US-Iran Ties: अमेरिका ने ईरानी तेल निर्यात पर फिर लगाया प्रतिबंध; तेहरान बोला- संकट का कूटनीतिक समाधान खोजेंगे
अमेरिका ने ईरानी तेल निर्यात पर फिर प्रतिबंध लगा दिया है। बता दें कि पश्चिम एशिया में इस्राइल के साथ टकराव के कारण उपजे तनाव के बाद दोनों देशों ने सीजफायर पर सहमति जताई। अब युद्ध विराम के 12 दिन बाद अमेरिका ने 'तेल निर्यात प्रतिबंधित करने' का फैसला लिया है। ईरान ने कहा है कि वह संकट का कूटनीतिक समाधान खोजेगा।
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इस्राइल और ईरान के बीच युद्घ विराम के 12 दिन बाद अमेरिका ने ईरानी तेल निर्यात पर फिर प्रतिबंध लगाया है। इसे तेहरान के ऊर्जा क्षेत्र के खिलाफ अमेरिका की पहली कार्रवाई बताई जा रही है। बृहस्पतिवार को घोषित प्रतिबंधों के निशाने पर इराकी व्यवसायी सलीम अहमद सईद और उनकी संयुक्त अरब अमीरात स्थित कंपनी है, जिस पर अमेरिका ने इराकी तेल के साथ ईरानी तेल की तस्करी का आरोप लगाया है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा, ईरान के व्यवहार ने उसे तबाह कर दिया है, जबकि उसके पास शांति चुनने का हर अवसर था, उसके नेताओं ने उग्रवाद को चुना।
संकट का कूटनीतिक समाधान खोजेंगे: ईरानी विदेश मंत्रालय का बयान
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एस्माईल बाघई ने सुझाव दिया कि ईरान इस संकट का कूटनीतिक समाधान खोजने के लिए ओमान और कतर के माध्यम से अमेरिका के साथ अप्रत्यक्ष संपर्क में है। बाघई ने कहा, कूटनीति का दुरुपयोग नहीं किया जाना चाहिए या इसे धोखे के साधन के रूप में या अपने विरोधियों के खिलाफ मनोवैज्ञानिक युद्ध के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, तेहरान को लगता है कि उसके कूटनीतिक प्रयासों के साथ विश्वासघात किया गया है।
राजस्व स्रोतों को नुकसान पहुंचाते रहेंगेः ट्रेजरी सचिव
स्कॉट बेसेंट ने कहा, अमेरिका तेहरान के राजस्व स्रोतों को नुकसान पहुंचाता रहेगा, ताकि उसकी वित्तीय स्थिति बिगड़े और देश में अस्थिरता को बढ़ावा मिले। इससे पहले 24 जून को युद्ध विराम के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि चीन ईरानी तेल खरीद सकता है, जिससे यह संकेत मिला कि अमेरिका तेहरान के ऊर्जा निर्यात पर अपने प्रतिबंध हटा सकता है, लेकिन यह वादा अधिक दिन नहीं चला।
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अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने सीजफायर का किया था एलान
बता दें कि 12 दिनों तक चले मिसाइलों के ताबड़तोड़ हमलों और गोलाबारी के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने बीते 24 जून को कहा, इस्राइल और ईरान के बीच युद्धविराम को लेकर सहमति बन गई है। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा, 'अब से लगभग 6 घंटे बाद, जब इस्राइल और ईरान अपने अंतिम मिशनों को पूरा कर लेंगे, युद्ध समाप्त माना जाएगा।' उन्होंने कहा था कि आधिकारिक तौर पर, ईरान युद्ध विराम की शुरुआत करेगा। इसके 12 घंटे बाद इस्राइल युद्ध विराम करेगा। 24 घंटे बाद 12 दिवसीय युद्ध का आधिकारिक अंत हो जाएगा, जिसे पूरी दुनिया सलाम करेगी। अमेरिकी राष्ट्रपति के मुताबिक युद्ध विराम के दौरान, दूसरा पक्ष शांतिपूर्ण और सम्मानजनक बर्ताव करेगा।
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खामनेई के तेवर आक्रामक
सीजफायर के दो ही दिनों के बाद ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई ने कहा, उनके देश ने 'अमेरिका के चेहरे पर तमाचा मारा है।' उन्होंने भविष्य में होने वाले किसी भी अमेरिकी हमले के खिलाफ चेतावनी भी दी। उनकी यह टिप्पणी इसलिए अहम है क्योंकि 12 दिनों के वार-पलटवार के बाद इस्राइल के साथ संघर्षविराम हुआ और अब खामनेई ने पहली सार्वजनिक टिप्पणी की