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Hindi News ›   World ›   US said, put Pakistan in this list, religious conversion in the country through 'Mian Mitthu'

Pakistan: अमेरिका ने कहा- पाकिस्तान को डालो इस सूची में, 'मियां मिट्ठू' से करा रहा देश में धर्मांतरण

Thu, 16 Nov 2023 08:25 PM IST
Ashish Tiwari आशीष तिवारी
Updated Thu, 16 Nov 2023 08:25 PM IST
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सार
पाकिस्तान में बीते कुछ सालों से अल्पसंख्यकों पर जबरन अत्याचार किया जा रहा है। जब पाकिस्तान में रहने वाले अल्पसंख्यकों ने यूनाइटेड नेशन से लेकर दुनियाभर के तमाम मानवाधिकार संगठनों से इसकी अपील की, तो इंटरनेशनल दबाव में पाकिस्तान ने खुद जब सर्वे कराया, तो उसकी रिपोर्ट चौंकाने वाली आई...
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US said, put Pakistan in this list, religious conversion in the country through 'Mian Mitthu'
Pakistan - फोटो : Amar Ujala/Sonu Kumar

विस्तार

पाकिस्तान के 'मियां मिट्ठू' से स्थानीय सरकार न सिर्फ वहां के अल्पसंख्यकों पर जुल्म ढहा रही है बल्कि हिंदू, अल्पसंख्यक मुस्लिम, ईसाई और सिखों को जबरन धर्मांतरण भी करने पर मजबूर कर रही है। पाकिस्तान के सिंध प्रांत में रहने वाले मियां अब्दुल हक उर्फ 'मियां मिट्ठू' जैसे तकरीबन डेढ़ दर्जन से ज्यादा सरकार के गुर्गों ने पाकिस्तान ने सिंध प्रांत से लेकर आसपास के अन्य राज्यों के जिलों में जबरन धर्मांतरण कर अल्पसंख्यकों पर अत्याचार करवाया जा रहा है। पाकिस्तान की अपनी खुद की मानवाधिकार रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है। इसके अलावा पाकिस्तान में लगातार हो रहे अल्पसंख्यकों पर अत्याचार के मामलों में अमेरिका के (धार्मिक स्वतंत्रता आयोग) कमिशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम ने विदेश विभाग को 'विशेष चिंता वाले देशों' में शामिल करने को कहा है।

दरअसल पाकिस्तान में बीते कुछ सालों से अल्पसंख्यकों पर जबरन अत्याचार किया जा रहा है। जब पाकिस्तान में रहने वाले अल्पसंख्यकों ने यूनाइटेड नेशन से लेकर दुनियाभर के तमाम मानवाधिकार संगठनों से इसकी अपील की, तो इंटरनेशनल दबाव में पाकिस्तान ने खुद जब सर्वे कराया, तो उसकी रिपोर्ट चौंकाने वाली आई। दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में मानवाधिकारों की आवाज बुलंद करने वाले इश्तियाक अहमद कहते हैं कि पाकिस्तान में इस वक्त जितना अल्पसंख्यकों पर अत्याचार हो रहा है वह चरम पर है। इश्तियाक अहमद कहते हैं कि पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट कहती है कि 2022 में स्थानीय लोगों की टीम ने ईसाइयों पर हमले किए। इसके अलावा सिंध प्रांत के नसीरपुर में भी अल्पसंख्यकों में शामिल शिया, अहमदिया क्रिश्चियन, सिख और हिंदुओं पर हो रहे हमले में इन्हीं स्थानीय लोगों की मदद से अत्याचार भी किया गया। इश्तियाक कहते हैं कि यह हाल तब है जब पूरी दुनिया में पाकिस्तान के भीतर अल्पसंख्यकों पर अत्याचार की तस्वीर और उन पर ढहाए जाने वाले जुल्मों की दास्तान अलग-अलग माध्यमों से सामने आती रहती हैं।

विदेशी मामलों से जुड़े विशेषज्ञ खासतौर से पाकिस्तान में लगातार अल्पसंख्यकों पर हो रहे जुल्मों पर अपनी राय देने वाले कर्नल देवेश दत्ता कहते हैं कि 26 अक्तूबर 2023 को सिंध के अमानकोट के रहने वाले वीर प्रताप सिंह के ट्वीट ने दुनियाभर का ध्यान खींचा। वीर प्रताप सिंह ने न सिर्फ पाकिस्तान के कार्यवाहक वजीर ए आज़म बल्कि यूनाइटेड नेशन से लेकर अमेरिका और दुनिया के अलग-अलग देशों के मानवाधिकार आयोग को टैग करते हुए सोशल मीडिया पर अपने इलाके में अल्पसंख्यकों पर होने वाले अत्याचार और जंगलराज का जिक्र किया। उसके बाद पाकिस्तान के केयरटेकर प्रधानमंत्री ने इस इलाके में जांच तो कराई, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इसी इलाके में बीते लंबे समय से मियां अब्दुल हक उर्फ मियां मिट्ठू धर्मांतरण से लेकर अल्पसंख्यकों पर तरह तरह से अत्याचार करने के लिए कुख्यात सरकार के शागिर्द ने आतंक मचा दिया। जानकारी के मुताबिक मियां मिट्ठू ने सिंध इलाके के कई गांव शहर और तहसील में जबरन धर्मांतरण के साथ-साथ हिंदुओं, सिखों और ईसाइयों की बेटियों से मुसलमानों का विवाह कर कर हालात बदहाल कर दिए।

विदेशी मामलों की जानकारी और पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों पर नजर रखने वाली संस्था इंटरनेशनल सेंटर फॉर माइनॉरिटी ह्यूमन राइट्स के अनूप सभरवाल बताते हैं कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार को अमेरिका की संस्था ने भी अपनी जांच रिपोर्ट में पाया है। अमेरिका के धार्मिक स्वतंत्रता आयोग (कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलिजियस फ्रीडम) ने लगातार उठ रही अल्पसंख्यकों पर अत्याचार की मांग के बाद सर्वे किया, तो पाया कि पाकिस्तान में सच में हालत बहुत बदहाल हो चुके हैं। आयोग की टीम ने पाया कि यहां रहने वाले अल्पसंख्यकों में शामिल समुदाय को टारगेट किया जा रहा है। आयोग की टीम ने जिक्र करते हुए कहा कि अहमदिया और अफगान शरणार्थियों को पाकिस्तान ने जिस तरह से जोर जबरदस्ती करके देश से बाहर निकालने की योजना बनाई है, वह खतरनाक है। पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों के आंकड़े बताते हैं कि सिर्फ जनवरी 2023 में ही पाकिस्तान में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यक समुदाय पर 34 बड़े हमले हुए हैं। इसके अलावा अल्पसंख्यक हिंदुओं के मंदिरों को न सिर्फ तोड़ा गया। बल्कि वहां के हिंदुओं को जबरन धर्मांतरण कराकर मुस्लिम समुदाय में शामिल करने की खतरनाक साजिश रची गई। पाकिस्तान में सिखों पर भी लगातार हमले हो रहे हैं।

पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर हो रहे लगातार हमलों और उन पर किए जाने वाले अत्याचारों को देखते हुए अमेरिका के धार्मिक स्वतंत्रता आयोग ने अमेरिका के विदेश विभाग ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। इसके मुताबिक आयोग ने अमेरिका के विदेश विभाग से कहा है कि वह अपनी 2023 की वार्षिक आकलन रिपोर्ट में पाकिस्तान को 'गंभीर धार्मिक स्वतंत्रता उल्लंघन' वाले देश के तौर पर चिन्हित करे। इसके अलावा पाकिस्तान में हों रहे मानवाधिकार के खुले उल्लंघनों के चलते 'विशेष चिंता वाले देशों' में भी शामिल करें। इंटरनेशनल सेंटर फॉर माइनॉरिटी ह्यूमन राइट्स के अनूप सभरवाल कहते हैं कि अमेरिका के धार्मिक संस्था आयोग की टिप्पणी के बाद पाकिस्तान के लिए समूची दुनिया में यह कहकर बचाव करना, बिल्कुल संभव नहीं होगा कि वह अपने यहां पर अल्पसंख्यकों की हितों की रक्षा कर पा रहा है।

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