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USA: सिएटल में जातिगत भेदभाव के खिलाफ बने कानून का विरोध, सांसद बोले- यहां बढ़ रही हिंदुओं के खिलाफ नफरत

Thu, 23 Feb 2023 09:15 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: नितिन गौतम Updated Thu, 23 Feb 2023 09:15 AM IST
सार

सिएटल सिटी काउंसिल द्वारा पास किए गए विधेयक को क्षमा सावंत ने पेश किया था, जिसे बहुमत से पास कर दिया गया। जातिगत भेदभाव के खिलाफ कानून बनाने वाला सिएटल अमेरिका का पहला राज्य बन गया है। 

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USA seattle city law on caste opposed by indian american community siad its hinduphobia
सिएटल में बना जातिगत भेदभाव के खिलाफ कानून - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

अमेरिका के सिएटल शहर में जातिगत भेदभाव के खिलाफ एक कानून बना है, जिसका विरोध भी शुरू हो गया है। भारतीय मूल के अमेरिकी सीनेटर ने आरोप लगाया है कि यह कानून बताता है कि अमेरिका में हिंदू विरोध बढ़ रहा है। अमेरिका को ओहायो प्रांत से भारतीय अमेरिकी सीनेटर नीरज अंतानी ने कहा कि मैं सिएटल सिटी काउंसिल के इस कानून का कड़ा विरोध करता हूं क्योंकि अब जातिगत भेदभाव है ही नहीं। 

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अंतानी ने आरोप लगाया कि यह भेदभाव विरोधी नीति हिंदू विरोधी है और यह गैर हिंदुओं के लिए अमेरिका, भारत और पूरी दुनिया में रहने वाले हिंदुओं से भेदभाव का औजार है। उन्होंने कहा कि सिएटल को इस रंगभेद नीति की बजाय हिंदुओं से भेदभाव से रक्षा की नीति बनानी चाहिए।  बता दें कि सिएटल सिटी काउंसिल द्वारा पास किए गए विधेयक को क्षमा सावंत ने पेश किया था, जिसे बहुमत से पास कर दिया गया। जातिगत भेदभाव के खिलाफ कानून बनाने वाला सिएटल अमेरिका का पहला राज्य बन गया है। इस कानून में जाति शब्द को जोड़ा गया है, जिसका विरोध हो रहा है। 
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कोलिसन ऑफ हिंदूज ऑफ नॉर्थ अमेरिका (कोहना) के साथ कई अन्य संगठनों के साथ इस कानून का विरोध शुरू कर दिया है। कोहना ने बयान जारी कर कहा कि वह भेदभाव से निपटने की कोशिशों का पूरा समर्थन करते हैं लेकिन ऐसे आरोप लगाने से पहले पूरा डाटा पेश किया जाना चाहिए लेकिन यहां  गलत डाटा के आधार पर कानून बना  दिया गया है। कोहना के अध्यक्ष निकुंज त्रिवेदी ने बताया कि यह कानून अपने आप में भेदभावपूर्ण है क्योंकि इसमें लिंग, धर्म आदि कि जगह इस बात पर जोर है कि दक्षिण एशियाई समुदाय की विशेष निगरानी करने की जरूरत है। 
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उन्होंने कहा कि यह कानून उन लोगों की जानकारी के आधार पर बना है, जो हिंदू धर्म को खत्म करने के लिए खुले तौर पर एलान कर चुके हैं। वहीं कोहना के दलित समुदाय से आने वाले कार्यकर्ता एल्ड्रिन दीपक ने कहा कि कानून को बनाए जाने से पहले दलित बहुजन समाज के सभी सदस्यों से चर्चा नहीं की गई। हम ऐसे भेदभाव और बांटने वाले कानून का विरोध करते हैं। 

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