US-Russia Ties: ट्रंप ने पुतिन से की बातचीत, यूक्रेन के साथ संघर्षविराम और ईरान पर चर्चा; कहा- मैं खुश नहीं...
पश्चिम एशिया में बीते 20 महीने से अधिक समय से संघर्ष जारी है। हाल ही में ईरान और इस्राइल के बीच हुए टकराव के कारण हालात और संवेदनशील हो गए। दोनों देशों के बीच गोलाबारी के बीच अमेरिका ने भी हस्तक्षेप किया। टकराव थमने के बाद के हालात पर आज अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने रूसी समकक्ष पुतिन से बातचीत की। दोनों के बीच कई अहम मुद्दे पर चर्चा हुई।
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विस्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आज रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन से बातचीत की। दोनों के बीच यूक्रेन के साथ संघर्षविराम की संभावनाओं और ईरान-इस्राइल टकराव के बाद पश्चिम एशिया के हालिया सूरत-ए-हाल पर चर्चा की। पुतिन और ट्रंप के बीच ईरान-अमेरिका संबंध और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति से जुड़े अहम मुद्दों पर बातचीत हुई। रूस के राष्ट्रपति भवन- क्रेमलिन की तरफ से जारी बयान के मुताबिक दोनों राष्ट्राध्यक्षों के बीच छठी बार बातचीत हुई है।
पुतिन के साथ लंबी बातचीत, लेकिन फिलहाल समाधान के संकेत नहीं
रूसी समकक्ष के साथ फोन पर बातचीत के संबंध में एक सवाल के जवाब मे ंअमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, 'हमने बातचीत की। यह काफी लंबी बातचीत थी। हमने ईरान सहित कई चीजों पर बात की। हमने यूक्रेन के साथ युद्ध के बारे में भी बात की।' पुतिन के साथ चर्चा को लेकर ट्रंप ने कहा, 'मैं इससे खुश नहीं हूं... उनके (रूसी राष्ट्रपति पुतिन) साथ बातचीत के बावजूद फिलहाल कोई प्रगति नहीं हुई है।'
#WATCH | Speaking about his phone call with Russian President Putin, US President Donald Trump says, "We had a call. It was a pretty long call. We talked about a lot of things, including Iran. We also talked about the war with Ukraine. I am not happy about that... No, I didn't… pic.twitter.com/eTPFNDhaOK
— ANI (@ANI) July 3, 2025
पुतिन ने मुद्दों को राजनीतिक और कूटनीतिक तरीकों से हल करने पर जोर दिया
इससे पहले क्रेमलिन ने बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को फोन पर बातचीत की। दोनों ने ईरान, यूक्रेन समेत कई अन्य मुद्दों पर चर्चा की। व्हाइट हाउस लौटने के बाद ट्रंप ने छठी बार ट्रंप से बातचीत की है। ईरान के आसपास की स्थिति पर चर्चा करते हुए पुतिन ने सभी मुद्दों को राजनीतिक और कूटनीतिक तरीकों से हल करने पर जोर दिया। बता दें कि अमेरिका ने विगत 22 जून को ईरान में तीन जगहों पर हमला किया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाने के लिए तीन ठिकानों पर हमले किए। अमेरिकी सेना से पहले इस्राइल ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले किए थे।
ट्रंप ने यूक्रेन के साथ जारी लड़ाई को तुरंत रोकने पर जोर दिया
पुतिन के विदेश मामलों के सलाहकार यूरी उशाकोव ने कहा, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने रूसी राष्ट्राध्यक्ष के साथ बातचीत के दौरान यूक्रेन के साथ जारी लड़ाई को तुरंत रोकने के प्रयासों पर जोर दिया। ट्रंप के ऐसा कहने पर पुतिन ने कहा, यूक्रेन के साथ बातचीत के लिए वे भी तत्पर हैं। उशाकोव के मुताबिक पुतिन ने इस बात का भरोसा दिलाया कि वे यूक्रेन में अपने मकसद को हासिल करने के बाद संघर्ष की जड़ को खत्म करने के प्रयास करेंगे।
बीते तीन साल से अधिक समय से जारी संघर्ष को लेकर पुतिन ने ट्रंप से कहा, फरवरी 2022 में उन्होंने यूक्रेन में रूसी सेना भेजी। इसका मकसद यूक्रेन को नाटो में शामिल होने से रोकना और रूस पर मंडराने वाले खतरों को कम करना था। पुतिन ने अपनी कार्रवाई के पक्ष में ये दलील भी दी कि वे यूक्रेन में रूसी भाषियों की रक्षा करना चाहते थे। हालांकि, यूक्रेन और उसके सहयोगी देशों ने इन तर्कों को खारिज कर दिया। पुतिन ने जोर देकर कहा कि किसी भी संभावित शांति समझौते में यूक्रेन को नाटो में शामिल होने की जिद छोड़नी होगी। साथ ही उसे रूस के क्षेत्रीय लाभ को भी मान्यता देनी होगी।
गुरुवार को दोनों के बीच फोन पर हुई बातचीत से पहले अमेरिकी रक्षा विभाग- पेंटागन ने देश के सैन्य भंडार की समीक्षा करते हुए यूक्रेन को कुछ हथियारों की शिपमेंट रोकने का एलान किया था। यूक्रेन को अमेरिका से मिलने वाले जिन हथियारों पर रोक लगाई गई है, इनमें वायु रक्षा मिसाइलें, सटीक-निर्देशित आर्टिलरी और अन्य जरूरी उपकरण भी शामिल हैं। नाम न बताने की शर्त पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि हथियारों की डिलीवरी रोकी गई है।
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इस बिंदु पर पुतिन के सलाहकार उशाकोव ने कहा, ट्रंप ने जब फोन किया तो उन्होंने यूक्रेन को कुछ अमेरिकी हथियारों की शिपमेंट को निलंबित करने पर चर्चा नहीं की। इस मामले में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा, 'मुझे बात पर यकीन नहीं है कि दोनों के पास बात करने के लिए बहुत से बिंदु होंगे। दोनों के विचार बहुत अलग हैं।' गौरतलब है कि जेलेंस्की ने डेनमार्क में यूरोपीय संघ के समर्थकों के साथ अहम बैठक भी की। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में अमेरिकी हथियारों की आपूर्ति के निलंबन के बारे में वे ट्रंप से बात कर सकते हैं। उम्मीद है कि शायद कल या कुछ दिनों के भीतर वे राष्ट्रपति ट्रंप से इस बारे में बात करेंगे।
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अमेरिका रूस के साथ संबंध सुधारना चाहता है
ट्रंप और पुतिन के बीच पिछला फोन कॉल 14 जून को हुआ था। ईरान पर इस्राइल के हमले से एक दिन पहले दोनों ने बात की थी। अब एक बार हुई बातचीत को देखते हुए माना जा रहा है कि यूक्रेन में संघर्ष के बीच अमेरिका और रूस अपने संबंधों को सुधारने के प्रयास कर रहे हैं। दोनों राष्ट्राध्यक्ष इसमें रुचि ले रहे हैं। मंगलवार को पुतिन ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से बात की थी। उन्होंने लगभग तीन वर्षों में पहली बार सीधे टेलीफोन पर बात की।