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Kabosu: डोजकॉइन की प्रेरणा रही डॉग कबोसु का 18 वर्ष की उम्र में निधन, दुनियाभर में कई मीम्स की रही प्रेरणा
Fri, 24 May 2024 03:38 PM IST
काव्या मिश्रा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो
Published by: काव्या मिश्रा
Updated Fri, 24 May 2024 03:38 PM IST
सार
कबोसु की मालकिन अत्सुको सातो ने एक ब्लॉग पोस्ट में उसके निधन की जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि उन्हें लगा कबोसु सो रही है। बल्कि वह बहुत शांति से दुनिया छोड़कर चली गई।
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कबोसु का निधन
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
इंटरनेट की चहेती जापानी डॉग कबोसु का निधन हो गया है। वायरल मीम डॉग कबोसु की अचानक मौत के बाद सोशल मीडिया पर शोक संवेदना प्रकट करने वालों का तांता है। इंटरनेट पर शीबा इनु नस्ल के डॉग ने तहलका मचा दिया था और कुछ ही समय में मीम आइकन में बदल गया। 18 साल की उम्र में उसकी मौत हो गई।
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अत्सुको सातो ने दी जानकारी
कबोसु की मालकिन अत्सुको सातो ने एक ब्लॉग पोस्ट में कबोसु के निधन की जानकारी दी है। उन्होंने लिखा, 'मुझे लगा वह सो रही है। मैं उसे सहला रही थी। वह बहुत शांति से गुजर गई।' इसके अलावा, उन्होंने कबोसु को बहुत सारा प्यार देने के लिए लोगों का धन्यवाद दिया।
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रविवार को होगा विदाई कार्यक्रम
रिपोर्ट के अनुसार, नरिता सिटी के कोत्सु नो मोरी में फ्लॉवर काओरी में रविवार को दोपहर एक बजे से शाम चार बजे तक कबोसु को विदाई देने के लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया गया है।
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2010 में हुई थी वायरल
एक जापानी किंडरगार्टन शिक्षक अत्सुको सातो ने 13 फरवरी, 2010 को अपने निजी ब्लॉग पर अपनी डॉग शीबा इनु पपी कबोसु की कई तस्वीरें साझा कीं थीं। इसमें से एक तस्वीर काफी वायरल हो गई थीं, जिसमें कबोसु की एक अजीबोगरीब तस्वीर सोफे पर लेटी हुई और भौंहों को उठाकर कैमरे की ओर देख रही थी।
लोगों का दिल जीता
24 जून, 2005 को होमस्टार रनर के एक कार्यक्रम के दौरान कुत्ते के लिए गलत वर्तनी शब्द का इस्तेमाल किया गया था। इसके बाद कबोसु को 'डोजे' कहा जाने लगा था। कबोसु को वायरल डॉग मीम के पीछे के चेहरे के रूप में जाना जाता है। 18 वर्ष से अधिक उम्र में जापानी कुत्ते कबोसु के आकर्षण ने न केवल लोगों का दिल जीता था। बल्कि 013 में डोजकॉइन नामक क्रिप्टोकरेंसी को भी लॉन्च किया गया तो उसके लोगो को भी कबोसु की तस्वीर से ही बनाया गया था। इसने अन्य डॉग की थीम वाली क्रिप्टोकरेंसी के निर्माण को भी प्रेरित किया। शुरुआत में डिजिटल क्रिप्टोकरेंसी पर दृष्टिकोण के रूप में कल्पना की गई। डॉजकॉइन की प्रतिष्ठित स्थिति को कबोसु की विचित्र अभिव्यक्ति ने पुख्ता किया।
मीम की लोकप्रियता बढ़ गई, जो अपने मजाक के मूल से आगे बढ़कर एक वैध और प्रभावशाली क्रिप्टोकरेंसी बन गई। डोगे की सफलता ने शिबा इनु और फ़्लोकी सहित कैनाइन-थीम वाले डिजिटल टोकन की एक नई लहर का मार्ग प्रशस्त किया, जिन्होंने सामूहिक रूप से क्रिप्टो उद्योग में एक महत्वपूर्ण स्थान बनाया है।