फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Weather Record Ocean Heat 23 Zettajoules of Energy Melting Marine Life Destructive Storm Extreme Rainfall News

महासागरों में रिकॉर्ड गर्मी: 23 जेटाजूल ऊर्जा से पिघल रहा समुद्री जीवन, विनाशकारी तूफानों, अतिवृष्टि बढ़ेगी?

Thu, 01 Oct 2026 09:52 AM IST
ज्योति भास्कर एजेंसी, थाईलैंड।
एजेंसी, थाईलैंड। Published by: ज्योति भास्कर Updated Thu, 01 Oct 2026 09:52 AM IST
सार

महासागरों में रिकॉर्ड गर्मी के कारण कई शहरों के अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है। 23 जेटाजूल ऊर्जा से समुद्री जीवन पिघल रहा है। विनाशकारी तूफानों के अलावा आने वाले दिनों में अतिवृष्टि बढ़ने की आशंका है। 90% गर्मी और मानव जनित कार्बन डाइऑक्साइड का एक तिहाई हिस्से को समुद्र सोख रहे हैं।

विज्ञापन
Weather Record Ocean Heat 23 Zettajoules of Energy Melting Marine Life Destructive Storm Extreme Rainfall News
मौसम के कारण अस्तित्व पर खतरा - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

दुनिया के समुद्रों में रिकॉर्ड गर्मी का खतरा लगातार बढ़ रहा है। इसके चलते महासागरों का जलस्तर, अम्लता और समुद्री लू का संकट गहराता जा रहा है, जो आने वाले समय में पूरी दुनिया के लिए बड़ी मुश्किलें खड़ी कर सकता है। समुद्रों में ऑक्सीजन की कमी से जलीय जीव दम तोड़ने लगेंगे। वहीं, विनाशकारी तूफानों, बादलों के फटने और बेमौसम भारी बारिश की आवृत्ति कई गुना बढ़ जाएगी।

विज्ञापन


दुनिया के महासागरों में रिकॉर्ड 23 जेटाजूल गर्मी
हाल ही में जारी कोपरनिकस ओशन स्टेट रिपोर्ट के 10वें संस्करण में इसका खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल दुनिया के महासागरों में रिकॉर्ड 23 जेटाजूल गर्मी समा गई है। यह थर्मल एनर्जी मानव की ओर से उपयोग की जाने वाली कुल ऊर्जा से लगभग 40 गुना अधिक है।
विज्ञापन


1999 से समुद्र का जलस्तर प्रति वर्ष लगभग 3.8 मिलीमीटर बढ़ रहा
इस भारी गर्मी के कारण समुद्र का पानी अधिक गर्म, ऊंचा और रहने लायक नहीं रह रहा है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि 1999 से समुद्र का जलस्तर प्रति वर्ष लगभग 3.8 मिलीमीटर बढ़ रहा है, जबकि 2012 से 2025 के बीच यह रफ्तार बढ़कर 4.2 मिलीमीटर प्रति वर्ष हो गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


समुद्र सोख रहे अतिरिक्त गर्मी का 90% हिस्सा
ग्रीनहाउस गैसों की वजह से रोकी गई अतिरिक्त गर्मी का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा और मानव जनित कार्बन डाइऑक्साइड का एक तिहाई हिस्सा अकेले समुद्रों ने ही सोखा है। विशेषज्ञों का कहना है कि महासागरों का यह बदलाव हमारी आंखों के सामने हो रहा है, जिससे समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र तेजी से नष्ट हो रहा है। वहीं, आने वाले समय में मुंबई, न्यूयॉर्क, टोक्यो, और लंदन जैसे दुनिया के कई प्रमुख तटीय शहर और द्वीप देश पानी में डूब सकते हैं, जिससे करोड़ों लोगों को बेघर होना पड़ेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed