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US: '..रुचि नहीं दिखाई तो गंभीर आर्थिक परिणाम भुगतने होंगे', अलास्का में वार्ता से पहले ट्रंप की पुतिन को धमकी

Fri, 15 Aug 2025 07:19 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन। Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 15 Aug 2025 07:19 PM IST
सार

US: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अलास्का में वार्ता से पहले अपने रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन को चेतावनी दी कि यदि वह वार्ता में रुचि नहीं लेंगे तो उन्हें गंभीर आर्थिक परिणाम भुगतने होंगे। ट्रंप ने कहा कि वह अपने देश पर ध्यान देना चाहते हैं, लेकिन इस वार्ता से कई लोगों की जान बच सकती है। 

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US Trump says Vladimir Putin will face severe economic consequences if not interested
डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : पीटीआई (फाइल)

विस्तार

यूक्रेन युद्ध पर अलास्का में वार्ता से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को एक बार फिर अपने रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन को चेतावनी दी। उन्होंने कहा, अगर पुतिन इसमें रुचि नहीं लेते हैं, तो उन्हें गंभीर आर्थिक परिणाम भुगतने होंगे। मैं यह अपने लिए नहीं कर रहा हूं। मुझे इसकी जरूरत नहीं है। मैं अपने देश पर ध्यान केंद्रित करना चाहता हूं, लेकिन मैं यह बहुत से लोगों की जान बचाने के लिए कर रहा हूं।
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मैं राष्ट्रपति नहीं होता तो यूक्रेन पर कब्जा कर लेते पुतिन: ट्रंप
यह पूछे जाने पर कि क्या अलास्का में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ उनकी बैठक में क्षेत्रों की अदला-बदली पर चर्चा होगी, अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, इस पर चर्चा होगी, लेकिन मुझे यूक्रेन को यह निर्णय लेने देना होगा। मुझे लगता है कि वे उचित निर्णय लेंगे। लेकिन मैं यहां यूक्रेन के लिए बातचीत करने नहीं आया हूं। व्लादिमीर पुतिन पूरे यूक्रेन पर कब्जा करना चाहते थे। अगर मैं राष्ट्रपति नहीं होता, तो वे अभी पूरे यूक्रेन पर कब्जा कर रहे होते, लेकिन वे ऐसा नहीं करने वाले हैं। 
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हमारे पास मजबूत तर्क और स्पष्ट रुख: रूसी विदेश मंत्री
इससे पहले, अलास्का में वार्ता के लिए पहुंचे रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने अमेरिकी राष्ट्रपति की उस टिप्पणी पर सीधा जवाब देने से इनकार किया, जिसमें ट्रंप ने वार्ता के सफल होने की संभावना सिर्फ 25% बताई थी। रूसी मीडिया के मुताबिक, लावरोव ने वार्ता को लेकर कहा, हम जानते हैं कि हमारे पास मजबूत तर्क और एक साफ-सुथरा, ठोस रुख है। हम अपनी बात रखेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि इस वार्ता की तैयारी पहले से ट्रंप के विशेष दूत द्वारा की गई थी और उन्हें उम्मीद है कि बातचीत का सिलसिला अगले दिन भी जारी रहेगा।

ट्रंप और पुतिन आज अलास्का के एंकरेज में मिलने वाले हैं। इस बैठक का मकसद रूस और यूक्रेन के बीच तीन साल से जारी युद्ध में स्थायी संघर्ष विराम समझौते के लिए सहमति बनाना है। यह बैठक ट्रंप के यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के प्रयासों का हिस्सा है। उन्होंने पिछले साल चुनाव प्रचार के दौरान कहा था कि अगर वह चुने जाते हैं तो 24 घंटे में युद्ध खत्म कर देंगे, लेकिन उन्हें अब तक कोई कामयाबी नहीं मिली है।

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ट्रंप और पुतिन की बैठक कहां और कब होगी?
दोनों नेता अलास्का के एंकरेज में अमेरिकी सैन्य अड्डे जॉइंट बेस एल्मेंडोर्फ-रिचर्डसन में मिलेंगे। बैठक का समय अलास्का के समयानुसार सुबह करीब 11:30 बजे निर्धारित है, जो बाद में बदल भी सकता है। रूसी प्रतिनिधिमंडल में विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव, रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलूसोव, वित्त मंत्री एंटोन सिलुआनोव, राष्ट्रपति के सहायक यूरी उशाकोव और विशेष राजदूत किरिल दिमित्रियेव शामिल होंगे। अभी तक स्पष्ट नहीं है कि अमेरिकी तरफ से कौन ट्रंप के साथ बैठक में मौजूद रहेगा।

बैठक में जेलेंस्की और यूरोपीय नेता नहीं होंगे शामिल
यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोदिमिर जेलेंस्की और यूरोपीय नेता इस बैठक में शामिल नहीं होंगे। ट्रंप से 11 अगस्त  को जब पूछा गया कि जेलेंस्की को इस बैठक में क्यों शामिल नहीं किया गया, तो उन्होंने कहा था कि जेलेंस्की तीन साल से राष्ट्रपति हैं, लेकिन युद्ध खत्म करने में कोई प्रगति नहीं हुई है। 

अलास्का क्यों चुना गया है?
अलास्का अमेरिकी मुख्य भूमि के उत्तर-पश्चिम में स्थित है। इसे रूस के सबसे नजदीकी पड़ोसी क्षेत्र के रूप में जाना जाता है। यह राज्य अमेरिका के बाकी हिस्सों की तुलना में रूस के ज्यादा करीब है। रूस की तरफ से यह चुकोट्का स्वायत्त जिले के सबसे करीब है। यह क्षेत्र पहले मूल अमेरिकी लोगों का घर था और 18वीं सदी में इस पर रूसी साम्राज्य ने कब्जा किया था। महंगे रख-रखाव के कारण रूस ने 1867 में इसे अमेरिका को 7.2 मिलियन डॉलर में बेच दिया, जो आज के हिसाब से करीब 162 मिलियन डॉलर है। इस क्षेत्र में आज भी रूसी प्रभाव देखने को मिलता है, जैसे रूसी ऑर्थोडॉक्स चर्च और कुछ लोगों के रूसी नाम।

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