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बच्चों की पढ़ाई सुधारने का क्या है आसान फॉर्मूला?: विशेषज्ञों ने बताए 30 उपाय, छोटे समूह पर जोर

Wed, 30 Sep 2026 05:42 AM IST
निर्मल कांत द न्यूयॉर्क टाइम्स, वाशिंगटन।
द न्यूयॉर्क टाइम्स, वाशिंगटन। Published by: निर्मल कांत Updated Wed, 30 Sep 2026 05:42 AM IST
सार

अमेरिका के स्कूलों में बच्चों की बुनियादी पढ़ाई को लेकर चिंता बढ़ रही है। एक दशक में 83% स्कूल जिलों में ऐसे छात्रों की संख्या बढ़ी, जो ठीक से पढ़ या आसान गणित के सवाल हल नहीं कर पा रहे। तो क्या सिर्फ लैपटॉप-टैबलेट बांटने से सुधरेगी पढ़ाई या विशेषज्ञों के पास है कोई दूसरा तरीका? पढ़िए इस रिपोर्ट में। 

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us students reading comprehension decline 83 percent school districts concern causes
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक

विस्तार

बच्चों के गणित के बुनियादी सवाल हल करने या सही तरीके से किताबें पढ़ने की क्षमता में गिरावट एक बड़ी चिंता का विषय है। अमेरिका में हाल यह है कि पिछले एक दशक में 83% जिला स्कूलों (शिक्षा व्यवस्था संभालने वाली इकाई) में ऐसे छात्रों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ी है, जो न तो सही उच्चारण कर पाते हैं और न गणित के साधारण सवाल सुलझा पाते हैं। 
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इस समस्या को दूर करने के लिए 37 दिग्गज विशेषज्ञों ने 30 उपाय सुझाए हैं। इसमें बच्चों को छोटे समूह में पढ़ाने और वैज्ञानिक तरीके यानी उच्चारण व संदर्भ को सही ढंग से समझाने को सबसे कारगर बताया गया है।
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शीर्ष शिक्षाविदों, अर्थशास्त्रियों और विशेषज्ञों से प्रमुख नीतिगत विचारों के प्रभाव और लागत का 1 से 7 के पैमाने के आधार पर मूल्यांकन कराने का निष्कर्ष बताता है कि अरबों डॉलर के राजनीतिक वादों की तुलना में जमीनी और व्यावहारिक कदम शिक्षा सुधार में सबसे अचूक साबित हो रहे हैं। शिक्षाविदों के फॉर्मूले के आधार पर कमजोर बच्चों को 3-4 के समूह में पढ़ाना सबसे प्रभावी उपाय है। 
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मिसीसिपी बना मिसाल
मिसीसिपी राज्य ने पढ़ने-सीखने के विज्ञान और स्कूलों की कड़ी जवाबदेही और गुणवत्तापूर्ण पाठ्यक्रम को सख्ती से लागू किया। नतीजा यह रहा कि कभी देश में सबसे निचले पायदान पर रहने वाला यह राज्य आज राष्ट्रीय रैंकिंग में लगातार लंबी छलांग लगा रहा है।

विशेषज्ञों ने इस पर जोर दिया कि सभी शिक्षकों का वेतन एकमुश्त बढ़ाने के बजाय, उन योग्य और बेहतरीन टीचर्स को विशेष बोनस और अतिरिक्त वेतन दिया जाए जो सबसे गरीब और पिछड़े स्कूलों में जाकर पढ़ाने का बीड़ा उठाते हैं।

मुफ्त लैपटॉप या टैबलेट बांट देने से पढ़ाई का स्तर नहीं सुधरता 
विशेषज्ञों की नजर में स्मार्टफोन-मुक्त क्लासरूम कम लागत में सबसे बड़ा और त्वरित बदलाव लाने वाला उपाय है। क्लासरूम में फोन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने से बच्चों का ध्यान भटकना बंद होता है। इससे न केवल बच्चों के टेस्ट स्कोर सुधरे, बल्कि साइबर बुलिंग और अकेलेपन की भावना में कमी आई है।


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विशेषज्ञ कहते हैं कि तकनीक का उपयोग पढ़ाई के लिए हो सकता है, लेकिन पर्सनल स्मार्टफोन क्लास में सीखने की प्रक्रिया का सबसे बड़ा दुश्मन है। कक्षाओं में केवल मुफ्त लैपटॉप या टैबलेट बांट देने से पढ़ाई का स्तर नहीं सुधरता। बिना कुशल शिक्षक टेक-टूल्स केवल खिलौना बनकर रह जाते हैं।

विशेषज्ञों ने इन किफायती और कारगर उपायों को अपनाने पर दिया जोर
उपाय असर      खर्च
उच्च गुणवत्ता पाठ्यक्रम 4.5 3.0
एडवांस्ड क्लास का विस्तार   4.7 3.2
स्कूल की जवाबदेही 4.3 2.8
(1 से 7 अंकों की कसौटी पर असर ज्यादा और खर्च कम)


इन उपायों में खर्च ज्यादा लेकिन सुधार में ज्यादा काम नहीं आते
उपाय असर    खर्च
प्राइवेट स्कूल वाउचर 2.4 5.1
कक्षा का आकार छोटा करना 3.8 6.5
शिक्षकों का वेतन बढ़ाना 3.9 6.3
मानसिक सेहत पर खर्च बढ़ाना   3.5 5.0
एआई का इस्तेमाल 2.2 2.6



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