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ईरान में 3500 मौतों पर भी US बेपरवाह: रक्षा मंत्री ने जंग को दुनिया के वरदान बताया, क्या संदेश दे रहा अमेरिका?
Fri, 24 Apr 2026 09:59 PM IST
राकेश कुमार
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला।
Published by: राकेश कुमार
Updated Fri, 24 Apr 2026 09:59 PM IST
सार
अमेरिका ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत ईरान के खिलाफ समुद्री घेराबंदी सख्त कर दी है। हालांकि, समुद्री डाटा संकेत दे रहे हैं कि तेहरान अब भी गुप्त रास्तों के जरिए तेल निर्यात करने में सफल हो रहा है। इस बीच अमेरिकी रक्षा मंत्री ने दावा किया है कि ईरान युद्ध दुनिया के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
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अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ
- फोटो : ANI
विस्तार
अमेरिका, इस्राइल और ईरान की जंग में 3500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ इसे दुनिया के लिए वरदान से कम नहीं बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का यह युद्ध वाक्तव में दुनिया के लिए एक उपहार साबित होगा। रक्षा मंत्री ने दावा किया कि यह वैश्विक सुरक्षा के लिए ईरान के खतरे को पूरी तरह समाप्त करने की कार्रवाई है।
ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के जरिए ईरान पर दबाव
हेगसेथ ने कहा कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के जरिए महज कुछ ही हफ्तों में अमेरिका ने निर्णायक परिणाम हासिल किए हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका का मिशन बिल्कुल स्पष्ट है कि ईरान के पास कभी परमाणु हथियार नहीं होगा। रक्षा मंत्री ने चेतावनी दी कि अमेरिकी नौसेना ओमान की खाड़ी से लेकर अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र तक अभेद्य घेराबंदी लागू कर रही है। उन्होंने कहा कि ईरानी बंदरगाहों की ओर जाने वाले या वहां से आने वाले हर उस जहाज को वापस मोड़ दिया जाएगा। अब तक 34 गैर-ईरानी जहाजों को ही पारगमन की अनुमति दी गई है। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि अगले कुछ दिनों में एक दूसरा विमानवाहक पोत इस ऑपरेशन का हिस्सा बनेगा।
वहीं, एयर फोर्स जनरल डैन केन ने बताया कि अमेरिकी सेना बल प्रयोग करने से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने बताया कि पिछले हफ्ते एक विशाल कंटेनर जहाज ने बार-बार दी गई चेतावनियों को नजरअंदाज किया। जनरल केन के अनुसार, सभी उपाय विफल होने के बाद सेंटकॉम ने जहाज को अक्षम करने के लिए गोलीबारी का आदेश दिया। अमेरिकी सेना ने जहाज के इंजन रूम पर फायरिंग की और उसके बाद नौसैनिकों ने उस पर नियंत्रण कर लिया। फिलहाल वह जहाज और उसके चालक दल के सदस्य अमेरिकी हिरासत में सुरक्षित हैं।
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यह भी पढ़ें: पश्चिम एशिया संघर्ष: ट्रंप के उपहार वाले दावे पर चीन का पलटवार, कहा- बिना सबूत आरोप स्वीकार नहीं
प्रतिबंधों के बावजूद गुमनाम बेड़े की चुनौती
हालांकि, अमेरिकी अधिकारी ब्लॉकैड की सफलता का दावा कर रहे हैं, लेकिन डाटा कुछ और ही कहानी बयां कर रहा है। लॉयड लिस्ट इंटेलिजेंस के अनुसार, शैडो फ्लीट यानी गुमनाम बेड़े का आवागमन अब भी जारी है। 13 अप्रैल के बाद से करीब 11 टैंकर ईरानी तेल लेकर ओमान की खाड़ी से बाहर निकलने में सफल रहे हैं। समुद्री इंटेलिजेंस फर्म विंडवर्ड ने भी पुष्टि की है कि ईरान ट्रैकिंग डाटा के साथ छेड़छाड़ करके इन प्रतिबंधों को चकमा दे रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी जहाज पाकिस्तानी समुद्री सीमा का सहारा लेकर भी इस घेराबंदी से बचने का प्रयास कर रहे हैं।
सहयोगियों को कड़ी चेतावनी
हेगसेथ ने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड आईआरजीसी पर समुद्री लुटेरों और आतंकवादियों की तरह व्यवहार करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अगर ईरान समुद्र में माइन बिछाता है, तो अमेरिकी सेना उन्हें तुरंत नष्ट कर देगी। राष्ट्रपति ट्रंप का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि अमेरिका किसी भी सौदेबाजी की जल्दबाजी में नहीं है, बशर्ते ईरान अपने परमाणु कार्यक्रमों को पूरी तरह त्याग न दे।
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ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के जरिए ईरान पर दबाव
हेगसेथ ने कहा कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के जरिए महज कुछ ही हफ्तों में अमेरिका ने निर्णायक परिणाम हासिल किए हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका का मिशन बिल्कुल स्पष्ट है कि ईरान के पास कभी परमाणु हथियार नहीं होगा। रक्षा मंत्री ने चेतावनी दी कि अमेरिकी नौसेना ओमान की खाड़ी से लेकर अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र तक अभेद्य घेराबंदी लागू कर रही है। उन्होंने कहा कि ईरानी बंदरगाहों की ओर जाने वाले या वहां से आने वाले हर उस जहाज को वापस मोड़ दिया जाएगा। अब तक 34 गैर-ईरानी जहाजों को ही पारगमन की अनुमति दी गई है। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि अगले कुछ दिनों में एक दूसरा विमानवाहक पोत इस ऑपरेशन का हिस्सा बनेगा।
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वहीं, एयर फोर्स जनरल डैन केन ने बताया कि अमेरिकी सेना बल प्रयोग करने से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने बताया कि पिछले हफ्ते एक विशाल कंटेनर जहाज ने बार-बार दी गई चेतावनियों को नजरअंदाज किया। जनरल केन के अनुसार, सभी उपाय विफल होने के बाद सेंटकॉम ने जहाज को अक्षम करने के लिए गोलीबारी का आदेश दिया। अमेरिकी सेना ने जहाज के इंजन रूम पर फायरिंग की और उसके बाद नौसैनिकों ने उस पर नियंत्रण कर लिया। फिलहाल वह जहाज और उसके चालक दल के सदस्य अमेरिकी हिरासत में सुरक्षित हैं।
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प्रतिबंधों के बावजूद गुमनाम बेड़े की चुनौती
हालांकि, अमेरिकी अधिकारी ब्लॉकैड की सफलता का दावा कर रहे हैं, लेकिन डाटा कुछ और ही कहानी बयां कर रहा है। लॉयड लिस्ट इंटेलिजेंस के अनुसार, शैडो फ्लीट यानी गुमनाम बेड़े का आवागमन अब भी जारी है। 13 अप्रैल के बाद से करीब 11 टैंकर ईरानी तेल लेकर ओमान की खाड़ी से बाहर निकलने में सफल रहे हैं। समुद्री इंटेलिजेंस फर्म विंडवर्ड ने भी पुष्टि की है कि ईरान ट्रैकिंग डाटा के साथ छेड़छाड़ करके इन प्रतिबंधों को चकमा दे रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी जहाज पाकिस्तानी समुद्री सीमा का सहारा लेकर भी इस घेराबंदी से बचने का प्रयास कर रहे हैं।
सहयोगियों को कड़ी चेतावनी
हेगसेथ ने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड आईआरजीसी पर समुद्री लुटेरों और आतंकवादियों की तरह व्यवहार करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अगर ईरान समुद्र में माइन बिछाता है, तो अमेरिकी सेना उन्हें तुरंत नष्ट कर देगी। राष्ट्रपति ट्रंप का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि अमेरिका किसी भी सौदेबाजी की जल्दबाजी में नहीं है, बशर्ते ईरान अपने परमाणु कार्यक्रमों को पूरी तरह त्याग न दे।
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