्टर से पूछा कि अगर उसे मरीन वन की आवाज सुनाई दे तो वह कंट्रोलर को बताए। करीब एक मिनट बाद रेडियो संपर्क फिर सामान्य हो गया। हालांकि, इस बार समस्या किस वजह से हुई, यह तत्काल स्पष्ट नहीं हो सका।

यह भी पढ़ें- अमेरिका: 15 साल का डीन रॉय गवर्नर चुनाव में उतरा; खुद वोट देने की उम्र नहीं, फिर भी क्यों ठोकी ताल?

2025 के हादसे के बाद बनाए गए थे नए सुरक्षा नियम
इस घटना को इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि 29 जनवरी 2025 को रीगन एयरपोर्ट के पास एक यात्री विमान और अमेरिकी सेना के ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर की टक्कर में 67 लोगों की मौत हुई थी। उस हादसे के बाद FAA ने नियम बनाया था कि यदि किसी हेलीकॉप्टर का मार्ग एयरपोर्ट पर किसी विमान के मार्ग से टकरा सकता है, तो संबंधित समय में एयरपोर्ट पर विमानों की टेकऑफ और लैंडिंग रोक दी जाएगी। राष्ट्रपति के हेलीकॉप्टर के मामले में तीन मिनट पहले चेतावनी देने की व्यवस्था हालांकि इससे काफी पहले, 2013 में FAA और सेना के बीच हुए समझौते के तहत लागू थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed