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अमेरिका के दबाव में झुकेगा पाकिस्तान?: अफगानिस्तान में हवाई हमले के लिए देना पड़ सकता है एयरस्पेस

Sat, 23 Oct 2021 01:16 PM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन/इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन/इस्लामाबाद Published by: संजीव कुमार झा Updated Sat, 23 Oct 2021 01:16 PM IST
सार

रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका अफगानिस्तान में सैन्य और खुफिया अभियानों के संचालन के लिए हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल के लिए पाकिस्तान के साथ औपचारिक समझौते के करीब है।

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US reached very close to formal agreement to use Pakistan airspace to carry out military operations in Afghanistan
जो बाइडन और इमरान खान - फोटो : पीटीआई

विस्तार

अफगानिस्तान में आतंकी समूहों के खात्मा के लिए अमेरिका, पाकिस्तान से हाथ मिलाने जा रहा है। इस बात की जानकारी अमेरिकी प्रशासन ने दी है। रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका अफगानिस्तान में सैन्य और खुफिया अभियानों के संचालन के लिए हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल के लिए पाकिस्तान के साथ औपचारिक समझौते के करीब है। सीएनएन ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि पाकिस्तान ने आंतक विरोधी कोशिशों और भारत के साथ संबंधों के बदले एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने की इच्छा जताई है। लेकिन बातचीत अभी पूरी नहीं हुई है। वहीं कुछ सूत्रों का कहना है कि अमेरिका के आगे झुकने के पीछे पाकिस्तान का मकसद भारत के साथ दोस्ती बढ़ाना भी हो सकता है। पाकिस्तान को लगता है कि अगर वह आतंक के खात्मे में अमेरिका का साथ देगा तो भारत के साथ संबंध सुधर सकता है। वहीं कुछ सूत्रो का कहना है कि इस कदम से पाकिस्तान को FATF की ग्रे लिस्ट से निकलने में मदद मिल सकती है।

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व्हाइट हाउस अभी भी यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है कि वह अफगानिस्तान से बाहर रहते हुए भी इस्लामिक स्टेट और अन्य आतंकी समूहों के खिलाफ कारवाई को कैसे अंजाम दे सकता है। मौजूदा वक्त में यह तभी संभव है जब अमेरिकी सेना अफगानिस्तान तक पहुंचने के लिए पाकिस्तान हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल करती है। लेकिन अब तक इसे लेकर कोई औपचारिक समझौता नहीं हो सका है। 
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पाकिस्तान के रास्ते अफगानिस्तान में घुसना आसान
बताया जा रहा है कि अमेरिका के लिए पाकिस्तान के माध्यम से अफगानिस्तान में प्रवेश करना आसान हो सकता है। इस अभियान के जरिए अमेरिका एक बार फिर अमेरिकी नागरिकों और देश में रहने वाले अन्य लोगों को बाहर निकालने के लिए उड़ानें शुरू कर सकता है। वहीं एक अन्य सूत्र ने कहा कि जब अमेरिकी अधिकारियों ने पाकिस्तान का दौरा किया तो एक समझौते पर चर्चा हुई, लेकिन यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि पाकिस्तान क्या चाहता है या बदले में अमेरिका कितना देना चाहता है।
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पाक के अलावा कुछ और देश भी विकल्प
अफगानिस्तान में सैन्य उपस्थिति बनाने के लिए अमेरिका पाकिस्तान के अलावा उज्बेकिस्तान, ताजिकिस्तान आदि देशों को भी विकल्प मान रहा है। लेकिन ये देश रूस को नाराज नहीं करना चाहते हैं। मौजूदा वक्त में अमेरिका मिडिल ईस्ट के ठिकानों से अफगानिस्तान के लिए उड़ान भरने के लिए मजबूर है। यही कारण है कि जो बाइडेन सरकार अधिक कुछ मजबूत विकल्प की तलाश में है।

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