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Hormuz Mines: होर्मुज से बारूदी सुरंगें हटाने में लगेंगे छह महीने, ट्रंप के आदेश पर अमेरिकी सेना तलाश में जुटी
Sun, 26 Apr 2026 05:12 AM IST
Devesh Tripathi
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: Devesh Tripathi
Updated Sun, 26 Apr 2026 05:12 AM IST
सार
बारूदी सुरंगों को हटाना एक बेहद मेहनत भरा काम है। अमेरिकी सेना के पूर्व अधिकारियों और इस मामले के विशेषज्ञों के मुताबिक, बारूदी सुरंगों को हटाना एक धीमी प्रक्रिया है जो आमतौर पर किसी संघर्ष के बाद होती है। उनके मुताबिक, बारूदी सुरंगों की खोज करना, अपने बगीचे में एक-एक करके खरपतवार को उखाड़ने जैसा है।
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होर्मुज जलडमरूमध्य में बारूदी सुरंगें तलाशते अमेरिकी सैनिक
- फोटो : अमर उजाला प्रिंट
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विस्तार
पश्चिम एशिया में संघर्ष के दौरान ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में बारूदी सुरंगे बिछाकर उसे बेहद खतरनाक बना दिया है। खुद ईरानी सेना को भी नहीं पता कि बारूदी सुरंगें कहां-कहां हैं। अमेरिकी सेना अब अपने विशेष पोतों के जरिये बारूदी सुरंगें हटाने के अभियान में जुटी है। पेंटागन ने कहा है कि इस काम में छह महीने तक का समय लग सकता है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रयास को तीन गुना करने का आदेश दिया है।
होर्मुज जलमार्ग से दुनिया के 20% तेल का परिवहन होता है। इसके बाधित होने से वैश्विक अर्थव्यवस्था खतरे में है। ऊर्जा की बढ़ती कीमतें और व्यापक आर्थिक प्रभाव ट्रंप प्रशासन के लिए राजनीतिक जोखिम पैदा कर रहे हैं, जहां नवंबर में मध्यावधि चुनाव होने हैं। हालांकि, इसके नतीजों से ट्रंप प्रशासन को कोई खतरा नहीं है, लेकिन संसद में उसके प्रभाव पर असर पड़ सकता है।
बारूदी सुरंगें हटाने में लगेगा छह महीनों का समय
हाल ही में अमेरिकी संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा की सशस्त्र सेवा समिति को दी गई एक गोपनीय ब्रीफिंग में, पेंटागन के अधिकारियों ने बारूदी सुरंगों को हटाने में छह महीने का समय लगने का अनुमान पेश किया। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने इस आंकड़े की पुष्टि से इन्कार किया, लेकिन इसे नकारा भी नहीं। उन्होंने कहा, सेना को अपनी क्षमता पर पूरा भरोसा है कि वह उचित समय सीमा में बारूदी सुरंगें हटा देगी।
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ट्रंप ने दो दिन पहले ही कहा कि अमेरिकी माइनस्वीपर पहले से ही जलडमरूमध्य को साफ कर रहे हैं। उन्होंने इस गतिविधि को तीन गुना स्तर पर जारी रखने का आदेश दिया है। उन्होंने नौसेना को स्ट्रेट में बारूदी सुरंगें बिछाने वाली किसी भी नाव पर हमला करने का अलग से आदेश दिया है।
बारूदी सुरंगों को हटाना एक धीमी प्रक्रिया
बारूदी सुरंगों को हटाना एक बेहद मेहनत भरा काम है। अमेरिकी सेना के पूर्व अधिकारियों और इस मामले के विशेषज्ञों के मुताबिक, बारूदी सुरंगों को हटाना एक धीमी प्रक्रिया है जो आमतौर पर किसी संघर्ष के बाद होती है। उनके मुताबिक, बारूदी सुरंगों की खोज करना, अपने बगीचे में एक-एक करके खरपतवार को उखाड़ने जैसा है। बारूदी सुरंगों को हटाना घास काटने जैसा है।
हालांकि, इनका यह भी कहना है कि हर एक बारूदी सुरंग को हटाना अनिवार्य नहीं है। अभी भी कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जिन्हें द्वितीय विश्व युद्ध और कुछ मामलों में प्रथम विश्व युद्ध के अवशेषों से मुक्त नहीं किया जा सका है, क्योंकि यह काम संसाधनों की अत्यधिक खपत और समय लेने वाला है।
अमेरिकी नौसेना क्या कर रही?
अमेरिका के एक रक्षा अधिकारी ने मीडिया को बताया कि अमेरिकी नौसेना के पास पश्चिम एशिया में फिलहाल दो तटीय युद्धपोत हैं जो बारूदी सुरंगों की खोज करने में सक्षम हैं। जापान में तैनात दो अमेरिकी एवेंजर-श्रेणी के बारूदी सुरंग हटाने वाले जहाज भी पश्चिम एशिया रवाना हो चुके हैं। इस बात का कोई संकेत नहीं है कि अमेरिकी सेना फिलहाल होर्मुज में अपने युद्धपोतों का उपयोग कर रही है या नहीं।
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होर्मुज जलमार्ग से दुनिया के 20% तेल का परिवहन होता है। इसके बाधित होने से वैश्विक अर्थव्यवस्था खतरे में है। ऊर्जा की बढ़ती कीमतें और व्यापक आर्थिक प्रभाव ट्रंप प्रशासन के लिए राजनीतिक जोखिम पैदा कर रहे हैं, जहां नवंबर में मध्यावधि चुनाव होने हैं। हालांकि, इसके नतीजों से ट्रंप प्रशासन को कोई खतरा नहीं है, लेकिन संसद में उसके प्रभाव पर असर पड़ सकता है।
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बारूदी सुरंगें हटाने में लगेगा छह महीनों का समय
हाल ही में अमेरिकी संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा की सशस्त्र सेवा समिति को दी गई एक गोपनीय ब्रीफिंग में, पेंटागन के अधिकारियों ने बारूदी सुरंगों को हटाने में छह महीने का समय लगने का अनुमान पेश किया। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने इस आंकड़े की पुष्टि से इन्कार किया, लेकिन इसे नकारा भी नहीं। उन्होंने कहा, सेना को अपनी क्षमता पर पूरा भरोसा है कि वह उचित समय सीमा में बारूदी सुरंगें हटा देगी।
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ट्रंप ने दो दिन पहले ही कहा कि अमेरिकी माइनस्वीपर पहले से ही जलडमरूमध्य को साफ कर रहे हैं। उन्होंने इस गतिविधि को तीन गुना स्तर पर जारी रखने का आदेश दिया है। उन्होंने नौसेना को स्ट्रेट में बारूदी सुरंगें बिछाने वाली किसी भी नाव पर हमला करने का अलग से आदेश दिया है।
बारूदी सुरंगों को हटाना एक धीमी प्रक्रिया
बारूदी सुरंगों को हटाना एक बेहद मेहनत भरा काम है। अमेरिकी सेना के पूर्व अधिकारियों और इस मामले के विशेषज्ञों के मुताबिक, बारूदी सुरंगों को हटाना एक धीमी प्रक्रिया है जो आमतौर पर किसी संघर्ष के बाद होती है। उनके मुताबिक, बारूदी सुरंगों की खोज करना, अपने बगीचे में एक-एक करके खरपतवार को उखाड़ने जैसा है। बारूदी सुरंगों को हटाना घास काटने जैसा है।
हालांकि, इनका यह भी कहना है कि हर एक बारूदी सुरंग को हटाना अनिवार्य नहीं है। अभी भी कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जिन्हें द्वितीय विश्व युद्ध और कुछ मामलों में प्रथम विश्व युद्ध के अवशेषों से मुक्त नहीं किया जा सका है, क्योंकि यह काम संसाधनों की अत्यधिक खपत और समय लेने वाला है।
अमेरिकी नौसेना क्या कर रही?
अमेरिका के एक रक्षा अधिकारी ने मीडिया को बताया कि अमेरिकी नौसेना के पास पश्चिम एशिया में फिलहाल दो तटीय युद्धपोत हैं जो बारूदी सुरंगों की खोज करने में सक्षम हैं। जापान में तैनात दो अमेरिकी एवेंजर-श्रेणी के बारूदी सुरंग हटाने वाले जहाज भी पश्चिम एशिया रवाना हो चुके हैं। इस बात का कोई संकेत नहीं है कि अमेरिकी सेना फिलहाल होर्मुज में अपने युद्धपोतों का उपयोग कर रही है या नहीं।
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