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Tariff: 'भारत का रूस से तेल खरीदना ही परेशानी की वजह नहीं...', अमेरिकी विदेश मंत्री का चौंकाने वाला बयान
Fri, 01 Aug 2025 09:39 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: नितिन गौतम
Updated Fri, 01 Aug 2025 09:39 AM IST
सार
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि भारत, रूस से सस्ती दरों पर तेल खरीद रहा है, जिससे रूस को यूक्रेन के खिलाफ युद्ध जारी रखने में मदद मिल रही है। इस बात को लेकर अमेरिका काफी नाराज है।
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भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर और अमेरिकी समकक्ष मार्को रुबियो
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि भारत, रूस से तेल खरीद रहा है, जिससे रूस को आर्थिक मदद मिल रही है और यूक्रेन में युद्ध जारी है। मार्को रुबियो ने कहा कि भारत के साथ परेशानी की ये सबसे बड़ी वजह है, लेकिन इसके अलावा भी कई अन्य वजह हैं।
मार्को रुबियो बोले- रूस को यूक्रेन के खिलाफ लड़ाई जारी रखने में मदद कर रहा भारत
एक अमेरिकी मीडिया संस्थान के साथ इंटरव्यू में मार्को रुबियो ने दावा किया कि राष्ट्रपति ट्रंप, इस बात से बेहद नाराज हैं कि भारत, रूस से लगातार तेल की खरीद कर रहा है, जबकि भारत के पास तेल खरीदने के लिए कई अन्य विकल्प मौजूद हैं। लेकिन रूस से तेल खरीदकर भारत, रूस की यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में मदद कर रहा है। रुबियो ने कहा कि 'भारत को अपनी अर्थव्यवस्था के लिए ऊर्जा की बहुत ज्यादा जरूरत है। ऐसे में भारत, रूस से तेल खरीद रहा है क्योंकि रूस का तेल प्रतिबंधों के चलते सस्ता है। कई मामलों में रूस वैश्विक तेल की कीमतों से कम पर भी तेल बेच रहा है। लेकिन दुर्भाग्य से इससे रूस को यूक्रेन के खिलाफ लड़ाई जारी रखने में मदद मिल रही है। इसलिए ये सबसे अहम वजह है, जिससे हमें परेशानी है, लेकिन ये सिर्फ इकलौती वजह नहीं हैं। हमारे बीच कुछ अन्य मुद्दे भी हैं, जिन पर असहमति है।'
ये भी पढ़ें- Trump Tariffs: ट्रंप ने फिर टाली टैरिफ लागू करने की तारीख; यह भारत के लिए राहत कैसे और शुल्क का क्या होगा असर?
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इस मुद्दे पर भी है विवाद
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर बातचीत जारी है, लेकिन एक मुद्दे पर दोनों देशों के बीच सहमति नहीं बन पा रही है। दरअसल भारत, अमेरिका के लिए अपने कृषि और डेयरी उद्योग को खोलने के लिए तैयार नहीं है, जबकि अमेरिका इसके लिए दबाव बना रहा है। अमेरिका भारत में अपने कृषि उत्पाद, जीएम फसलें, डेयरी उत्पाद, मक्का, सोयाबीन, सेब, बादाम और इथेनॉल आदि को बेचना चाहता है। अमेरिका की मांग है कि इन सेक्टर में टैरिफ कम किए जाएं। भारत का मानना है कि अगर उन्होंने कृषि और डेयरी सेक्टर अमेरिका के लिए खोला तो हमारे देश के छोटे किसान लाखों रुपये की सब्सिडी पाने वाले अमेरिकी किसानों से प्रतिद्वंदिता नहीं कर पाएंगे। इनके अलावा भी कई अन्य क्षेत्र हैं, जहां अमेरिका अपने उत्पादों पर टैरिफ घटाने की मांग कर रहा है।
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मार्को रुबियो बोले- रूस को यूक्रेन के खिलाफ लड़ाई जारी रखने में मदद कर रहा भारत
एक अमेरिकी मीडिया संस्थान के साथ इंटरव्यू में मार्को रुबियो ने दावा किया कि राष्ट्रपति ट्रंप, इस बात से बेहद नाराज हैं कि भारत, रूस से लगातार तेल की खरीद कर रहा है, जबकि भारत के पास तेल खरीदने के लिए कई अन्य विकल्प मौजूद हैं। लेकिन रूस से तेल खरीदकर भारत, रूस की यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में मदद कर रहा है। रुबियो ने कहा कि 'भारत को अपनी अर्थव्यवस्था के लिए ऊर्जा की बहुत ज्यादा जरूरत है। ऐसे में भारत, रूस से तेल खरीद रहा है क्योंकि रूस का तेल प्रतिबंधों के चलते सस्ता है। कई मामलों में रूस वैश्विक तेल की कीमतों से कम पर भी तेल बेच रहा है। लेकिन दुर्भाग्य से इससे रूस को यूक्रेन के खिलाफ लड़ाई जारी रखने में मदद मिल रही है। इसलिए ये सबसे अहम वजह है, जिससे हमें परेशानी है, लेकिन ये सिर्फ इकलौती वजह नहीं हैं। हमारे बीच कुछ अन्य मुद्दे भी हैं, जिन पर असहमति है।'
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इस मुद्दे पर भी है विवाद
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते पर बातचीत जारी है, लेकिन एक मुद्दे पर दोनों देशों के बीच सहमति नहीं बन पा रही है। दरअसल भारत, अमेरिका के लिए अपने कृषि और डेयरी उद्योग को खोलने के लिए तैयार नहीं है, जबकि अमेरिका इसके लिए दबाव बना रहा है। अमेरिका भारत में अपने कृषि उत्पाद, जीएम फसलें, डेयरी उत्पाद, मक्का, सोयाबीन, सेब, बादाम और इथेनॉल आदि को बेचना चाहता है। अमेरिका की मांग है कि इन सेक्टर में टैरिफ कम किए जाएं। भारत का मानना है कि अगर उन्होंने कृषि और डेयरी सेक्टर अमेरिका के लिए खोला तो हमारे देश के छोटे किसान लाखों रुपये की सब्सिडी पाने वाले अमेरिकी किसानों से प्रतिद्वंदिता नहीं कर पाएंगे। इनके अलावा भी कई अन्य क्षेत्र हैं, जहां अमेरिका अपने उत्पादों पर टैरिफ घटाने की मांग कर रहा है।
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