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वेनेजुएला: त्रासदी के बीच गूंजी किलकारी, मलबे में बच्चे का जन्म; अब तक 920 की मौत, 3000 घायल, 50+ हजार लापता

Sat, 27 Jun 2026 05:45 AM IST
Pavan वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काराकस
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काराकस Published by: Pavan Updated Sat, 27 Jun 2026 05:45 AM IST
सार

Venezuela Earthquake: वेनेजुएला में आए दो शक्तिशाली भूकंपों में मरने वालों की संख्या 920 पहुंच गई है, जबकि 3,360 लोग घायल और 50 हजार से अधिक लापता हैं। इस भीषण तबाही के बीच काराकस में मलबे में फंसी एक गर्भवती महिला ने बचाव दल और मेडिकल टीम की मदद से सुरक्षित बच्चे को जन्म दिया।

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Venezuela: A baby born amidst the tragedy; death toll reaches 920, 3000 injured and over 50,000 missing
मलबे में बच्चे का जन्म, बेटे को पाकर नहीं रुके मां के आसूं - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दो शक्तिशाली भूकंपों से इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदी का सामना कर रहे वेनेजुएला में मृतकों की संख्या बढ़कर 920 हो चुकी है। करीब 3,360 लोग घायल हैं, जबकि 50 हजार से अधिक लोग लापता हैं। मलबे में अभी भी सैकड़ों लोगों के दबे होने की आशंका है।
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यह भी पढ़ें- Venezuela Earthquake Live: मलबे में अपनों को तलाश रहे लोग, मृतकों का आकंड़ा 900 पार; तेज हुई अंतरराष्ट्रीय मदद
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मलबे के नीचे ही महिला हुई डिलीवरी
हर तरफ मौत व तबाही के मंजर के बीच काराकस में मलबे में दबी गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। राहत व बचाव कार्य में जुटे कर्मी जब उसके पास पहुंचे तो पता चला कि वह बच्चे को जन्म देने वाली है। तब मेडिकल टीम की मदद से महिला की मलबे के नीचे ही डिलीवरी कराई गई। उसने एक बच्चे को जन्म दिया। हर तरफ कंक्रीट और खौफनाक मंजर के बावजूद मां और बच्चा दोनों सुरक्षित बच गए। अभी दोनों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। इस घटना के वीडियो खूब वायरल हो रहे हैं। लोग मां की हिम्मत और बचाव दल की जमकर तारीफ कर रहे हैं।
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मदद: भारत ने छह टन राहत सामग्री व मेडिकल टीम भेजी
वेनेजुएला में तबाही के बीच भारत ने मदद का हाथ बढ़ाया है। ऑपरेशन अमिस्ताद के तहत शुक्रवार को वायुसेना के दो विमानों से सेना ने 41 सदस्यीय मेडिकल दल को घायलों के इलाज के लिए वेनेजुएला रवाना किया गया। विदेश मंत्रालय ने इस टीम के साथ लगभग छह टन चिकित्सा सामग्री और मानवीय राहत से जुड़ी सामग्री इस दल के साथ भेजी है। इसके अलावा भारत की आरोग्य मैत्री परियोजना के तहत एक विमान में अत्याधुनिक भीष्म क्यूब भी भेजा गया है। यह टीम गाजियाबाद के हिंडन एयरफोर्स स्टेशन से भेजी गई।


क्या है भीष्म क्यूब?
भीष्म क्यूब की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह कम समय में स्थापित होकर लगभग 200 मरीजों तक को उपचार और जीवनरक्षक सुविधाएं प्रदान कर सकता है। इस प्रणाली ने भारत की आपदा प्रतिक्रिया क्षमता को नई मजबूती दी है। इसे दुनिया के विभिन्न संकटग्रस्त क्षेत्रों में त्वरित सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है।

यह भी पढ़ें- Venezuela Earthquake: मलबों में भी चल रही सांसें, जिंदा पशु-इंसान किसी चमत्कार से कम नहीं, विचलित कर रही तबाही

उम्मीद की किरण बनेगा 'ऑपरेशन अमिस्ताद'
ऑपरेशन अमिस्ताद भारत की उस मानवीय सोच को भी दर्शाता है, जो ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ अर्थात ‘पूरा विश्व एक परिवार है’ के सिद्धांत पर आधारित है। प्राकृतिक आपदाओं और मानवीय संकटों के दौरान सहायता पहुंचाने की भारत की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए यह अभियान वैश्विक मानवता, करुणा और सहयोग के प्रति देश की प्रतिबद्धता का एक और उदाहरण बन गया है। वेनेजुएला में राहत एवं चिकित्सा सहायता का यह मिशन हजारों प्रभावित लोगों के लिए उम्मीद की किरण बनेगा। साथ ही साथ यह प्रयास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की विश्वसनीय और जिम्मेदार मानवीय शक्ति की छवि को भी और मजबूत करेगा।
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