West Asia Conflict: अमेरिका-ईरान जंग के बीच यूरोप में क्यों बढ़ी घबराहट? जानिए क्या है इसका मॉस्को कनेक्शन
अमेरिका ने ईरान पर युद्ध के बीच पश्चिम एशिया में पैट्रियट मिसाइलें तैनात की हैं, जिससे यूरोप में रूस के खिलाफ वायु सुरक्षा कमजोर होने का खतरा बढ़ गया है। सुरक्षा विशेषज्ञ इस स्थिति को गंभीर बता रहे हैं।
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विस्तार
अमेरिका ने यूरोप से बड़ी संख्या में पैट्रियट (Patriot) एयर डिफेंस मिसाइलों को पश्चिम एशिया की ओर स्थानांतरित किया है। अमेरिकी रक्षा अधिकारियों ने बताया कि इसका उद्देश्य ईरान पर युद्ध में अपनी सुरक्षा बढ़ाना है, लेकिन इससे यूरोप में रूस के खिलाफ वायु सुरक्षा में चिंताजनक अंतर पैदा हुआ है।
अमेरिका ने पिछले सप्ताह जर्मनी से दो पैट्रियट मिसाइल सिस्टम तुर्की के इंसिरलिक एयर बेस भेजे, जहां अमेरिकी और NATO बल तैनात हैं। ये कदम तब उठाए गए जब ईरान ने युद्ध की शुरुआत के बाद से कई बैलिस्टिक मिसाइलें तुर्की की ओर दागी थीं।
यूरोप में मिसाइलों की कमी और चिंता
एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि यूरोप में पैट्रियट मिसाइलों का स्टॉक काफी कम हो गया है। उन्होंने कहा स्थिति काफी चिंताजनक है। हालांकि, व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलीन लीविट ने कहा कि अमेरिकी सेना के पास पर्याप्त हथियार और मिसाइल स्टॉक हैं। नाटो (NATO) की यूरोप रक्षा क्षमता अभी भी पर्याप्त है, लेकिन अमेरिका की रणनीति वैश्विक शक्ति प्रदर्शन के लिए मिसाइलों को विभिन्न क्षेत्रों में तैनात करने की है।
पैट्रियट मिसाइलें और शाहेद ड्रोन
पैट्रियट मिसाइल सिस्टम 1980 के दशक से इस्तेमाल हो रहा है और यह विमान, क्रूज मिसाइल और शॉर्ट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल को रोक सकता है। यूक्रेन युद्ध ने दिखाया है कि पैट्रियट सिस्टम कैसे हाइपरसोनिक और अन्य उच्च तकनीकी मिसाइलों के खिलाफ प्रभावी है। लेकिन पश्चिम एशिया में अमेरिकी अधिकारी बताते हैं कि पैट्रियट मिसाइलें कम तकनीकी ईरानी शाहेद ड्रोन को रोकने के लिए इस्तेमाल की जा रही हैं, जबकि उन्हें उच्च तकनीक वाले लक्ष्यों की सुरक्षा में तैनात होना चाहिए।
NATO के दक्षिणी मोर्चे की सुरक्षा
तुर्की ने बताया कि नाटो ने मालाट्या प्रांत में एक और पैट्रियट सिस्टम तैनात किया है। अमेरिकी और नाटो कमांडर जनरल एलेक्सस ग्रिनकेविच ने भी कहा कि यूरोप की कुछ वायु रक्षा क्षमताओं को पश्चिम एशिया की ओर स्थानांतरित किया गया है।
यूक्रेन और मिसाइलों की कमी
यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने चेतावनी दी है कि अमेरिका के ईरान युद्ध के कारण उनकी देश को पैट्रियट मिसाइलों की कमी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, जर्मनी के एक अधिकारी ने कहा कि अभी तक यूक्रेन में इस वजह से कोई गंभीर ऑपरेशनल शॉर्टफॉल नहीं देखा गया है।
अमेरिका अब पश्चिम एशिया में सीमित मेरोप्स एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात कर रहा है। यह हल्का सिस्टम ड्रोन को ड्रोन से मार सकता है और मिसाइल के मुकाबले सस्ता विकल्प है। अमेरिकी अधिकारी बताते हैं कि शाहेद ड्रोन का मुकाबला करने में शुरुआती प्रतिक्रिया निराशाजनक रही।
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