US: स्कूल में गोलीबारी पर बाइडन बोले- हम इसे स्वीकार नहीं कर सकते; व्हाइट हाउस ने की कानून सख्त करने की मांग
अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन ने इस बात पर अफसोस जताया कि देश भर में छात्र पढ़ना-लिखना सीखने के बजाय झुकना और छिपना सीख रहे हैं। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि हम इसे सामान्य मानकर स्वीकार नहीं कर सकते हैं।
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अमेरिका में जॉर्जिया के पास अपालाची हाईस्कूल में बुधवार (स्थानीय समयानुसार) को गोलीबारी में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि नौ से अधिक लोग घायल हो गए। इस घटना के पीड़ितों के प्रति व्हाइट हाउस और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने संवेदना व्यक्त की। इसके साथ ही बाइडन ने रिपब्लिकन से बंदूक हिंसा को रोकने के लिए मदद मांगी है। उन्होंने बंदूक सुरक्षा कानून पारित करने के लिए संसद में डेमोक्रेट के साथ मिलकर काम करने का आह्वान किया है।
बंदूक हिंसा हमारे समुदायों को अलग कर रही
बाइडन ने गोलीबारी की घटना को एक और भयावह घटना बताया। उन्होंने कहा, 'जिल और मैं बंदूक हिंसा में गई लोगों की जान का शोक मना रहे हैं। साथ ही उन बचे लोगों के बारे सोच रहे, जिनकी जिंदगी हमेशा के लिए बदल गई। जॉर्जिया के स्कूल में एक खुशहाल माहौल होना चाहिए था, जो अब भयानक याद में बदल गया कि कैसे बंदूक हिंसा हमारे समुदायों को अलग कर रही है।'
हम सामान्य मानकर नहीं चल सकते: बाइडन
अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस बात पर अफसोस जताया कि देश भर में छात्र पढ़ना-लिखना सीखने के बजाय झुकना और छिपना सीख रहे हैं। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि हम इसे सामान्य मानकर नहीं चल सकते। इसे स्वीकार करना जारी नहीं रख सकते। हम संघीय, राज्य और स्थानीय स्तर पर अधिकारियों के साथ समन्वय कर रहे हैं और उनके आभारी हैं, जिन्होंने संदिग्ध को हिरासत में लिया और कई मासूम जानों को बचा लिया।
कुछ करने की जरूरत: व्हाइट हाइस
जॉर्जिया के स्कूल में हुई गोलीबारी की घटना के बाद व्हाइट हाउस ने संसद से कुछ करने का आह्वान किया है। व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव जीन पियरै ने घटना पर दुख जताते हुए कहा, 'हमें वैश्विक पृष्ठभूमि की जांच करने की जरूरत है। हमें हथियारों और उच्च क्षमता वाले मैगजीन पर प्रतिबंध लगाने की आवश्यकता है। इसके अलावा आग्नेयास्त्रों के सुरक्षित भंडारण, रोकथाम कार्यक्रमों में निवेश करने और नेशनल रेड फ्लैग कानून को पारित करने की जरूरत है।'
इन लोगों का भी भड़का गुस्सा
इस बीच, उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने भी गोलीबारी की घटना को क्रूर बताते हुए इसकी निंदा की है। उन्होंने हैम्शायर में कहा, यह बेहद भयावह है कि हर दिन माता-पिता को बच्चों को इस चिंता में स्कूल भेजना पड़ता है कि उनका बच्चा जिंदा घर वापस आएगा भी या नहीं।' वहीं, पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा कि इन पोषित बच्चों को एक बीमार राक्षस ने बहुत जल्दी हमसे छीन लिया।