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US: 'कैपिटल हिल के उपद्रवियों को माफ कर दूंगा', राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रामास्वामी ने न्यायपालिका को कोसा
Thu, 07 Sep 2023 09:37 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: नितिन गौतम
Updated Thu, 07 Sep 2023 09:37 AM IST
सार
रामास्वामी ने कहा कि 'बाइडन सरकार के अन्याय विभाग ने 1000 से अधिक शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है, जो हमारी न्याय व्यवस्था के आधारभूत सिद्धांतों पर काला धब्बा है।'
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विवेक रामास्वामी
- फोटो : SOCIAL MEDIA
विस्तार
अमेरिका में रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार विवेक रामास्वामी की लोकप्रियता में लगातार इजाफा हो रहा है। अब विवेक रामास्वामी ने कहा है कि अगर वह 2024 में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में जीत जाते हैं तो वह 6 जनवरी 2021 को कैपिटल हिल में हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन के आरोपियों को माफ कर देंगे। विवेक रामास्वामी ने इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भी माफ करने की बात कही थी और कहा था कि ट्रंप के खिलाफ चल रहे मुकदमे राजनीति से प्रेरित हैं।
न्याय व्यवस्था पर उठाए सवाल
विवेक रामास्वामी ने अमेरिका की न्याय व्यवस्था पर तीखा हमला बोला। रामास्वामी ने कहा कि अमेरिका में अब दो स्तरीय न्याय व्यवस्था है। जिसमें एंतिफा और बीएलएम के दंगाई खुले घूम रहे हैं, जबकि छह जनवरी को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले लोगों को बिना जमानत जेल में डाल दिया गया है। बाइडन सरकार के अन्याय विभाग ने 1000 से अधिक शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है, जो हमारी न्याय व्यवस्था के आधारभूत सिद्धांतों पर काला धब्बा है। रामास्वामी ने कहा कि 'इस देश को एकजुट करने के लिए बतौर राष्ट्रपति मैं उन सभी अमेरिकी नागरिकों को माफ कर दूंगा, जिन्हें राजनीतिक संघवाद के चलते निशाना बनाया गया और जिन्हें प्रक्रिया के खिलाफ जाकर प्रताड़ित किया गया। इनमें 6 जनवरी 2021 के सभी शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी शामिल हैं, जिन्हें उनके संवैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल करने की भी अनुमति नहीं दी गई।'
क्या है 6 जनवरी 2021 का विवाद
बता दें कि अमेरिकी संसद और उसके आसपास के इलाके को कैपिटल हिल कहा जाता है। अमेरिका में 2020 में हुए राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन नेता डोनाल्ड ट्रंप को डेमोक्रेट नेता जो बाइडन के सामने हार का सामना करना पड़ा था। ट्रंप पर आरोप है कि उन्होंने चुनाव नतीजों में धांधली का आरोप लगाते हुए अपने समर्थकों से एकजुट होने की अपील की। इसके बाद छह जनवरी 2021 को करीब दो हजार लोग कैपिटल हिल इलाके में एकजुट हुए और आरोप है कि ट्रंप के उकसावे वाले बयान के बाद भीड़ ने कैपिटल हिल पर हमला बोल दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी बैरिकेड तोड़कर अमेरिकी संसद में घुस गए। घटना के समय कई बड़े नेता और अधिकारी कैपिटल हिल में मौजूद थे। हालांकि सुरक्षाकर्मियों ने किसी तरह प्रदर्शनकारियों को कैपिटल हिल से बाहर निकाला।
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ट्रंप को भी माफ करने की बात कह चुके हैं
बता दें कि विवेक रामास्वामी इससे पहले अपने एक बयान में डोनाल्ड ट्रंप को भी माफ करने की बात कह चुके हैं। रामास्वामी ने कहा था कि अगर डोनाल्ड ट्रंप रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से उम्मीदवार बनते हैं तो मैं डोनाल्ड ट्रंप को वोट दूंगा लेकिन अगर मैं राष्ट्रपति बनता हूं तो मैं देश को एकजुट रखने के लिए ट्रंप को माफ कर दूंगा। विवेक रामास्वामी की लोकप्रियता में लगातार इजाफा देखा जा रहा है और यही वजह है कि रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति पद के लिए डोनाल्ड ट्रंप के बाद सबसे ज्यादा 15 फीसदी समर्थन विवेक रामास्वामी को मिला है।
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न्याय व्यवस्था पर उठाए सवाल
विवेक रामास्वामी ने अमेरिका की न्याय व्यवस्था पर तीखा हमला बोला। रामास्वामी ने कहा कि अमेरिका में अब दो स्तरीय न्याय व्यवस्था है। जिसमें एंतिफा और बीएलएम के दंगाई खुले घूम रहे हैं, जबकि छह जनवरी को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले लोगों को बिना जमानत जेल में डाल दिया गया है। बाइडन सरकार के अन्याय विभाग ने 1000 से अधिक शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है, जो हमारी न्याय व्यवस्था के आधारभूत सिद्धांतों पर काला धब्बा है। रामास्वामी ने कहा कि 'इस देश को एकजुट करने के लिए बतौर राष्ट्रपति मैं उन सभी अमेरिकी नागरिकों को माफ कर दूंगा, जिन्हें राजनीतिक संघवाद के चलते निशाना बनाया गया और जिन्हें प्रक्रिया के खिलाफ जाकर प्रताड़ित किया गया। इनमें 6 जनवरी 2021 के सभी शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी शामिल हैं, जिन्हें उनके संवैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल करने की भी अनुमति नहीं दी गई।'
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क्या है 6 जनवरी 2021 का विवाद
बता दें कि अमेरिकी संसद और उसके आसपास के इलाके को कैपिटल हिल कहा जाता है। अमेरिका में 2020 में हुए राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन नेता डोनाल्ड ट्रंप को डेमोक्रेट नेता जो बाइडन के सामने हार का सामना करना पड़ा था। ट्रंप पर आरोप है कि उन्होंने चुनाव नतीजों में धांधली का आरोप लगाते हुए अपने समर्थकों से एकजुट होने की अपील की। इसके बाद छह जनवरी 2021 को करीब दो हजार लोग कैपिटल हिल इलाके में एकजुट हुए और आरोप है कि ट्रंप के उकसावे वाले बयान के बाद भीड़ ने कैपिटल हिल पर हमला बोल दिया। इस दौरान बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी बैरिकेड तोड़कर अमेरिकी संसद में घुस गए। घटना के समय कई बड़े नेता और अधिकारी कैपिटल हिल में मौजूद थे। हालांकि सुरक्षाकर्मियों ने किसी तरह प्रदर्शनकारियों को कैपिटल हिल से बाहर निकाला।
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ट्रंप को भी माफ करने की बात कह चुके हैं
बता दें कि विवेक रामास्वामी इससे पहले अपने एक बयान में डोनाल्ड ट्रंप को भी माफ करने की बात कह चुके हैं। रामास्वामी ने कहा था कि अगर डोनाल्ड ट्रंप रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से उम्मीदवार बनते हैं तो मैं डोनाल्ड ट्रंप को वोट दूंगा लेकिन अगर मैं राष्ट्रपति बनता हूं तो मैं देश को एकजुट रखने के लिए ट्रंप को माफ कर दूंगा। विवेक रामास्वामी की लोकप्रियता में लगातार इजाफा देखा जा रहा है और यही वजह है कि रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से राष्ट्रपति पद के लिए डोनाल्ड ट्रंप के बाद सबसे ज्यादा 15 फीसदी समर्थन विवेक रामास्वामी को मिला है।