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US: राष्ट्रपति चुनाव ही नहीं, अमेरिका में सांसद बनने की रेस में भी कई भारतवंशी, जानें इनकी जीत की संभावनाएं
Tue, 05 Nov 2024 08:03 AM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Tue, 05 Nov 2024 08:03 AM IST
सार
अमेरिका में फिलहाल जिन नौ भारतीयों ने संसदीय चुनाव में दांव लगाया है, उनमें से अधिकतर हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में सीट के लिए मैदान में हैं। इनमें से पांच नेता पहले ही सांसद हैं। यानी वह इन चुनाव में दोबारा चुन कर आने के लिए मुकाबले में हैं।
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अमेरिकी संसदीय चुनाव में उम्मीदवार अमी बेरा, सुहास सुब्रमण्यम और राजा कृष्णमूर्ति (बाएं से दाएं)।
- फोटो : US Government/House of Representatives
विस्तार
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के लिए मंगलवार को मतदान शुरू हो जाएगा। जहां पूरी दुनिया की नजरें इस वक्त अमेरिका में कमला हैरिस बनाम डोनाल्ड ट्रंप की जंग पर है, वहीं अमेरिकी नागरिकों को इन चुनावों में कई सांसदों को भी चुनना है। दरअसल, अमेरिका में हर दो साल में संसद के निचले सदन- हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और उच्च सदन- सीनेट की कुछ सीटों पर चुनाव होते हैं। 2024 में भी राष्ट्रपति चुनाव के साथ संसदीय चुनाव होने हैं। जहां राष्ट्रपति चुनाव में इस बार भारतीय मूल की कमला हैरिस मुकाबले में हैं, वहीं नौ से ज्यादा भारतवंशी संसदीय चुनाव में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
अमेरिका में फिलहाल जिन नौ भारतीयों ने संसदीय चुनाव में दांव लगाया है, उनमें से अधिकतर हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में सीट के लिए मैदान में हैं। इनमें से पांच नेता पहले ही सांसद हैं। यानी वह इन चुनाव में दोबारा चुन कर आने के लिए मुकाबले में हैं। वहीं, बचे हुए चार में से तीन नेता पहली बार संसदीय चुनाव में उतरे हैं।
जिन भारतवंशियों ने इस बार हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के लिए चुनाव लड़ने का फैसला किया है, उनमें एक नाम सुहास सुब्रमण्यम का है। 38 वर्षीय सुहास वर्जिनिया और ईस्ट कोस्ट से उम्मीदवार हैं। वह अगर चुनाव जीतते है तो इस सीट पर जीत दर्ज करने वाले पहले भारतीय-अमेरिकी भी होंगे।
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हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में वर्जिनिया के 10वें संसदीय जिले से खड़े हुए सुहास मौजूदा समय में इसी राज्य के सदन में सीनेटर हैं। वह मौजूदा समय में वर्जिनिया के ऐसे जिले में रहते हैं, जहां भारतीय-अमेरिकियों की जनसंख्या काफी प्रभाव रखती है। सुब्रमण्यम, जो कि पहले खुद व्हाइट हाउस में बराक ओबामा के सलाहकार रह चुके हैं, वह हिंदू धर्म को मानते हैं और देशभर में भारतीय-अमेरिकियों के बीच लोकप्रिय हैं।
यह अनुभवी भारतवंशी सांसद मुकाबले में
इसके अलावा इस बार संसदीय चुनाव में भारतीय-अमेरिकी सांसद अमी बेरा भी मुकाबले में हैं। पेशे से एक फिजिशियन डॉक्टर अमी बेरा वरिष्ठ भारतवंशी सांसदों में से एक हैं। वह 2013 से ही कैलिफोर्निया के कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से सांसद हैं। 59 वर्षीय बेरा अगर जीतते हैं और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में डेमोक्रेट पार्टी का वर्चस्व रहता है तो उन्हें सदन में वरिष्ठ नेता का पद मिल सकता है।
इसके अलावा वॉशिंगटन राज्य के सातवें संसदीय जिले का प्रतिनिधित्व कर रहीं प्रमिला जयपाल 2017 से ही सांसद हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी में प्रमिला जयपाल (59) एक मजबूत और ताकतवर डेमोक्रेट नेता बनकर उभरी हैं। उनका चुनाव जाना लगभग तय माना जा रहा है। इसके अलावा तीन और सांसदों- राजा कृष्णमूर्ति, रो खन्ना और श्री थानेदार की जीत भी लगभग तय मानी जा रही है।
राजा कृष्णमूर्ति जहां इलिनॉय राज्य में 2017 से ही सातवें संसदीय जिले से सांसद हैं, वहीं रो खन्ना भी कैलिफोर्निया के 17वें संसदीय जिले का 2017 से प्रतिनिधित्व कर रहे है। इन दोनों के अलावा श्री थानेदार (69) मिशिगन के 13वें संसदीय जिले में 2023 से सांसद है। यह तीनों क्षेत्र ही डेमोक्रेट पार्टी के गढ़ रहे हैं।
संबंधित वीडियो
इन नए उम्मीदवारों पर भी रहेगी नजर
कुछ अनुभवी भारतीय-अमेरिकी सांसदों के अलावा इन संसदीय चुनाव में कुछ नए भारतवंशी उम्मीदवार भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इनमें अरिजोना राज्य के सदन में 2018, 2020 और 2022 मे चुनकर आने वाले डॉक्टर अमिश शाह भी हैं, जो कि अरिजोना के ही पहले संसदीय जिले से हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। अमेरिका में इमरजेंसी के विशेषज्ञ फिजिशियन के तौर पर पहचाने जाने वाले डॉक्टर शाह रिपब्लिकन सांसद डेविड श्वाईकर्ट को चुनौती दे रहे हैं।
इसके अलावा कैंसस राज्य में तीसरे संसदीय जिले से रिपब्लिकन पार्टी ने डॉक्टर प्रशांत रेड्डी को मौका दिया है। वह यहां तीन बार से सांसद डेमोक्रेट नेता शैरिस डेविड्स से मुकाबला करेंगे।
न्यू जर्सी के तीसरे संसदीय जिले से हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के लिए इस बार रिपब्लिकन पार्टी ने भारतवंशी डॉक्टर राकेश मोहन को टिकट दिया है। हालांकि, डॉक्टर रेड्डी और डॉक्टर मोहन दोनों की ही जीत की संभावनाएं अपने अनुभवी प्रतिद्वंद्वियों के सामने काफी कम है।
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अमेरिका में फिलहाल जिन नौ भारतीयों ने संसदीय चुनाव में दांव लगाया है, उनमें से अधिकतर हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में सीट के लिए मैदान में हैं। इनमें से पांच नेता पहले ही सांसद हैं। यानी वह इन चुनाव में दोबारा चुन कर आने के लिए मुकाबले में हैं। वहीं, बचे हुए चार में से तीन नेता पहली बार संसदीय चुनाव में उतरे हैं।
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जिन भारतवंशियों ने इस बार हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के लिए चुनाव लड़ने का फैसला किया है, उनमें एक नाम सुहास सुब्रमण्यम का है। 38 वर्षीय सुहास वर्जिनिया और ईस्ट कोस्ट से उम्मीदवार हैं। वह अगर चुनाव जीतते है तो इस सीट पर जीत दर्ज करने वाले पहले भारतीय-अमेरिकी भी होंगे।
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हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में वर्जिनिया के 10वें संसदीय जिले से खड़े हुए सुहास मौजूदा समय में इसी राज्य के सदन में सीनेटर हैं। वह मौजूदा समय में वर्जिनिया के ऐसे जिले में रहते हैं, जहां भारतीय-अमेरिकियों की जनसंख्या काफी प्रभाव रखती है। सुब्रमण्यम, जो कि पहले खुद व्हाइट हाउस में बराक ओबामा के सलाहकार रह चुके हैं, वह हिंदू धर्म को मानते हैं और देशभर में भारतीय-अमेरिकियों के बीच लोकप्रिय हैं।
यह अनुभवी भारतवंशी सांसद मुकाबले में
इसके अलावा इस बार संसदीय चुनाव में भारतीय-अमेरिकी सांसद अमी बेरा भी मुकाबले में हैं। पेशे से एक फिजिशियन डॉक्टर अमी बेरा वरिष्ठ भारतवंशी सांसदों में से एक हैं। वह 2013 से ही कैलिफोर्निया के कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से सांसद हैं। 59 वर्षीय बेरा अगर जीतते हैं और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में डेमोक्रेट पार्टी का वर्चस्व रहता है तो उन्हें सदन में वरिष्ठ नेता का पद मिल सकता है।
इसके अलावा वॉशिंगटन राज्य के सातवें संसदीय जिले का प्रतिनिधित्व कर रहीं प्रमिला जयपाल 2017 से ही सांसद हैं। डेमोक्रेटिक पार्टी में प्रमिला जयपाल (59) एक मजबूत और ताकतवर डेमोक्रेट नेता बनकर उभरी हैं। उनका चुनाव जाना लगभग तय माना जा रहा है। इसके अलावा तीन और सांसदों- राजा कृष्णमूर्ति, रो खन्ना और श्री थानेदार की जीत भी लगभग तय मानी जा रही है।
राजा कृष्णमूर्ति जहां इलिनॉय राज्य में 2017 से ही सातवें संसदीय जिले से सांसद हैं, वहीं रो खन्ना भी कैलिफोर्निया के 17वें संसदीय जिले का 2017 से प्रतिनिधित्व कर रहे है। इन दोनों के अलावा श्री थानेदार (69) मिशिगन के 13वें संसदीय जिले में 2023 से सांसद है। यह तीनों क्षेत्र ही डेमोक्रेट पार्टी के गढ़ रहे हैं।
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इन नए उम्मीदवारों पर भी रहेगी नजर
कुछ अनुभवी भारतीय-अमेरिकी सांसदों के अलावा इन संसदीय चुनाव में कुछ नए भारतवंशी उम्मीदवार भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इनमें अरिजोना राज्य के सदन में 2018, 2020 और 2022 मे चुनकर आने वाले डॉक्टर अमिश शाह भी हैं, जो कि अरिजोना के ही पहले संसदीय जिले से हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के लिए चुनाव लड़ रहे हैं। अमेरिका में इमरजेंसी के विशेषज्ञ फिजिशियन के तौर पर पहचाने जाने वाले डॉक्टर शाह रिपब्लिकन सांसद डेविड श्वाईकर्ट को चुनौती दे रहे हैं।
इसके अलावा कैंसस राज्य में तीसरे संसदीय जिले से रिपब्लिकन पार्टी ने डॉक्टर प्रशांत रेड्डी को मौका दिया है। वह यहां तीन बार से सांसद डेमोक्रेट नेता शैरिस डेविड्स से मुकाबला करेंगे।
न्यू जर्सी के तीसरे संसदीय जिले से हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के लिए इस बार रिपब्लिकन पार्टी ने भारतवंशी डॉक्टर राकेश मोहन को टिकट दिया है। हालांकि, डॉक्टर रेड्डी और डॉक्टर मोहन दोनों की ही जीत की संभावनाएं अपने अनुभवी प्रतिद्वंद्वियों के सामने काफी कम है।