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Research: धूम्रपान न करने वाले कम उम्र के लोगों में भी बढ़ रहा फेफड़ों का कैंसर, रिसर्च में चौंकाने वाला दावा
Wed, 22 Apr 2026 05:34 AM IST
Nitin Gautam
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: Nitin Gautam
Updated Wed, 22 Apr 2026 05:34 AM IST
सार
फेफड़ों का कैंसर लंबे समय तक मुख्य रूप से धूम्रपान और अधिक उम्र से जुड़ी बीमारी माना जाता रहा है, लेकिन अब एक नया वैज्ञानिक अध्ययन इस धारणा को चुनौती देता दिख रहा है।
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फेफड़े का कैंसर
- फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
अमेरिका के शोधकर्ताओं ने पाया है कि 50 वर्ष से कम उम्र के ऐसे लोगों में भी फेफड़ों के कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं, जिन्होंने कभी धूम्रपान नहीं किया। अध्ययन में विशेष रूप से यह भी सामने आया कि युवा धूम्रपान न करने वाली महिलाओं में यह जोखिम पुरुषों की तुलना में अधिक देखा गया। यूएससी नॉरिस कॉम्प्रिहेंसिव कैंसर सेंटर और केक मेडिसिन ऑफ यूएससी के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए इस शोध को अमेरिकन एसोसिएशन फॉर कैंसर रिसर्च की वार्षिक बैठक में प्रस्तुत किया गया।
शोधकर्ताओं का कहना है कि यह प्रवृत्ति फेफड़ों के कैंसर के बदलते स्वरूप की ओर संकेत करती है और इसके पीछे पर्यावरणीय कारणों की गहराई से जांच की जरूरत है। अध्ययन में लगभग 187 ऐसे मरीजों का विश्लेषण किया गया, जिनकी उम्र 50 वर्ष से कम थी और जिनमें से अधिकांश ने कभी धूम्रपान नहीं किया था। शोध के दौरान वैज्ञानिकों ने पाया कि फेफड़ों के कैंसर से पीड़ित इन मरीजों ने सामान्य लोगों की तुलना में अधिक फल, सब्जियां और साबुत अनाज का सेवन किया था। आमतौर पर इन्हें स्वस्थ आहार माना जाता है।
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शोधकर्ताओं का कहना है कि यह प्रवृत्ति फेफड़ों के कैंसर के बदलते स्वरूप की ओर संकेत करती है और इसके पीछे पर्यावरणीय कारणों की गहराई से जांच की जरूरत है। अध्ययन में लगभग 187 ऐसे मरीजों का विश्लेषण किया गया, जिनकी उम्र 50 वर्ष से कम थी और जिनमें से अधिकांश ने कभी धूम्रपान नहीं किया था। शोध के दौरान वैज्ञानिकों ने पाया कि फेफड़ों के कैंसर से पीड़ित इन मरीजों ने सामान्य लोगों की तुलना में अधिक फल, सब्जियां और साबुत अनाज का सेवन किया था। आमतौर पर इन्हें स्वस्थ आहार माना जाता है।
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