कोविड-19: यूएन महासचिव बोले, महामारी को लेकर दुनिया की प्रतिक्रिया बेहद धीमी और असमान
एंतोनियो गुटेरस ने पांच बिंदुओं का जिक्र करते हुए कहा कि इन पर तुरंत काम किए जाने की जरूरत है ताकि दुनिया सही दिशा में आगे बढ़ सके। क्या-क्या कहा गुटेरस ने यहां जानिए।
विस्तार
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरस ने कोविड-19 के खात्मे के लिए जरूरी कदम उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इस महामारी से लड़ने में अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया बेहद धीमी और असमानता भरी है।
गुटेरस ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 76वें सत्र के उच्च स्तरीय सप्ताह के समापन की पूर्व संध्या पर कहा कि हमारी दुनिया के सामने अभूतपूर्व चुनौती है। जलवायु परिवर्तन हो या फिर विभिन्न स्थानों पर जारी संघर्ष या कोविड-19, इन सभी चुनौतियों ने सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को हमसे दूर कर दिया है।
उन्होंने कहा, 'सबसे पहले, इस महामारी का अंत करना है। हमारी प्रतिक्रिया बेहद धीमी और बहुत असमान है। मैं दुनिया से एक वैश्विक टीकाकरण योजना को लेकर एक साथ आने का आह्वान करता हूं ताकि अगले साल के मध्य तक दुनिया की 70 प्रतिशत आबादी का टीकाकरण किया जा सके।'
इस दौरान गुटेरस ने पांच बिंदुओं का जिक्र करते हुए कहा कि इन पर तुरंत काम किए जाने की जरूरत है ताकि दुनिया सही दिशा में आगे बढ़ सके। ये हैं- महामारी को समाप्त करना, सभी का जल्दी से स्वस्थ होना, महिलाओं और लड़कियों के लिए समान अधिकार, जलवायु परिवर्तन पर काम, 2050 तक जीरो उत्सर्जन और दुनिया की भलाई के लिए सभी का मिलकर कार्य करना।
उन्होंने कहा कि पहले हमें इस महामारी को खत्म करना है। अब तक हमारी प्रतिक्रिया बेहद धीमी और असमान रही है। मैं दुनिया से अपील करता हूं कि वैश्विक वैक्सीन योजना को तेजी से आगे बढ़ाया जाए और वैक्सीन उत्पादन दोगुना किया जाए। अगले साल के मध्य तक दुनिया की 70 फीसदी आबादी तक वैक्सीन पहुंच जाए।
विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के अनुसार, दुनिया भर में अब तक कुल 228,206,384 लोग वायरस से संक्रमित पाए जा चुके हैं। इनमें से 4,687,066 लोगों की मौत हो चुकी है। 15 सितंबर 2021 तक दुनियाभर में 5,634,533,040 कोविड रोधी टीके लगाए जा चुके हैं।
यूएन ने चीन, अमेरिका को नए शीतयुद्ध पर किया सचेत
विश्व निकाय के महानिदेशक एंतोनियो गुटेरस ने चीन और अमेरिका को नए शीत युद्ध की आशंकाओं के प्रति सचेत किया है। उन्होंने कहा, इन दोनों बड़े एवं प्रभावशाली देशों के बीच की समस्याओं का प्रभाव दुनिया के अन्य देशों पर पड़ने से पहले ही वे अपने रिश्तों को ठीक कर लें। गुटेरस ने शीतयुद्ध से हर कीमत पर बचने का कहते हुए जोर दिया कि यह युद्ध पिछली बार से ज्यादा खतरनाक होगा।
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने विश्व के नेताओं की वार्षिक महासभा से पहले कहा कि मानवाधिकारों, अर्थव्यवस्था, ऑनलाइन सुरक्षा और दक्षिण चीन सागर में संप्रभुता पर राजनीतिक दरारों के बावजूद दो बड़ी आर्थिक महाशक्तियों को जलवायु परिवर्तन से निपटने के मामले पर सहयोग करना चाहिए और व्यापार एवं प्रौद्योगिकी पर बातचीत बढ़ानी चाहिए।
उन्होंने कहा यदि यह युद्ध हुआ तो पिछले शीतयुद्ध से अलग होगा और इसका प्रबंधन अधिक कठिन होगा। गुटेरस ने कहा, दुर्भाग्य की बात यह है कि हम आज केवल संघर्ष देख रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि दोनों प्रतिद्वंद्वी भू-राजनीतिक और सैन्य रणनीतियां खतरे पैदा करेंगी और दुनिया को विभाजित करेंगी, इसलिए बिगड़ रहे इन संबंधों को सुधारा जाना चाहिए और ऐसा शीघ्र होना चाहिए।