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Canada: गुरुद्वारे में तोड़फोड़ मामले में संदिग्धों की तस्वीरें जारी, पहचान के लिए पुलिस ने जनता से मांगी मदद
Fri, 25 Apr 2025 06:55 AM IST
शुभम कुमार
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ओटावा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ओटावा
Published by: शुभम कुमार
Updated Fri, 25 Apr 2025 06:55 AM IST
सार
वैंकूवर पुलिस विभाग के प्रवक्ता स्टीव एडिसन ने कहा, वाहन शनिवार सुबह 4 से 4:30 बजे के बीच अपराध के समय आसपास के क्षेत्र से होकर गुजरा। हमारा मानना है कि इन लोगों को इस अपराध और प्रेरणा के बारे में जानकारी हो सकती है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Freepik
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विस्तार
कनाडा के वैंकूवर में पुलिस ने पिछले हफ्ते रॉस स्ट्रीट पर खालसा दीवान सोसाइटी गुरुद्वारे में तोड़फोड़ करने के संदिग्ध एक वाहन और दो लोगों की तस्वीरें जारी की हैं। वैंकूवर सन की रिपोर्ट के अनुसार, जब शनिवार की सुबह इसे अंग्रेजी और पंजाबी दोनों में भित्तिचित्रों से स्प्रे किया गया था, तब ये संदिग्ध गुरुद्वारे के बाहर थे। इसमें बेअदबी वाले अपशब्द भी शामिल थे। पुलिस ने इनके चित्र जारी कर उन्हें पहचानने वालों को पुलिस या सार्जेंट से संपर्क करने को कहा है।
ये भी पढ़ें:- CMSA: चीनी अंतरिक्ष यात्रियों वाला यान अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से जुड़ा, अक्टूबर में वापसी; जानिए सबकुछ
पहचान के लिए पुलिस ने जनता से मांगी मदद
मामले में वैंकूवर पुलिस विभाग के प्रवक्ता स्टीव एडिसन ने कहा, वाहन शनिवार सुबह 4 से 4:30 बजे के बीच अपराध के समय आसपास के क्षेत्र से होकर गुजरा। हमारा मानना है कि इन लोगों को इस अपराध और प्रेरणा के बारे में जानकारी हो सकती है। एडिसन ने कहा, दो लोग, जिनके बारे में माना जाता है कि वे वाहन, एक ट्रक से जुड़े थे, गुरुद्वारे के सामने के प्रवेश द्वार के पास चले गए।
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इसके साथ ही पुलिस ने बताया कि एक व्यक्ति पीली टोपी, जैकेट और काली पैंट पहने हुए था। दूसरे ने काली पैंट के साथ ग्रे हुडी पहनी हुई थी। रॉस स्ट्रीट गुरुद्वारा चलाने वाली खालसा दीवान सोसाइटी ने खालिस्तान के पैरोकार सिख अलगाववादियों के एक छोटे समूह पर बर्बरता का आरोप लगाया।
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क्या है पूरा मामला
गौरतलब है कि बीते दिनों कनाडा में खालिस्तान समर्थक अलगाववादियों ने मंदिर फिर भारतीय उच्चायोग के बाद इस बार एक गुरुद्वारे को निशाना बनाया था। खालसा दीवान सोसाइटी के अनुसार उपद्रवियों ने वैंकूवर के रॉस स्ट्रीट गुरुद्वारे में तोड़फोड़ के बाद उस पर स्प्रेे पेंट से खालिस्तान जिंदाबाद लिख दिया। इस तोड़फोड़ का आरोप खालिस्तान की मांग करने वाले सिख अलगाववादियों के एक छोटे समूह पर लगा है।
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पहचान के लिए पुलिस ने जनता से मांगी मदद
मामले में वैंकूवर पुलिस विभाग के प्रवक्ता स्टीव एडिसन ने कहा, वाहन शनिवार सुबह 4 से 4:30 बजे के बीच अपराध के समय आसपास के क्षेत्र से होकर गुजरा। हमारा मानना है कि इन लोगों को इस अपराध और प्रेरणा के बारे में जानकारी हो सकती है। एडिसन ने कहा, दो लोग, जिनके बारे में माना जाता है कि वे वाहन, एक ट्रक से जुड़े थे, गुरुद्वारे के सामने के प्रवेश द्वार के पास चले गए।
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इसके साथ ही पुलिस ने बताया कि एक व्यक्ति पीली टोपी, जैकेट और काली पैंट पहने हुए था। दूसरे ने काली पैंट के साथ ग्रे हुडी पहनी हुई थी। रॉस स्ट्रीट गुरुद्वारा चलाने वाली खालसा दीवान सोसाइटी ने खालिस्तान के पैरोकार सिख अलगाववादियों के एक छोटे समूह पर बर्बरता का आरोप लगाया।
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क्या है पूरा मामला
गौरतलब है कि बीते दिनों कनाडा में खालिस्तान समर्थक अलगाववादियों ने मंदिर फिर भारतीय उच्चायोग के बाद इस बार एक गुरुद्वारे को निशाना बनाया था। खालसा दीवान सोसाइटी के अनुसार उपद्रवियों ने वैंकूवर के रॉस स्ट्रीट गुरुद्वारे में तोड़फोड़ के बाद उस पर स्प्रेे पेंट से खालिस्तान जिंदाबाद लिख दिया। इस तोड़फोड़ का आरोप खालिस्तान की मांग करने वाले सिख अलगाववादियों के एक छोटे समूह पर लगा है।