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US: 'अफगानिस्तान में आतंकी गतिविधियों को लेकर चिंतित, जरूरत पड़ी तो..', अमेरिकी विदेश मंत्रालय का बड़ा बयान

Tue, 12 Dec 2023 08:11 AM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Tue, 12 Dec 2023 08:11 AM IST
सार

अफगानिस्तान के हालात को लेकर हाल ही में संयुक्त राष्ट्र के सहायता मिशन ने कहा था कि देश में शिया और हजारा समुदाय के खिलाफ बीते कुछ महीनों में हिंसा की घटनाएं बढ़ी हैं। खासकर काबुल, बल्ख, हेरात जैसे प्रांतों में। 

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US says it expects Taliban Afghanistan Terrorism Pakistan Relations Shia Hazara Women news and updates
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने अफगानिस्तान पर दिया बयान। - फोटो : Social Media

विस्तार

अमेरिका ने अफगानिस्तान के मौजूदा हालात को लेकर चिंता जताई है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि वह अफगानिस्तान में आतंकी गतिविधियों की संभावनाओं से चिंतित है और उम्मीद करता है कि तालिबान देश को आतंकियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह बनने से रोकेगा। 
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अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने अफगानिस्तान को लेकर यह बयान तब दिया, जब उनसे इस देश को लेकर अमेरिका की चिंताओं के बारे में पूछा गया। मिलर ने कहा, "हम अफगानिस्तान में आतंकी गतिविधियों के बढ़ने की संभावना को लेकर चिंतित हैं। हम पहले ही साफ कर चुके हैं कि हमारे पास आज भी दूसरे देशों में आतंक-रोधी अभियान चलाने की क्षमता है। लेकिन हमें उम्मीद है कि तालिबान अफगानिस्तान को आतंकियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह नहीं बनने देगा।"
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शिया और हजारा समुदाय के खिलाफ बढ़ रहीं हिंसा की घटनाएं
गौरतलब है कि अफगानिस्तान के हालात को लेकर हाल ही में संयुक्त राष्ट्र के सहायता मिशन ने कहा था कि देश में शिया और हजारा समुदाय के खिलाफ बीते कुछ महीनों में हिंसा की घटनाएं बढ़ी हैं। खासकर काबुल, बल्ख, हेरात जैसे प्रांतों में। हेरात प्रांत में कुछ दिनों पहले ही शिया मुस्लिमों पर हमला भी हुआ था। वहीं, एक दिसंबर को एक बंदूकधारी के हमले में चार पुरुष और दो महिलाओं की मौत हुई थी। यह घटना हेरात प्रांत के हजारा आबादी वाले इलाके में हुई थी। 
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मिलर ने कहा कि अफगानिस्तान में महिलाओं और बच्चियों के साथ हो रही घटनाओं को लेकर अमेरिका काफी चिंतित है। खासकर तालिबान के आने के बाद से महिलाओं के मानवाधिकारों को लगातार कुचला जा रहा है और छोटी लड़कियों को स्कूली शिक्षा या उच्च शिक्षा से दूर किया जा रहा है। 

'अफगानिस्तान-पाकिस्तान के बीच विवाद के राजनयिक हल का समर्थन'
मिलर ने आगे अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच उपजे विवादों को लेकर भी अमेरिका का पक्ष रखा। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के खराब होते रिश्तों के बारे में सवाल पर मिलर ने कहा कि हम दोनों के बीच विवादों के राजनयिक तौर पर हल किए जाने का समर्थन करते हैं। हम इस पूरी प्रक्रिया से जुड़े हैं और आगे भी दोनों पक्षों से जुड़े रहेंगे। 


बता दें कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान के रिश्तों में बीते कुछ महीनों में खटास आई है। पहले दोनों देशों के बीच जारी सीमा विवाद को लेकर खींचतान जारी रही। इसके बाद तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) की ओर से पाकिस्तानी सेना पर किए गए हमलों को लेकर भी दोनों देशों के रिश्तों में खटास आई। अब पाकिस्तान की अंतरिम सरकार ने अफगानिस्तान से अवैध तरीके से सीमापार कर आए शरणार्थियों को लौटाने का अभियान शुरू किया है, जिसे लेकर उसके तालिबान के साथ रिश्ते खराब हुए हैं। 
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