Pakistan: राजनीतिक टकराव बढ़ा कर पाकिस्तान की मुसीबत बढ़ा रही है शहबाज शरीफ सरकार
शहबाज शरीफ सरकार ने देश के आर्थिक संकट से निपटने की कोशिश में टैक्स में भारी बढ़ोतरी की है। गुरुवार को पेट्रोल की कीमत में पांच रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी गई। शरीफ सरकार ने ब्याज दरों में भी भारी बढ़ोतरी की है, जिससे ये दरें 25 साल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई हैं...
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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की गिरफ्तारी के लिए हुए हिंसक ड्रामे से पाकिस्तान में बड़े पैमाने पर जन आक्रोश पैदा हुआ है। लोगों में यह आम प्रतिक्रिया है कि देश को आर्थिक मुसीबत से राहत देने में लगातार नाकाम हो रही शहबाज शरीफ सरकार ने लोगों का ध्यान भटकाने के लिए यह ड्रामा किया। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के अध्यक्ष इमरान खान का दावा है कि कोर्ट ने 18 मार्च तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा रखी है। ऐसे में यह सवाल उठा है कि 14 मार्च को उनके लाहौर स्थित आवास पर पुलिस क्यों भेजी गई।
ये घटनाक्रम ठीक उस समय हुआ, जब पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति के बारे में अमेरिकी मीडिया एजेंसी ब्लूमबर्ग का एक सर्वे प्रकाशित हुआ। इससे सामने आया कि पाकिस्तान के मंदी में फंसने और आर्थिक संकट की स्थितियां की आशंका लगातार गहरा रही हैं। ब्लूमबर्ग ने 27 अर्थशास्त्रियों के बीच पाकिस्तान की मौजूदा हालत को लेकर यह सर्वे किया। अर्थशास्त्रियों में यह आम राय उभरी कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से नया ऋण पाने में विफलता के कारण पाकिस्तान के ऋण डिफॉल्ट करने की स्थितियां भी ज्यादा गंभीर हो गई हैं।
इस बीच शहबाज शरीफ सरकार ने देश के आर्थिक संकट से निपटने की कोशिश में टैक्स में भारी बढ़ोतरी की है। गुरुवार को पेट्रोल की कीमत में पांच रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी गई। शरीफ सरकार ने ब्याज दरों में भी भारी बढ़ोतरी की है, जिससे ये दरें 25 साल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई हैं। लेकिन इन कदमों से देश की आर्थिक स्थिति सुधारने में कोई मदद नहीं मिली है। बल्कि ये स्थितियां बिगड़ती जा रही हैं।
फ्लैटरॉक एसोसिएट्स कंपनी के पार्टनर लुकमान नदीम ने कहा है कि सरकार आईएमएफ की शर्तों को पूरा करने में नाकाम रही है। उन्होंने कहा- मौजूदा संकट के बीच आईएमएफ ऋण देने को लेकर और अनिच्छुक हो जा सकता है। सरकार की नीतियों में कोई स्थिरता नहीं है और इसी वजह से आईएमएफ और दोस्ताना दोष मदद करने से हिचक रहे हैं।
इन्हीं स्थितियों के बीच इमरान खान की गिरफ्तारी की कोशिश हुई। विश्लेषकों के मुताबिक इससे देश में राजनीतिक संकट भी गहरा गया है। अब खान और उनके समर्थक अधिक जुझारू मुद्रा में नजर आ रहे हैं, जिससे देश में किसी प्रकार की राजनीतिक आम सहमति बनने की गुंजाइश और दूर हो गई है। पीटीआई ने जल्द आम चुनाव कराने की अपनी मांग के समर्थन में अपनी मुहिम तेज करने का फैसला किया है। इसका असर आर्थिक संकट पर भी पड़ेगा।
अर्थशास्त्री अंकुर शुक्ला ने ब्लूमबर्ग से कहा कि पाकिस्तान के डिफॉल्ट करने की आशंका और गहरी हो गई है। उन्होंने कहा- आईएमएफ आखिरकार ऋण देगा ही, लेकिन यह इंतजार पीड़ादायक बन गया है। देश में डॉलर की कमी के कारण विकास की संभावनाएं अवरुद्ध हो गई हैं।
मार्केट एडवाइजरी कंपनी वेक्टर सिक्योरिटीज प्राइवेट कंपनी के प्रमुख सुलेमान रफीक मानिया ने कहा है कि देश में मांग लगभग नष्ट हो गई है। इस कारण कंपनियां अपनी 50 फीसदी क्षमता के साथ ही काम कर रही हैं। महंगाई के कारण भी लोगों की वास्तविक आमदनी घटी है, जिससे उनके उपभोग का स्तर गिर गया है।