फ्रांस में पुलिस और प्रदर्शनकारियों में हिंसक भिड़ंत, दुकानों और कारों में लगाई आग
Dozens of hooded protesters launched projectiles at riot police, smashed up shop windows, torched cars and burned barricades during a demonstration in Paris, France against police violence. The police fired back volleys of tear gas: Reuters pic.twitter.com/AFVK8qVF0j
— ANI (@ANI) December 5, 2020विज्ञापन
प्रदर्शनकारी पेरिस की सड़कों पर शांतिपूर्वक मार्च निकाल रहे थे। जिसमें उन्होंने सुरक्षा कानून को वापस लेने और पुलिस के खिलाफ पोस्टर लहराए। तब पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो प्रदर्शनकारी उग्र हो गए और दुकानों-कारों में आग लगा दी।
पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए आंसू गैस के गोले फेंके जिसके बाद प्रदर्शनकारी ज्यादा भड़क गए और एक समूह ने एक बैंक के शाखा कार्यालय में तोड़फोड़ की, कागजों के ढेर को बाहर आग पर फेंक दिया।
सरकार द्वारा संसद में एक सुरक्षा विधेयक पेश करने और मीडिया में और ऑनलाइन पुलिस अधिकारियों की छवियों को प्रसारित करने पर फ्रांस विरोध प्रदर्शन की चपेट में आ गया है।
फ्रांस में नए सुरक्षा बिल का बड़े पैमान पर विरोध शुरू हो गया है। बिल के खिलाफ हजारों लोगों ने देश भर में हिंसक प्रदर्शन किए। इनमें से लगभग पांच हजार लोगों ने राजधानी पेरिस में प्रदर्शन किया।
इन प्रदर्शनों में शामिल 64 लोगों को फ्रांस की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इनमें से 30 प्रदर्शनकारी राजधानी पेरिस में गिरफ्तार किए गए। देश के आंतरिक (गृह) मंत्री गेराल्ड डर्मेनिक ने इसकी पुष्टि की है।
कैद और जुर्माने का विरोध
फ्रांस की संसद के निचले सदन ने 24 नवंबर को नए सुरक्षा विधेयक को पारित किया। इसके अनुसार पुलिस अधिकारियों और लिंगकर्मियों को मनोवैज्ञानिक नुकसान पहुंचाने वाली उनकी निजी विवरण युक्त तस्वीरों अथवा वीडियो का प्रसारण करने पर जुर्माना लगाया गया है। आरोपी को 45 हजार यूरो जुर्माने के अलावा एक साल कैद की सजा का भी प्रावधान है। प्रदर्शनकारी इसका विरोध कर रहे हैं।