Tahawwur Rana: अमेरिकी अदालत से तहव्वुर राणा को बड़ा झटका, प्रत्यर्पण को रोकने की मांग वाली याचिका हुई खारिज
तहव्वुर राणा ने 27 फरवरी को फिर से अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट में "बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के लंबित मुकदमे पर रोक लगाने के लिए आपातकालीन आवेदन" प्रस्तुत किया था। जिसे सुप्रीम कोर्ट ने आज खारिज कर दिया।
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मुंबई आतंकवादी हमले के आरोपी आतंकी तहव्वुर राणा के भारत प्रत्यर्पण का रास्ता साफ हो गया है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई आतंकी हमले के आरोपी तहव्वुर राणा की भारत प्रत्यर्पण पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद तहव्वुर को भारत लाने की राह और आसान हो गई। पाकिस्तानी मूल के 64 वर्षीय कनाडाई नागरिक तहव्वुर राणा फिलहाल लॉस एंजिल्स के मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में बंद हैं और भारत प्रत्यर्पण रुकवाने के पैंतरे आजमा रहा है।
तहव्वुर राणा ने 27 फरवरी को अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट की एसोसिएट जस्टिस और नौवें सर्किट की सर्किट जस्टिस एलेना कागन के समक्ष बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के लंबित मुकदमे पर रोक लगाने के लिए आपातकालीन आवेदन दिया था। पिछले महीने की शुरुआत में जस्टिस कागन ने राणा के आवेदन को अस्वीकार कर दिया था।
राणा ने इसके बाद जस्टिस कागन को पूर्व में संबोधित बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के लंबित रहने तक स्थगन के लिए एक नया आपातकालीन आवेदन दिया। उसने अनुरोध किया कि नया आवेदन चीफ जस्टिस रॉबर्ट्स के पास भेजा जाए। सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट के मुताबिक राणा के नए आवेदन को 4 अप्रैल को कोर्ट के पास भेजा गया। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में एक नोटिस के जरिये बताया गया कि अदालत ने उसके आवेदन को अस्वीकार कर दिया है।
तहव्वुर का पैंतरा फेल
इससे पहले तहव्वुर राणा ने अपने भारत प्रत्यर्पण से बचने के लिए नई चाल चली थी। राणा ने अपने प्रत्यर्पण पर रोक लगाने के लिए अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट में आपातकालीन याचिका दायर की थी।
'पाकिस्तानी मूल का मुस्लिम, भारत में किया जाएगा प्रताड़ित'
आतंकी तहव्वुर राणा ने आवेदन में दावा किया था कि वह पाकिस्तानी मूल का मुस्लिम है, इसलिए भारत में उसे प्रताड़ित किया जाएगा, लिहाजा उसके प्रत्यर्पण पर रोक लगाई जाए। रणा ने अपने खराब स्वास्थ्य का भी हवाला दिया है।
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लॉस एंजिलिस के ट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में रखा गया
किस्तानी मूल के कनाडाई नागरिक राणा (64) को फिलहाल लॉस एंजिलिस के एक मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। तहव्वुर राणा 26/11 हमलों के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक पाकिस्तानी-अमेरिकी आतंकी डेविड कोलमैन हेडली का करीबी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने पिछले महीने राणा के प्रत्यर्पण को मंजूरी दी थी।
इससे पहले जनवरी में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी थी, क्योंकि कोर्ट ने मामले में उसकी समीक्षा याचिका को खारिज कर दिया था। भारत ने पिछले महीने कहा था कि वह तहव्वुर राणा के जल्द प्रत्यर्पण के लिए अमेरिकी अधिकारियों के साथ काम कर रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था, 'अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 21 जनवरी को आरोपी की याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। हम अब मुंबई आतंकी हमले के आरोपी को भारत में जल्द प्रत्यर्पित करने के लिए प्रक्रियात्मक मुद्दों पर अमेरिकी पक्ष के साथ काम कर रहे हैं।'
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26 नवंबर 2008 को हुआ था आतंकी हमला
26 नवंबर 2008 को 10 पाकिस्तानी आतंकियों के एक समूह ने अरब सागर में समुद्री मार्ग के जरिए भारत की वित्तीय राजधानी में घुसने के बाद एक रेलवे स्टेशन, दो होटलों और एक यहूदी केंद्र पर हमला किया था। लगभग 60 घंटे तक चले इस हमले में 166 लोग मारे गए थे, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। हमले के बाद आतंकी अजमल आमिर कसाब को जिंदा पकड़ लिया गया था। नवंबर 2012 में अजमल आमिर कसाब को पुणे की यरवदा जेल में फांसी पर लटका दिया गया था।
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