{"_id":"69ed599b68c87da2ea0be185","slug":"west-asia-war-iran-foreign-minister-araghchi-likely-to-revisit-pakistan-after-oman-trip-us-iran-peace-talk-2026-04-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"US-ईरान शांति वार्ता पर ग्रहण: अराघची फिर जा सकते हैं PAK, अमेरिकी दल का दौरा निरस्त; जानें ट्रंप ने क्या कहा","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
US-ईरान शांति वार्ता पर ग्रहण: अराघची फिर जा सकते हैं PAK, अमेरिकी दल का दौरा निरस्त; जानें ट्रंप ने क्या कहा
Sun, 26 Apr 2026 05:47 AM IST
अमन तिवारी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: अमन तिवारी
Updated Sun, 26 Apr 2026 05:47 AM IST
सार
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची पाकिस्तान और रूस के दौरे पर जा सकते हैं, जहां वे जारी संघर्ष को खत्म करने के प्रयासों पर चर्चा करेंगे। अमेरिका के साथ तनाव के बीच पाकिस्तान मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है, जबकि ट्रंप प्रशासन ने बातचीत को लेकर सख्त रुख अपनाया है।
विज्ञापन
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची
- फोटो : ANI/Reuters
विस्तार
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची एक बार फिर पाकिस्तान जा सकते हैं। वह अभी ओमान में हैं और वहां से लौटने के बाद उनके इस्लामाबाद जाने की संभावना है। इसके बाद वह रूस की यात्रा करेंगे। अराघची ने हाल ही में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर से मुलाकात की थी। इस दौरान ईरान ने आठ हफ्तों से चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए एक नया फॉर्मूला पेश किया है।
ईरानी मंत्री ने कहा कि उन्होंने शांति का रास्ता बता दिया है, लेकिन उन्हें अमेरिका की नीयत पर शक है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने अमेरिका और इस्राइल के लिए अपनी मांगों की एक आधिकारिक सूची भी सौंपी है। अराघची ओमान के रास्ते अमेरिका के साथ संपर्क साधने की कोशिश कर रहे हैं। अपनी रूस यात्रा के दौरान वह मॉस्को को इस्लामाबाद वार्ता की प्रगति के बारे में जानकारी देंगे।
दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने खास दूतों जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ का पाकिस्तान दौरा अचानक रद्द कर दिया है। ये दोनों अधिकारी ईरान के साथ बातचीत के लिए इस्लामाबाद जाने वाले थे। ट्रंप ने इसके पीछे लंबी यात्रा, भारी खर्च और ईरान की ओर से बड़े नेताओं की कमी को वजह बताया। ट्रंप ने कहा कि वह फिजूलखर्ची पसंद नहीं करते। उन्होंने यह भी कहा कि वह अपने अधिकारियों को 18 घंटे की लंबी यात्रा पर सिर्फ उन लोगों से मिलने नहीं भेजेंगे जिन्हें कोई नहीं जानता।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: Hormuz Mines: होर्मुज से बारूदी सुरंगें हटाने में लगेंगे छह महीने, ट्रंप के आदेश पर अमेरिकी सेना तलाश में जुटी
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अमेरिका के पास बातचीत के लिए मजबूत स्थिति है। उन्होंने दावा किया कि जैसे ही उन्होंने दौरा रद्द किया, उसके 10 मिनट के भीतर ईरान ने एक नया और बेहतर प्रस्ताव भेज दिया। ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होना चाहिए। जब उनसे युद्धविराम के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि अभी इस बारे में कुछ नहीं सोचा है।
पाकिस्तान इस विवाद में मध्यस्थ बनने की कोशिश कर रहा है, लेकिन उसे लगातार झटके लग रहे हैं। इससे पहले अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरानी नेताओं के बीच इस्लामाबाद में हुई 20 घंटे की बातचीत भी बेनतीजा रही थी।
अन्य वीडियो-
विज्ञापन
ईरानी मंत्री ने कहा कि उन्होंने शांति का रास्ता बता दिया है, लेकिन उन्हें अमेरिका की नीयत पर शक है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने अमेरिका और इस्राइल के लिए अपनी मांगों की एक आधिकारिक सूची भी सौंपी है। अराघची ओमान के रास्ते अमेरिका के साथ संपर्क साधने की कोशिश कर रहे हैं। अपनी रूस यात्रा के दौरान वह मॉस्को को इस्लामाबाद वार्ता की प्रगति के बारे में जानकारी देंगे।
विज्ञापन
दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने खास दूतों जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ का पाकिस्तान दौरा अचानक रद्द कर दिया है। ये दोनों अधिकारी ईरान के साथ बातचीत के लिए इस्लामाबाद जाने वाले थे। ट्रंप ने इसके पीछे लंबी यात्रा, भारी खर्च और ईरान की ओर से बड़े नेताओं की कमी को वजह बताया। ट्रंप ने कहा कि वह फिजूलखर्ची पसंद नहीं करते। उन्होंने यह भी कहा कि वह अपने अधिकारियों को 18 घंटे की लंबी यात्रा पर सिर्फ उन लोगों से मिलने नहीं भेजेंगे जिन्हें कोई नहीं जानता।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: Hormuz Mines: होर्मुज से बारूदी सुरंगें हटाने में लगेंगे छह महीने, ट्रंप के आदेश पर अमेरिकी सेना तलाश में जुटी
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अमेरिका के पास बातचीत के लिए मजबूत स्थिति है। उन्होंने दावा किया कि जैसे ही उन्होंने दौरा रद्द किया, उसके 10 मिनट के भीतर ईरान ने एक नया और बेहतर प्रस्ताव भेज दिया। ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होना चाहिए। जब उनसे युद्धविराम के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि अभी इस बारे में कुछ नहीं सोचा है।
पाकिस्तान इस विवाद में मध्यस्थ बनने की कोशिश कर रहा है, लेकिन उसे लगातार झटके लग रहे हैं। इससे पहले अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरानी नेताओं के बीच इस्लामाबाद में हुई 20 घंटे की बातचीत भी बेनतीजा रही थी।
अन्य वीडियो-
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन