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Gaza Cease-Fire: युद्ध विराम के लिए नए दौर की शांति वार्ता; अब तक 40 हजार से ज्यादा फलस्तीनियों की जा चुकी जान

Thu, 15 Aug 2024 05:46 PM IST
ज्योति भास्कर वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दोहा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दोहा Published by: ज्योति भास्कर Updated Thu, 15 Aug 2024 05:46 PM IST
सार

गाजा में मानवीय संकट के बीच अमेरिका, कतर और मिस्र जैसे मध्यस्थ देश शांति वार्ता की पहल कर रहे हैं। बीते 10 महीने से जारी हिंसक संघर्ष में 40 हजार से अधिक मौतों के बाद नए दौर की शांति वार्ता की पहल की जा रही है। अमेरिका वार्ता का मुख्य घटक है। ताजा घटनाक्रम में व्हाइट हाउस की तरफ से जारी बयान में कहा गया, इस्राइल-हमास युद्ध को रोकने के मकसद से दोहा में वार्ता का एक और दौर फिर से शुरू हो गया है। बातचीत शुक्रवार तक चलने की संभावना है।

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West Asia Unrest Gaza Humanitarian Crisis Mediators to hold new talk for cease-fire
गाजा में चल रहे युद्ध के बीच हमलों से नष्ट घर - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

पश्चिम एशिया में इस्राइल और हमास के हिंसक संघर्ष की मार झेल रहे गाजा में अभूतपूर्व मानवीय संकट को दूर करने के मकसद से अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता के प्रयास जारी हैं। बंधकों की रिहाई सुनिश्चित करने और 10 महीने से अधिक समय से जारी इस्राइल-हमास युद्ध को खत्म करने के मकसद से गुरुवार को वार्ता के नए दौर के लिए सहमति बनी। समाचार एजेंसी एपी की तरफ से जारी रिपोर्ट के मुताबिक दोहा में शुरू वार्ता का नया दौर शुक्रवार तक जारी रहने की संभावना है। व्हाइट हाउस का कहना है कि बातचीत का मकसद इस्राइल-हमास युद्ध को रोकना है।
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बीते 10 महीने में 40 हजार से अधिक मौतें; फलस्तीनी जनता पर अधिक मार
बता दें कि बीते 10 महीने से जारी गोलीबारी के दौरान अब तक 40 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। मानवीय त्रासदी पर अमेरिका, कतर और मिस्र जैसे देश चिंता जता चुके हैं। हिंसक संघर्ष में फलस्तीन की जनता सबसे अधिक प्रभावित हुई है।
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युद्धविराम के प्रस्ताव पर सैद्धांतिक सहमति; तीन देश मध्यस्थ, हमास पर नजरें
खबरों के मुताबिक लगातार हताहत हो रहे फलस्तीनी लोगों को राहत पहुंचाने के मकसद से अमेरिका, कतर और मिस्र के मध्यस्थ इस्राइली प्रतिनिधिमंडल से मिलने वाले हैं। हालांकि, हमास ने यह साफ नहीं किया है कि वह युद्धविराम की ताजा कवायद और शांति वार्ता का हिस्सा बनेगा या नहीं। पिछली बार युद्धविराम के प्रस्ताव पर सैद्धांतिक सहमति जताने वाले हमास ने आरोप लगाया है कि इस्राइल ने पिछले प्रस्ताव में नई मांगें जोड़ दी हैं। बता दें कि इस्राइल को अमेरिका समेत कई देशों का अंतरराष्ट्रीय समर्थन हासिल है।


माथापच्ची के बाद बनी तीन चरणों वाली युद्धविराम योजना
बीते साल सात अक्तूबर को हमास के हमलों के बाद तिलमिलाए इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमास को नेस्तनाबूंद करने की कसम खाई है। उन्होंने कई मौकों पर कहा है कि इस्राइल सेना (IDF) के जवान हमास को जड़ से मिटाने तक चैन की सांस नहीं लेंगे। इसी बीच मध्यस्थता कर रहे देशों के अधिकारियों ने काफी माथापच्ची के बाद तीन चरणों वाली युद्धविराम योजना को अंतिम रूप दिया है। शर्तों में हमास के कब्जे से बंधकों की रिहाई, इस्राइली कैद में बंद फलस्तीनी लोगों की मुक्ति प्रमुख हैं। बीते 31 मई को अमेरिकी राष्ट्रपति दजो बाइडन ने इन शर्तों का एलान किया था जिस पर दोनों पक्ष सैद्धांतिक रूप से इन बातों पर सहमत भी हैं। हालांकि, इस्राइल और हमास ने एक दूसरे पर कई शर्तें थोपने के आरोप लगाते हुए कहा है कि नई शर्तें अस्वीकार्य हैं।

पश्चिम एशिया में शांति बहाली की आस; ईरान और हिजबुल्ला के रूख चिंताजनक
मथ्यस्थता की प्रक्रिया से जुड़े लोगों और तीनों देशों के राजनयिकों को उम्मीद है की शांति वार्ता की ताजा पहल के बाद गाजा और आसपास के इलाकों में तनाव कम करने में मदद मिलेगी। ईरान और लेबनान के हिजबुल्ला को भावी हिंसा से रोका जा सकेगा। बता दें कि बेरूत में इस्राइली हवाई हमले में हिजबुल्ला के शीर्ष कमांडर फुआद शुक्र (Fuad Shukr) की मौत के बाद तनाव बढ़ा है। तेहरान में हुए धमाके में हमास के शीर्ष राजनेता इस्माइल हनिये की मौत तनाव बढ़ने का एक और प्रमुख कारण बना है। दोनों की तरफ से बदले की कार्रवाई जैसे बयान दिए गए हैं।
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