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कोरोना वायरस: मध्यम लक्षण या ठीक होने के बाद भी मरीजों में दिमागी बीमारी होने की आशंका
Thu, 09 Jul 2020 08:25 AM IST
Tanuja Yadav
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
Published by: Tanuja Yadav
Updated Thu, 09 Jul 2020 08:25 AM IST
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- फोटो : PTI
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कोरोना वायरस को लेकर वैज्ञानिकों ने एक और नया खुलासा किया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि कोरोना से ठीक होने वाले मरीज और जिन मरीजों में कोरोना के मध्यम लक्षण हैं, उनको गंभीर और जानलेवा दिमाग की बीमारी हो सकती है। यूनाइटेड किंगडम के 40 कोविड-19 मरीजों को लेकर दिमाग के डॉक्टरों ने एक रिपोर्ट जारी की है।
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रिपोर्ट में बताया गया है कि इन मरीजों के दिमाग में जलन, बेहोशी, दिमाग की तंत्रिका का नष्ट हो जाना और स्ट्रोक जैसे बीमारी देखी जा रही है। कुछ ऐेसे भी मामले सामने आए हैं जहां मरीज का पहला और प्रमुख लक्षण दिमाग की परेशानी से संबंधित है।
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जर्नल ब्रेन में छपे मामलों में खुलासा किया गया है कि मरीजों में एक्यूट डिस्सेमिनेटेड एन्सेफलाइटिस (एडेम) यानि कि जिंदगी को खतरे में डालने वाली स्थिति पैदा हो रही है। न्यूरोलॉजी के यूसीएल इंस्टीट्यूट में एडेम के मामले महामारी शुरू होने के एक महीने पहले से शुरू हुए और अप्रैल और मई के दूसरे और तीसरे हफ्ते तक रहे। इसकी वजह से 59 साल की एक महिला की मौत हो गई।
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दर्जनों मरीजों में केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में जलन जैसे लक्षण देखे गए हैं। दस मरीजों बेहोशी और पागलपन जैसी बीमारी देखने को मिल रही है। आठ मरीजों में स्ट्रोक तो दूसरे आठ मरीजों में तंत्रिका से संबंधित बीमारियां सामने आ रही हैं। पांच फीसदी मामलों में ये जानलेवा बीमारी देखी जा रही है।
इस शोध के वरिष्ठ लेखक और लंदन अस्पताल एनएचएस फाउंडेशन ट्रस्ट के इंस्टीट्यूट और यूनिवर्सिटी के कंसल्टेंट मिशेल जांडी का कहना है कि कोरोना वायरस जिस तरह दिमाग को खराब कर रहा है या असर डाल रहा है, ऐसा हमने पहले कभी नहीं देखा है।
इन मामलों की वजह से कोरोना वायरस के लंबी अवधि तक रहने की चिंताएं बढ़ गई हैं। कोरोना वायरस की वजह से कुछ मरीजों को सांस लेने में परेशानी हो रही है तो कुछ मरीज सुन्न पड़ जा रहे हैं। कुछ मरीजों में कमजोरी और याददाश्त की समस्या देखी जा रही है।
रिपोर्ट में एक कोरोना वायरस मरीज के बारे में विस्तृत से लिखा गया है कि एक 55 वर्षीय महिला मनोरोगी संबंधी बीमारी की कोई हिस्ट्री नहीं थी, लेकिन कोरोना से ठीक होने के बाद वो अजीब तरह से व्यवहार करने लगी। वो महिला बार-बार कोट पहन रही थी, उतार रही थी और लोगों को भ्रमित कर रही थी।
इसके बाद महिला को एक बार फिक अस्पताल में भर्ती किया गया और एंटी साइकोटिक मेडिकेशन की मदद से उसमें सुधार लाया गया। इस तरह यूनाइटेड किंगडम में डॉक्टरों और वैज्ञानिकों ने देखा है कि यहां मरीजों में कोरोना वायरस की वजह से दिमाग संबंधी गंभीर बीमारी देखने को मिल रही हैं।