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USA: चीन के साथ संबंध सुधारने के लिए भारत को अमेरिका ने दी बधाई, लेकिन शी जिनपिंग को लेकर चेताया भी
Thu, 13 Jun 2024 10:09 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: नितिन गौतम
Updated Thu, 13 Jun 2024 10:09 AM IST
सार
अमेरिका का यह बयान भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर के उस बयान के बाद आया है, जिसमें विदेश मंत्री ने कहा था कि भारत, चीन के साथ संबंध बहेतर करन पर फोकस कर रहा है।
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जिनपिंग-पीएम मोदी।
- फोटो : amarujala
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विस्तार
अमेरिका ने भारत को चीन के साथ संबंध सुधारने के लिए शुभकामनाएं दी हैं। अमेरिका के एक शीर्ष राजनयिक ने यह बात कही। अमेरिका का यह बयान भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर के उस बयान के बाद आया है, जिसमें विदेश मंत्री ने कहा था कि भारत, चीन के साथ संबंध बहेतर करन पर फोकस कर रहा है।
अमेरिका ने दी बधाई
अमेरिका के उप-विदेश मंत्री कर्ट कैंपबेल से वॉशिंगटन स्थित एक थिंक टैंक द्वारा जयशंकर के बयान को लेकर सवाल किया गया था। इसके जवाब में कैंपबेल ने कहा कि 'मुझे लगता है कि सच ये है कि दोनों देश किसी भी समय तनाव कम करने के लिए सहमति कर सकते हैं। हम भी इसका समर्थन करेंगे। मैं भारत को इस कोशिश के लिए धन्यवाद देता हूं। हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि हम इस साझेदारी के बारे में अच्छा सोचते हैं, लेकिन दोनों देशों के बीच ऐसे आधारभूत मुद्दे हैं, जिन पर सहमति बनाना काफी मुश्किल होगा।'
दोनों देशों के बीच सीमा पर तनाव जारी
अमेरिकी उप-विदेश मंत्री ने कहा कि भारत को चीन के साथ आधारभूत संबंधों में सुधार के लिए, ये उम्मीद करनी चाहिए कि चीन की सोच बदल जाए। उन्होंने कहा हमने देखा है कि शी जिनपिंग का रुख सीमा विवाद को लकर बहुत लचीला नहीं रहा है। गौरतलब है कि भारत और चीन के बीच 3800 किलीमीटर लंबी है और गलत सीमांकन के चलते भारत का चीन के साथ विवाद है। साल 1962 में दोनों देश युद्ध भी लड़ चुके हैं और साल 2020 से दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने हैं। जुलाई 2020 में सीमा पर हुई झड़प में 20 भारतीय सैनिकों की मौत हो गई थी। दोनों देशों की सेनाओं में यह बीते पांच दशकों में यह पहली बड़ी हिंसक झड़प थी।
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अमेरिका ने दी बधाई
अमेरिका के उप-विदेश मंत्री कर्ट कैंपबेल से वॉशिंगटन स्थित एक थिंक टैंक द्वारा जयशंकर के बयान को लेकर सवाल किया गया था। इसके जवाब में कैंपबेल ने कहा कि 'मुझे लगता है कि सच ये है कि दोनों देश किसी भी समय तनाव कम करने के लिए सहमति कर सकते हैं। हम भी इसका समर्थन करेंगे। मैं भारत को इस कोशिश के लिए धन्यवाद देता हूं। हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि हम इस साझेदारी के बारे में अच्छा सोचते हैं, लेकिन दोनों देशों के बीच ऐसे आधारभूत मुद्दे हैं, जिन पर सहमति बनाना काफी मुश्किल होगा।'
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दोनों देशों के बीच सीमा पर तनाव जारी
अमेरिकी उप-विदेश मंत्री ने कहा कि भारत को चीन के साथ आधारभूत संबंधों में सुधार के लिए, ये उम्मीद करनी चाहिए कि चीन की सोच बदल जाए। उन्होंने कहा हमने देखा है कि शी जिनपिंग का रुख सीमा विवाद को लकर बहुत लचीला नहीं रहा है। गौरतलब है कि भारत और चीन के बीच 3800 किलीमीटर लंबी है और गलत सीमांकन के चलते भारत का चीन के साथ विवाद है। साल 1962 में दोनों देश युद्ध भी लड़ चुके हैं और साल 2020 से दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने हैं। जुलाई 2020 में सीमा पर हुई झड़प में 20 भारतीय सैनिकों की मौत हो गई थी। दोनों देशों की सेनाओं में यह बीते पांच दशकों में यह पहली बड़ी हिंसक झड़प थी।
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