पाकिस्तान: कराची में बढ़ते अपराध बने सरकार का नया सिरदर्द, पुलिस पर गश्त नहीं करने का आरोप
संघीय गृह मंत्री शेख रशीद ने मंगलवार को शहर में अर्धसैनिक बलों की अधिक तैनाती का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि अगर प्रांतीय सरकार मांग करेगी, तो उसे अर्धसैनिक बल अधिक संख्या में उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि संघीय सरकार अपनी पहल पर भी अर्धसैनिक बलों को वहां भेजने पर विचार करेगी...
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कराची शहर में बीते कुछ दिनों में तेजी से बढ़ी हिंसा पाकिस्तान सरकार के लिए नया सिरदर्द बन गई है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक हाल में हत्याओं, लूट, और राहजनी की घटनाओं में भारी इजाफा हुआ है। इससे ये आरोप आम हो गया है कि नगर प्रशासन नाकाम हो चुका है। प्रांतीय सरकार पर भी ऐसी घटनाओं को रोकने में विफल रहने के इल्जाम लगे हैं।
गश्त नहीं करते सुरक्षा बल
हाल में जो घटनाएं बेहद चर्चित हुईं, उनमें टीवी चैनल समा टीवी के पत्रकार अतहर मतीन की हत्या भी है। अपनी बढ़ती आलोचनाओं के बीच सिंध प्रांत के मुख्यमंत्री मुराद अली ने सोमवार को एक विशेष बैठक बुलाई। उसमें कराची में अपराध रोकने के उपायों पर विचार हुआ। उधर संघीय गृह मंत्री शेख रशीद ने मंगलवार को शहर में अर्धसैनिक बलों की अधिक तैनाती का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि अगर प्रांतीय सरकार मांग करेगी, तो उसे अर्धसैनिक बल अधिक संख्या में उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि संघीय सरकार अपनी पहल पर भी अर्धसैनिक बलों को वहां भेजने पर विचार करेगी।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक सिंध के मुख्यमंत्री मुराद अली सोमवार को हुई बैठक में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की लापरवाही की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा- मैं अकसर शहर में घूमता हूं। लेकिन मुझे शायद ही कहीं सड़कों पर पुलिस या अर्धसैनिक बलों के जवान नजर आते हैं। वे इलाकों में गश्त लगाते भी नजर नहीं आते।
समा टीवी के पत्रकार अतहर मतीन की हत्या ने सारे देश को हिला दिया है। मंगलवार को मुराद अली पत्रकार के घर पर गए और शोक जताया। उन्होंने वहां आश्वासन दिया कि मतीन के हत्यारों को जरूर पकड़ा जाएगा। लेकिन मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक मुख्यमंत्री की ये घोषणा लोगों में भरोसा बंधाने में नाकाम रही है। शहर के आम जन में अपराधियों का भय अब भी बैठा हुआ है।
कराची में कानून-व्यवस्था की हालत खराब
गृह मंत्री शेख रशीद ने भी अपनी प्रेस कांफ्रेंस के दौरान स्वीकार किया कि कराची में कानून-व्यवस्था की हालत बेहतर नहीं है। उन्होंने कहा- मुझे कराची की जो हालत नजर आती है, उसे शब्दों में नहीं बताया जा सकता। ऐसा लगता है कि कराची में कानून-व्यवस्था जैसी कोई चीज नहीं है। इसके बड़े खराब नतीजे होंगे। पर्यवेक्षकों की राय है कि शेख रशीद की ये टिप्पणी सियासी रंग लिए हुए है। सिंध में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की सरकार है। जबकि संघीय सरकार पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) की है।
शेख रशीद के इस बयान के पहले सिंध की प्रांतीय असेंबली में पीटीआई के सदस्य खुर्रम शेर जमां ने उऩ्हें एक पत्र लिखा था। उसमें संघीय सरकार से कराची में जारी अपराध को रोकने के कदम उठाने की मांग की गई थी। उन्होंने कहा था- संविधान और कानून के तहत जो भी अधिकार आपके हाथ में है, उसके तहत आप हर जरूरी कदम उठाएं।
इस बीच नागरिक पुलिस संपर्क समिति नाम की एक संस्था की तरफ से जुटाए गए आंकड़े सोशल मीडिया पर चर्चित हुए हैं। उसके मुताबिक 2021 में कराची में अपराध की 80,661 घटनाएं हुईं। यह 2020 की तुलना में 27 फीसदी ज्यादा है।