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जेरेड कुशनर पर दो अरब डॉलर के गुप्त खातों का आरोप: यूएई-सऊदी से लेनदेन का दावा; ट्रंप के दामाद ने क्या कहा?
Fri, 23 Oct 2026 03:48 PM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन।
Published by: निर्मल कांत
Updated Fri, 23 Oct 2026 03:48 PM IST
सार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर पर यूएई, सऊदी अरब और इस्राइल से जुड़े गुप्त खातों में अरबों डॉलर के लेनदेन के आरोप लगे हैं। एक रिपोर्ट में हैक फोन के स्क्रीनशॉट और विदेशी फंडिंग से जुड़े कई दावे किए गए हैं। कुशनर ने आरोपों पर क्या कहा, इस पूरे मामले में क्या सामने आया? पढ़िए इस रिपोर्ट में।
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जेरेड कुशनर
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई
विस्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर ने गुप्त विदेशी बैंक खातों और करोड़ों डॉलर के लेनदेन से जुड़े आरोपों को खारिज किया है। इन आरोपों में इस्राइल, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और सऊदी अरब से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन शामिल हैं।
रिपोर्ट में क्या दावा किया गया है?
वैनिटी फेयर पत्रिका की रिपोर्ट के मुताबिक, डच जांचकर्ताओं को एक ऐसे सर्वर तक पहुंच मिली, जिसका संबंध रूसी सैन्य खुफिया तंत्र से था। यह पहुंच एक रूसी हैकर के जरिये मिली। उसने ब्रिटेन और नीदरलैंड के अधिकारियों के साथ सहयोग करने पर सहमति जताई थी। इस सर्वर में कुशनर के आईफोन के स्क्रीनशॉट मौजूद थे। इनके जरिये जांचकर्ता देख सकते थे कि कुशनर फोन इस्तेमाल करते समय अपनी स्क्रीन पर क्या कर रहे थे।
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रिपोर्ट के मुताबिक, कुशनर यूएई से जुड़े एक बैंक खाते का इस्तेमाल करते थे। इस खाते में अजरबैजान के रास्ते करीब 750 मिलियन डॉलर यानी 75 करोड़ डॉलर भेजे गए थे। यह खाता फर्स्ट अबू धाबी बैंक में था। इसका संबंध वतानी अल एमरात फाउंडेशन से था। यह यूएई सरकार से आर्थिक मदद पाने वाला एक चैरिटी संगठन है। कुशनर इस खाते में अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता थे। हालांकि, यह खाता आधिकारिक तौर पर उनके नाम पर नहीं था।
वैनिटी फेयर को कथित व्यवस्था की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने बताया, जेरेड अपनी कूटनीति में शॉर्टकट तलाश रहे थे। प्रकाशन ने आरोप लगाया कि डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद और सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने कुशनर के साथ विदेश नीति से जुड़े एक फंड में पैसा लगाने पर शुरुआती चर्चा की थी।
रिपोर्ट के अनुसार, यह व्यापक प्रस्ताव योजना के मुताबिक आगे नहीं बढ़ पाया। हालांकि, आरोप लगाया गया कि इसके बाद कम से कम 2 अरब डॉलर दो या उससे अधिक खातों में जमा किए गए। रिपोर्ट में एक सूत्र के हवाले से कहा गया, जेरेड ने मोहम्मद बिन जायद से वादा किया था कि अगर वे एक फंड में हिस्सा लेते हैं, तो वह ट्रंप के साथ उनकी नीतियों को आगे बढ़ाएंगे। वह इस्राइल के साथ संबंध सामान्य करना चाहते थे, ताकि कारोबार शुरू हो सके।
वैनिटी फेयर ने यह भी आरोप लगाया कि करीब एक अरब डॉलर अजरबैजान के रास्ते एक अलग खाते में इस्राइल भेजे गए थे। रिपोर्ट में कहा गया कि इस रकम का कुछ हिस्सा साइप्रस के जरिये भी भेजा गया हो सकता है। हालांकि, प्रकाशन ने स्वीकार किया कि कथित लेनदेन के कुछ पहलुओं की जानकारी अब भी स्पष्ट नहीं है।
पूरे मामले को पांच बिंदुओं में समझिए-
कुशनर ने आरोपों पर क्या कहा?
रिपोर्ट सामने आने के बाद कुशनर ने आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने लेख के लेखक को अपने दावों के समर्थन में सबूत पेश करने की चुनौती दी। उन्होंने कहा, इस लेखक की ओर से लगाए गए आरोप पूरी तरह बेतुके हैं और ऐसा कभी हुआ ही नहीं।
एक्स पर एक पोस्ट में कुशनर ने कहा, इन असाधारण आरोपों के समर्थन में कोई बैंक स्टेटमेंट, वायर ट्रांसफर का रिकॉर्ड, खाता संख्या, लेनदेन की तारीख या अन्य सत्यापन योग्य जानकारी नहीं दी गई।
ये भी पढ़ें: यमन के पास यॉट पर गोलीबारी का मामला: सभी 14 भारतीय नागरिक सुरक्षित, हूतियों ने सऊदी अरब पर लगाया था आरोप
कुशनर ने यह भी कहा कि उन्हें पहले भी कड़ी जांच का सामना करना पड़ा है। इसमें कांग्रेस की जांच और विशेष वकील की ओर से की गई जांच शामिल थीं। उन्होंने दावा किया कि वह स्वेच्छा से 30 घंटे से अधिक समय तक गवाही भी दे चुके हैं। उन्होंने कहा, इनमें से कोई भी आरोप पहले कभी सामने नहीं आया, क्योंकि इनमें बताई गई कोई भी घटना कभी हुई ही नहीं।
उन्होंने इन दावों को 'हैरान करने वाले मनगढ़ंत आरोप' बताया। कुशनर ने आगे कहा, यह पत्रकारिता नहीं है। यह कल्पना, काल्पनिक कहानियों और किसी विचारधारा की वकालत का मिश्रण है। इसे ऐसे व्यक्ति ने लिखा है, जो या तो मानसिक रूप से बहुत परेशान है या फिर किसी गलत इरादे से काम कर रहा है।
कुशनर के वकील ने भी किसी गलत काम में शामिल होने के आरोपों को खारिज किया। रिपोर्ट में जिन अन्य लोगों के नाम लिए गए थे, उन्होंने भी आरोपों के कुछ पहलुओं पर आपत्ति जताई।
इन आरोपों के आधार पर अब तक किसी भी गलत काम की पुष्टि नहीं हुई है। मामले में आगे की जांच स्वतंत्र रूप से सत्यापित किए जा सकने वाले सबूतों पर निर्भर करेगी। साथ ही, जिन लोगों के नाम आरोपों में सामने आए हैं, उनके जवाब और इन आरोपों के बाद कोई औपचारिक जांच शुरू होती है या नहीं, यह भी अहम होगा।
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रिपोर्ट में क्या दावा किया गया है?
वैनिटी फेयर पत्रिका की रिपोर्ट के मुताबिक, डच जांचकर्ताओं को एक ऐसे सर्वर तक पहुंच मिली, जिसका संबंध रूसी सैन्य खुफिया तंत्र से था। यह पहुंच एक रूसी हैकर के जरिये मिली। उसने ब्रिटेन और नीदरलैंड के अधिकारियों के साथ सहयोग करने पर सहमति जताई थी। इस सर्वर में कुशनर के आईफोन के स्क्रीनशॉट मौजूद थे। इनके जरिये जांचकर्ता देख सकते थे कि कुशनर फोन इस्तेमाल करते समय अपनी स्क्रीन पर क्या कर रहे थे।
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रिपोर्ट के मुताबिक, कुशनर यूएई से जुड़े एक बैंक खाते का इस्तेमाल करते थे। इस खाते में अजरबैजान के रास्ते करीब 750 मिलियन डॉलर यानी 75 करोड़ डॉलर भेजे गए थे। यह खाता फर्स्ट अबू धाबी बैंक में था। इसका संबंध वतानी अल एमरात फाउंडेशन से था। यह यूएई सरकार से आर्थिक मदद पाने वाला एक चैरिटी संगठन है। कुशनर इस खाते में अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता थे। हालांकि, यह खाता आधिकारिक तौर पर उनके नाम पर नहीं था।
वैनिटी फेयर को कथित व्यवस्था की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने बताया, जेरेड अपनी कूटनीति में शॉर्टकट तलाश रहे थे। प्रकाशन ने आरोप लगाया कि डोनाल्ड ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद और सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने कुशनर के साथ विदेश नीति से जुड़े एक फंड में पैसा लगाने पर शुरुआती चर्चा की थी।
रिपोर्ट के अनुसार, यह व्यापक प्रस्ताव योजना के मुताबिक आगे नहीं बढ़ पाया। हालांकि, आरोप लगाया गया कि इसके बाद कम से कम 2 अरब डॉलर दो या उससे अधिक खातों में जमा किए गए। रिपोर्ट में एक सूत्र के हवाले से कहा गया, जेरेड ने मोहम्मद बिन जायद से वादा किया था कि अगर वे एक फंड में हिस्सा लेते हैं, तो वह ट्रंप के साथ उनकी नीतियों को आगे बढ़ाएंगे। वह इस्राइल के साथ संबंध सामान्य करना चाहते थे, ताकि कारोबार शुरू हो सके।
वैनिटी फेयर ने यह भी आरोप लगाया कि करीब एक अरब डॉलर अजरबैजान के रास्ते एक अलग खाते में इस्राइल भेजे गए थे। रिपोर्ट में कहा गया कि इस रकम का कुछ हिस्सा साइप्रस के जरिये भी भेजा गया हो सकता है। हालांकि, प्रकाशन ने स्वीकार किया कि कथित लेनदेन के कुछ पहलुओं की जानकारी अब भी स्पष्ट नहीं है।
पूरे मामले को पांच बिंदुओं में समझिए-
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर पर एक रिपोर्ट में विदेशों से जुड़े गुप्त बैंक खातों में अरबों डॉलर के लेनदेन के आरोप लगाए गए हैं।
- रिपोर्ट के मुताबिक, इन पैसों का संबंध संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), सऊदी अरब और इस्राइल से था। एक खाते में करीब 75 करोड़ डॉलर आने का दावा भी किया गया।
- रिपोर्ट में कहा गया कि जांचकर्ताओं को एक रूसी हैकर के जरिये कुशनर के आईफोन के स्क्रीनशॉट मिले थे।
- कुशनर ने इन सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि रिपोर्ट में दिए गए दावों के समर्थन में कोई ठोस सबूत नहीं है।
- अहम बात यह है कि अब तक इन आरोपों के आधार पर किसी गलत काम की पुष्टि नहीं हुई है। रिपोर्ट में किए गए दावों की सच्चाई स्वतंत्र सबूतों से साबित होना बाकी है।
कुशनर ने आरोपों पर क्या कहा?
रिपोर्ट सामने आने के बाद कुशनर ने आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने लेख के लेखक को अपने दावों के समर्थन में सबूत पेश करने की चुनौती दी। उन्होंने कहा, इस लेखक की ओर से लगाए गए आरोप पूरी तरह बेतुके हैं और ऐसा कभी हुआ ही नहीं।
एक्स पर एक पोस्ट में कुशनर ने कहा, इन असाधारण आरोपों के समर्थन में कोई बैंक स्टेटमेंट, वायर ट्रांसफर का रिकॉर्ड, खाता संख्या, लेनदेन की तारीख या अन्य सत्यापन योग्य जानकारी नहीं दी गई।
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कुशनर ने यह भी कहा कि उन्हें पहले भी कड़ी जांच का सामना करना पड़ा है। इसमें कांग्रेस की जांच और विशेष वकील की ओर से की गई जांच शामिल थीं। उन्होंने दावा किया कि वह स्वेच्छा से 30 घंटे से अधिक समय तक गवाही भी दे चुके हैं। उन्होंने कहा, इनमें से कोई भी आरोप पहले कभी सामने नहीं आया, क्योंकि इनमें बताई गई कोई भी घटना कभी हुई ही नहीं।
उन्होंने इन दावों को 'हैरान करने वाले मनगढ़ंत आरोप' बताया। कुशनर ने आगे कहा, यह पत्रकारिता नहीं है। यह कल्पना, काल्पनिक कहानियों और किसी विचारधारा की वकालत का मिश्रण है। इसे ऐसे व्यक्ति ने लिखा है, जो या तो मानसिक रूप से बहुत परेशान है या फिर किसी गलत इरादे से काम कर रहा है।
कुशनर के वकील ने भी किसी गलत काम में शामिल होने के आरोपों को खारिज किया। रिपोर्ट में जिन अन्य लोगों के नाम लिए गए थे, उन्होंने भी आरोपों के कुछ पहलुओं पर आपत्ति जताई।
इन आरोपों के आधार पर अब तक किसी भी गलत काम की पुष्टि नहीं हुई है। मामले में आगे की जांच स्वतंत्र रूप से सत्यापित किए जा सकने वाले सबूतों पर निर्भर करेगी। साथ ही, जिन लोगों के नाम आरोपों में सामने आए हैं, उनके जवाब और इन आरोपों के बाद कोई औपचारिक जांच शुरू होती है या नहीं, यह भी अहम होगा।