US Republican Convention: डोनाल्ड ट्रंप ने चीन-रूस के खिलाफ सख्त नीति के संकेत दिए; इस्राइल-हमास पर भी बोले
78 साल के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर व्हाइट हाउस की रेस में शामिल हैं। अपनी जीत के प्रति आश्वस्त दिख रहे ट्रंप ने कहा है कि इस कार्यकाल में वे चीन और रूस के खिलाफ सख्त नीति अपनाएंगे। इस्राइल-हमास हिंसक संघर्ष पर ट्रंप ने कहा, उनके राष्ट्रपति रहते ऐसी नौबत ही नहीं आती।
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अमेरिका में रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति पद प्रत्याशी डोनाल्ड ट्रंप ने सत्ता मिलने पर चीन के खिलाफ कड़ी नीति अपनाने के संकेत दिए हैं। 78 वर्षीय ट्रंप के डेढ़ घंटे से भी अधिक के भाषण में चीन का ज़िक्र सबसे ज़्यादा 14 बार हुआ। उन्होंने रूस का नौ बार, जबकि ईरान का आठ बार ज़िक्र किया। चार दिवसीय रिपब्लिकन नेशनल कन्वेंशन के समापन के मौके पर शुक्रवार को ट्रंप ने संकेत दिया कि उनकी विदेश नीति पिछले कार्यकाल (2017-2020) की तुलना में अधिक सख्त होगी।
ट्रंप ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा, 'मैं आपको यह बताता हूं कि अमेरिका अपने बंधकों को वापस और सुरक्षित देखना चाहता है। बेहतर होगा कि सभी बंधक मेरे पदभार ग्रहण करने से पहले वापस आ जाएं अन्यथा आपको बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी।' नवंबर में होने वाले चुनाव में जीत के प्रति आश्वस्त दिख रहे ट्रंप ने कहा, आम चुनाव में हमारी जीत के साथ, युद्ध, कमजोरी और अराजकता के वर्ष खत्म हो जाएंगे।चीन ताइवान की परिक्रमा कर रहा है। रूसी युद्धपोत और परमाणु पनडुब्बियां क्यूबा के तट से महज 60 मील दूर हैं। चुनौतीपूर्ण समय के बावजूद अमेरिका एक नए स्वर्ण युग कायम करने की दहलीज पर है।
रिपब्लिकन खेमे में उत्साह का संचार करते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने देश को महान बनाने का आह्वान भी किया। 'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन' की थीम पर पूर्व राष्ट्रपति ने कहा, हम ऐसे कालखंड का निर्माण करेंगे, जो पहले कभी नहीं देखा गया। इसे याद रखें। चीन ऐसा करना चाहता है। जापान ऐसा करना चाहता है। ये सभी देश ऐसा करना चाहते हैं। अगर हम नई ऊर्जा का उत्पादन करने जा रहे हैं तो हमें भारी मात्रा में ऊर्जा का उत्पादन करना होगा। कुछ चीजें की गई हैं, बहुत कुछ हम करने जा रहे हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के इस्तेमाल के लिए बहुत अधिक बिजली की जरूरत है। हमारे देश में अभी उपलब्ध बिजली से लगभग दोगुनी बिजली एआई को चाहिए। हमें इस पर विचार करना होगा।
चीन का जिक्र करते हुए पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि बगराम एयर बेस अब चीन के नियंत्रण में है। बाइडन प्रशासन ने बगराम छोड़ दिया, जो दुनिया में सबसे बड़े ठिकानों में से एक है। यहां सबसे लंबे रनवे हैं।हमने इसे छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि इसकी सामरिक अहमियत है, ऐसा नहीं है कि ये उन्हें निजी तौर पर बगराम केवल अफगानिस्तान की वजह से पसंद है। मुझे यह चीन की वजह से पसंद आया। यह उस जगह से एक घंटे की दूरी पर है जहां चीन अपने परमाणु हथियार बनाता है। बदले हुए हालात में आप अच्छे से जानते हैं कि अब बगराम किसके पास है। इस पर अमेरिका का अधिकार था लेकिन, यह अब चीन के कब्जे में है। इसी तरह चीन ताइवान के भी चक्कर लगा रहा है।
अपने पहले कार्यकाल का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा, अमेरिका चीन को अविश्वसनीय स्तर पर हरा रहे थे। उन्हें पता है कि हम वैसा ही फिर से करेंगे। ट्रंप ने कहा कि इस बार नतीजे और भी बेहतर होंगे।उन्होंने कहा, अमेरिका अपनी सीमा को बंद करेगा। अवैध आव्रजन संकट पूरी तरह समाप्त होगा। उन्होंने मेक्सिको की तरफ बनी दीवारों का जिक्र कर कहा, इनका अधिकांश हिस्सा पहले ही बना चुका हूं। बाकी बचे हुए काम को पूरा किया जाएगा।
अवैध आव्रजन के खिलाफ अमेरिका की सख्ती का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा, हर रिपब्लिकन, एक देशभक्त और ज़्यादातर डेमोक्रेट्स चाहते हैं कि लोग हमारे देश में आएं, लेकिन उन्हें हमारे देश में कानूनी तरीके से आना होगा। अवैध रूप से आने पर आपको तुरंत पकड़ कर निर्वासित कर दिया जाएगा। बकौल ट्रंप, अमेरिका में अवैध अप्रवास के कारण अपराध, भ्रष्टाचार और मुद्रास्फीति बढ़ी है। हमारे शहर अवैध विदेशियों से भरे पड़े हैं। अमेरिका के स्थानीय लोगों की नौकरियां छीनी जा रही हैं। अश्वेत आबादी और हिस्पैनिक सबसे अधिक परेशानी का सामना कर रही है। उन्होंने कानूनी तरीके अपनाकर लोगों को अमेरिका में आने देने की बात कही। इस कदम से भारतीय-अमेरिकियों जैसे समुदायों को मदद मिलेगी, जिनमें से बड़ी संख्या में लोग एच-1बी वीजा जैसी कानूनी प्रक्रियाओं के माध्यम से अमेरिका जाना चुनते हैं।
ट्रंप के मुताबिक अपने पहले कार्यकाल में उन्होंने चीन और अन्य देशों से कहा था कि अगर वे ईरान से कुछ भी खरीदते हैं, तो अमेरिका में कोई व्यापार नहीं करने दिया जाएगा। ईरान से जुड़ने पर आपके हर उत्पाद पर 100 प्रतिशत या उससे अधिक टैरिफ लगाएंगे। तेल नहीं बिक रहा था, उस स्थिति में ईरान अमेरिका के साथ एक सौदा करने को तैयार था। लेकिन चुनाव परिणाम डेमोक्रेट्स के पक्ष में आए और डील नहीं हो सकी। ऐसा दोबारा नहीं होगा।
कोरोना महामारी का जिक्र कर, ट्रंप ने COVID-19 को एक बार फिर चीनी वायरस करार दिया। पूर्व राष्ट्रपति ने रिपब्लिकन पार्टी के समर्थकों को आश्वस्त किया कि दुनिया में जारी हर युद्ध समाप्त होगा।अंतरराष्ट्रीय संकटों के लिए बाइडन प्रशासन को जिम्मेदार बताते हुए ट्रंप ने कहा, वे रूस और यूक्रेन के भयानक युद्ध को भी समाप्त कराएंगे। उन्होंने दावा किया, 'मेरे राष्ट्रपति रहते ऐसा कभी नहीं होता।इस्राइल पर हमले के कारण पश्चिम एशिया में छिड़ा युद्ध भी उनके राष्ट्रपति होने पर कभी नहीं होता।'