फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   US Safely Escorts 70 Ships in Three Weeks What US Military Say About the Situation in Hormuz

Hormuz: यूएस ने तीन हफ्तों में 70 जहाजों को निकाला सुरक्षित, होर्मुज के हालातों पर अमेरिकी सेना ने क्या कहा?

Mon, 01 Jun 2026 09:23 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Mon, 01 Jun 2026 09:23 PM IST
सार

अमेरिकी सेना ने पिछले तीन हफ्तों में होर्मुज जलडमरूमध्य से करीब 70 व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित निकलने में मदद की है। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध के बाद यह समुद्री रास्ता बेहद संवेदनशील बना हुआ है। जहाज हमले के डर से अपनी पहचान छिपाकर गुजर रहे हैं। दुनिया की 20 प्रतिशत तेल सप्लाई इसी रास्ते से होती है। आइए, विस्तार से मामले को जानते हैं...

विज्ञापन
US Safely Escorts 70 Ships in Three Weeks What US Military Say About the Situation in Hormuz
होर्मुज - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य एक बार फिर दुनिया की चिंता का बड़ा केंद्र बन गया है। अमेरिकी सेना ने पिछले तीन हफ्तों में करीब 70 व्यापारिक जहाजों को इस संवेदनशील समुद्री रास्ते से सुरक्षित निकालने में मदद की है। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद यह इलाका बेहद खतरनाक माना जा रहा है। इसी वजह से कई जहाज अब अपनी पहचान छिपाकर इस रास्ते से गुजर रहे हैं।
विज्ञापन


अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार यह सभी जहाज फारस की खाड़ी में आने और वहां से बाहर जाने वाले थे। बताया गया है कि अधिकतर जहाजों ने अपनी लोकेशन बताने वाले ट्रांसपोंडर बंद कर दिए थे ताकि उनकी पहचान न हो सके। अमेरिका का कहना है कि ईरान के पास से गुजरने वाले जहाजों पर ड्रोन और मिसाइल हमले का खतरा बना हुआ है। इसी कारण अमेरिकी सेना लगातार जहाजों के साथ संपर्क और समन्वय बनाए हुए है।
विज्ञापन


क्या होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के लिए बेहद अहम है?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक माना जाता है। यह समुद्री मार्ग ईरान और ओमान के बीच स्थित है। दुनिया की करीब 20 प्रतिशत तेल सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है। युद्ध शुरू होने से पहले यहां से हर दिन 100 से ज्यादा व्यापारिक जहाज गुजरते थे। लेकिन अब तनाव के कारण जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


क्या ईरान के हमले के डर से जहाज बदल रहे हैं रास्ता?
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि जो जहाज ईरान की मंजूरी के बिना उसके समुद्री इलाके के करीब जाते हैं, उन पर हमले का बड़ा खतरा रहता है। इसी वजह से कई जहाज अब ओमान की तरफ वाले समुद्री रास्ते का इस्तेमाल कर रहे हैं। शिपिंग विशेषज्ञों के अनुसार डार्क पैसेज यानी पहचान छिपाकर की जा रही यात्रा की वजह से इन जहाजों की स्वतंत्र पुष्टि करना मुश्किल हो गया है।

क्या अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम के बावजूद तनाव जारी है?
अमेरिका और ईरान ने 8 अप्रैल को युद्धविराम पर सहमति जताई थी। इसके बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बना हुआ है। अमेरिका का आरोप है कि ईरान अभी भी इस समुद्री रास्ते पर नियंत्रण दिखाने की कोशिश कर रहा है। वहीं अमेरिका ने भी जहाजों की गतिविधियों पर सख्त निगरानी बढ़ा दी है। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी सेना ने पांच व्यापारिक जहाजों को रोकने और 116 जहाजों का रास्ता बदलने की कार्रवाई भी की है।

क्या दुनिया भर में तेल और उर्वरक की कीमतों पर पड़ा असर?
अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। तेल सप्लाई प्रभावित होने से पेट्रोलियम उत्पादों और उर्वरकों की कीमतों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। कई देशों को ऊर्जा संकट और महंगाई की चिंता सताने लगी है। भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों पर भी इसका असर पड़ सकता है।


अमेरिकी सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने कहा कि अमेरिकी सेना सीधे जहाजों को एस्कॉर्ट नहीं कर रही, लेकिन सुरक्षित आवाजाही के लिए लगातार संपर्क और समन्वय बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्रीय और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समुद्री गलियारा है और इसकी सुरक्षा जरूरी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed