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West Bank Tension: वेस्ट बैंक में इस्राइली सेना के बेस पर उपद्रव, अवैध रूप से बसने वाले यहूदियों का हंगामा
Mon, 30 Jun 2025 05:43 PM IST
पवन पांडेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेल अवीव
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेल अवीव
Published by: पवन पांडेय
Updated Mon, 30 Jun 2025 05:43 PM IST
सार
West Bank Tension: यह हिंसा उस वक्त हुई जब पिछले कुछ दिनों में वेस्ट बैंक में कई यहूदी सेटलर्स ने फलस्तीनियों पर हमले किए और इस्राइली सुरक्षा बलों ने इन हिंसक सेटलर्स को गिरफ्तार किया। इस गिरफ्तारी से नाराज होकर कुछ सेटलर्स ने मिलिट्री बेस पर हमला बोल दिया।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
विस्तार
इस्राइल के कब्जे वाले वेस्ट बैंक इलाके में दर्जनों अवैध यहूदियों ( जिन्हें अंग्रेजी भाषा में सेटलर्स कहा जाता है) ने रविवार रात एक सैन्य अड्डे में घुसकर भारी उपद्रव मचाया है। इस्राइली सेना के अनुसार, इन लोगों ने सेना के वाहनों में तोड़फोड़ की, आगजनी की, दीवारों पर भड़काऊ नारे लिखे और सैनिकों पर हमला किया।
कफर मलिक गांव में हमला और मौतें
बुधवार को 100 से ज्यादा सेटलर्स वेस्ट बैंक के कफर मलिक गांव में घुस आए। उन्होंने वहां की संपत्ति में आग लगाई और फलस्तीनियों पर गोलियां चलाईं। गांव के मुखिया नजीब रोस्तम के मुताबिक, जब स्थानीय लोग विरोध करने आए तो उन्हें भी निशाना बनाया गया। इस हिंसा में तीन फलस्तीनी मारे गए। बाद में इस्राइली सेना ने हस्तक्षेप किया और पांच सेटलर्स को गिरफ्तार किया।
यह भी पढ़ें - India US Trade Deal: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बनी सहमति; ट्रंप की समयसीमा से एक दिन पहले हो सकता है एलान
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नेतन्याहू और अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया
वहीं इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, 'कोई भी सभ्य देश सेना के खिलाफ इस तरह की हिंसा और अराजकता को बर्दाश्त नहीं कर सकता।' इस्राइल के सुरक्षा मंत्री इतमार बेन-ग्विर, जो आमतौर पर सेटलर्स का बचाव करते हैं, उन्होंने भी इस बार हमले की आलोचना की और कहा, 'सेना पर हमला एक लाल रेखा है। इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।' विपक्षी नेता येर लेपिड ने इन उपद्रवियों को यहूदी आतंकवादी और अपराधी गिरोह कहा, जो मौजूदा सरकार से समर्थन महसूस करते हैं।
'हिलटॉप यूथ' की भूमिका
मीडिया में जो वीडियो सामने आए हैं, उनमें 'हिलटॉप यूथ' नाम के यहूदी युवाओं को देखा गया है। ये युवा अक्सर वेस्ट बैंक की पहाड़ियों पर अवैध रूप से कब्जा करते हैं और फलस्तीनियों पर हमलों के लिए बदनाम हैं। इस बार भी उन्होंने बेस के बाहर जमा होकर सेना पर हमला किया। वीडियो में सुरक्षा बलों को स्टन ग्रेनेड का इस्तेमाल करते देखा गया।
वेस्ट बैंक में तनाव क्यों?
इस्राइल ने 1967 के मिडल ईस्ट युद्ध में वेस्ट बैंक, गाजा और ईस्ट यरूशलम पर कब्जा कर लिया था। फलस्तीनी इन तीनों को मिलाकर अपना भविष्य का स्वतंत्र देश बनाना चाहते हैं। वेस्ट बैंक में लगभग 30 लाख फलस्तीनी रहते हैं, जो इस्राइली सैन्य नियंत्रण में हैं। वहीं, करीब 5 लाख यहूदी सेटलर्स वहां बसे हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इन यहूदी बस्तियों को अवैध मानता है।
यह भी पढ़ें - India US Trade Deal: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर बनी सहमति; ट्रंप की समयसीमा से एक दिन पहले हो सकता है एलान
बढ़ती असुरक्षा और राजनीतिक टकराव
इस्राइल का कहना है कि वेस्ट बैंक से उसके नागरिकों को खतरा बढ़ रहा है, वहीं फलस्तीनी लंबे समय से बढ़ती जांच चौकियों और देरी की शिकायत करते हैं। रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज ने कहा है कि ऐसे उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और इस हिंसा को जड़ से खत्म किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा बलों में शामिल कई जवान थके हुए आरक्षित सैनिक हैं, और उन पर हमला करना गंभीर अपराध है।
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कफर मलिक गांव में हमला और मौतें
बुधवार को 100 से ज्यादा सेटलर्स वेस्ट बैंक के कफर मलिक गांव में घुस आए। उन्होंने वहां की संपत्ति में आग लगाई और फलस्तीनियों पर गोलियां चलाईं। गांव के मुखिया नजीब रोस्तम के मुताबिक, जब स्थानीय लोग विरोध करने आए तो उन्हें भी निशाना बनाया गया। इस हिंसा में तीन फलस्तीनी मारे गए। बाद में इस्राइली सेना ने हस्तक्षेप किया और पांच सेटलर्स को गिरफ्तार किया।
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नेतन्याहू और अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया
वहीं इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, 'कोई भी सभ्य देश सेना के खिलाफ इस तरह की हिंसा और अराजकता को बर्दाश्त नहीं कर सकता।' इस्राइल के सुरक्षा मंत्री इतमार बेन-ग्विर, जो आमतौर पर सेटलर्स का बचाव करते हैं, उन्होंने भी इस बार हमले की आलोचना की और कहा, 'सेना पर हमला एक लाल रेखा है। इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।' विपक्षी नेता येर लेपिड ने इन उपद्रवियों को यहूदी आतंकवादी और अपराधी गिरोह कहा, जो मौजूदा सरकार से समर्थन महसूस करते हैं।
'हिलटॉप यूथ' की भूमिका
मीडिया में जो वीडियो सामने आए हैं, उनमें 'हिलटॉप यूथ' नाम के यहूदी युवाओं को देखा गया है। ये युवा अक्सर वेस्ट बैंक की पहाड़ियों पर अवैध रूप से कब्जा करते हैं और फलस्तीनियों पर हमलों के लिए बदनाम हैं। इस बार भी उन्होंने बेस के बाहर जमा होकर सेना पर हमला किया। वीडियो में सुरक्षा बलों को स्टन ग्रेनेड का इस्तेमाल करते देखा गया।
वेस्ट बैंक में तनाव क्यों?
इस्राइल ने 1967 के मिडल ईस्ट युद्ध में वेस्ट बैंक, गाजा और ईस्ट यरूशलम पर कब्जा कर लिया था। फलस्तीनी इन तीनों को मिलाकर अपना भविष्य का स्वतंत्र देश बनाना चाहते हैं। वेस्ट बैंक में लगभग 30 लाख फलस्तीनी रहते हैं, जो इस्राइली सैन्य नियंत्रण में हैं। वहीं, करीब 5 लाख यहूदी सेटलर्स वहां बसे हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इन यहूदी बस्तियों को अवैध मानता है।
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बढ़ती असुरक्षा और राजनीतिक टकराव
इस्राइल का कहना है कि वेस्ट बैंक से उसके नागरिकों को खतरा बढ़ रहा है, वहीं फलस्तीनी लंबे समय से बढ़ती जांच चौकियों और देरी की शिकायत करते हैं। रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज ने कहा है कि ऐसे उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और इस हिंसा को जड़ से खत्म किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा बलों में शामिल कई जवान थके हुए आरक्षित सैनिक हैं, और उन पर हमला करना गंभीर अपराध है।