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2016 में ट्रंप ने दिया था मात्र 55 हजार रुपये का आयकर, उठाना पड़ सकता है चुनाव में खामियाजा

Mon, 28 Sep 2020 11:09 PM IST
अनवर अंसारी पीटीआई, वाशिंगटन
पीटीआई, वाशिंगटन Published by: अनवर अंसारी Updated Mon, 28 Sep 2020 11:09 PM IST
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US Presidential Election 2020: Billionaire and President Donald Trump Gave Only 750 Dollar Tax Creating Ruckus
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो) - फोटो : White House

अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव प्रचार के बीच रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार और वर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा चुकाए गए आयकर रकम को लेकर खुलासा हुआ है। इस खुलासे के बाद ट्रंप को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। दरअसल, ट्रंप ने पिछले 15 साल में से 10 साल तक कोई आयकर नहीं भरा है। इस खुलासे से वोटरोंं के बीच ट्रंप की छवि खराब हो सकती है। इसके साथ ही खुलासा हुआ है कि ट्रंप भारी-भरकम बोझ तले भी दबे हैं और उन्हें ये कर्ज अगले चार वर्षों में चुकाना है।  

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ट्रंप जिस वर्ष राष्ट्रपति पद की दौड़ में शामिल हुए और उसके बाद व्हाइट हाउस में अपने पहले वर्ष के दौरान उन्होंने संघीय आयकर के तौर पर महज 750 अमेरिकी डॉलर (55,243 रुपये) का भुगतान किया। यानी कि वर्ष 2016 और वर्ष 2017 में केवल 750 डॉलर का आयकर अदा किया गया। न्यूयॉर्क टाइम्स में रविवार को प्रकाशित एक खबर में यह जानकारी दी गई है। 
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आयकर भुगतान को रखते हैं गुप्त
अमेरिकी राष्ट्रपति की कुल संपत्ति 2.1 अरब डॉलर है। कोरोना महामारी के बीच उनकी संपत्ति में एक अरब डॉलर की कमी आई है। अपने आयकर भुगतान को बेहद गोपनीय रखने वाले ट्रंप आधुनिक समय में एकमात्र राष्ट्रपति हैं जो इन्हें सार्वजनिक नहीं करते। ट्रंप का कहना है कि अभी आयकर का ऑडिट चल रहा है। 
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अखबार की खबर के मुताबिक, बीते 15 सालों में से 10 साल ट्रंप ने कोई संघीय आयकर अदा नहीं दिया। ये तब है जब उन्होंने राष्ट्रपति पद के लिए अपने अभियान के दौरान खुद को अरबपति रियल एस्टेट कारोबारी और सफल व्यवसायी के तौर पर पेश किया था।

ट्रंप ने दावा किया है कि साल 2018 में उन्हें 4.74 करोड़ डॉलर का नुकसान हुआ। ऐसी स्थिति तब है, जब उन्होंने इसी वित्तीय वर्ष में 43.49 करोड़ डॉलर की कमाई की है। वहीं, ट्रंप ने अपने व्यापार में भारी नुकसान को दिखाया और 7.29 करोड़ डॉलर का आयकर रिफंड हासिल किया। इसको लेकर पिछले एक दशक से वह कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। अगर वह यह मुकदमा हारते हैं, उन्हें 10 करोड़ डॉलर चुकाने पड़ सकते हैं। 

ट्रंप ने किया खबर का खंडन 
वहीं, व्हाइट हाउस में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान ट्रंप ने इस खबर को फेक न्यूज (गलत खबर) बताकर खारिज करते हुए कहा था कि वह करों का भुगतान करते हैं हालांकि उन्होंने कोई विवरण नहीं दिया। उन्होंने कहा कि वास्तव में मैंने आयकर अदा किया है और आप इसे जल्द ही मेरे आयकर रिटर्न में देखेंगे। यह अभी ऑडिट में चल रहा है और यह लंबे समय से ऑडिट में है।

ट्रंप संगठन के वकील एलन गार्टन ने दावा किया है कि इस रिपोर्ट में ज्यादातर तथ्य सही नहीं हैं। गार्टन ने टाइम्स को बताया, सारे नहीं तो भी अधिकतर तथ्य सटीक नहीं प्रतीक होते। उन्होंने समाचार संस्था को दिए एक बयान में कहा कि राष्ट्रपति ने संघीय सरकार को व्यक्तिगत करों के तौर पर लाखों डॉलर दिए हैं और इनमें 2015 में उनकी उम्मीदवारी की घोषणा होने के बाद भी लाखों डॉलर व्यक्तिगत करों के तौर पर अदा किए गए। 

अखबार ने कही ये बात
न्यूयॉर्क टाइम्स का कहना है कि उसने दो दशक से ज्यादा के आयकर रिटर्न आंकड़ों को हासिल करने के बाद यह जानकारी निकाली है। यह खुलासा उस अहम मौके से ठीक पहले हुआ है जब मंगलवार को राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों के बीच बहस (प्रेसीडेंशियल डिबेट) होनी है और कुछ हफ्तों बाद ही राष्ट्रपति पद के लिए डेमोक्रेटिक जो बिडेन के साथ उनका निर्णायक मुकाबला होना है।

भारी-भरकम कर्ज तले दबे हैं ट्रंप
निकट भविष्य में ट्रंप को कर्ज के कारण भारी वित्तीय दबाव का सामना करना पड़ सकता है। टाइम्स के मुताबिक ट्रंप की कंपनियों पर 421 मिलियन डॉलर का कर्ज है। इसमें से अधिकतर कर्ज उन्हें अगले चार सालों में चुकाना है। इसके साथ ही न्यूयार्क में स्थित ट्रंप टावर को 100 मिलियन डॉलर में गिरवी रखा गया है जिसकी मियाद साल 2022 तक ही है। 

कर खुलासे से खराब हो सकती है ट्रंप की छवि

इस सनसनीखेज खुलासे से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंंप की छवि उच्च तबके के वोटरों में खराब हो सकती है कि जिस वर्ष पहली बार उन्होंने राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ा उस वर्ष महज 750 डॉलर का कर भुगतान किया, जबकि कई वर्षों तक उन्होंने कर नहीं दिए। इस खुलासे से पहले राष्ट्रपति बहस की पूर्व संध्या पर उनके डेमोक्रेट प्रतिद्वंद्वी को बढ़त मिल सकती है।



ट्रंप ने सफल व्यावसायी बनने के लिए दशकों तक मेहनत की और अपनी गुप्त सेवा का कूट नाम ‘मुगल’ रखा। लेकिन रविवार को न्यूयॉर्क टाइम्स ने खुलासा किया कि 2016 में जब उन्होंने राष्ट्रपति पद का चुनाव लड़ा और जीत हासिल की उस वर्ष उन्होंने महज 750 डॉलर का संघीय आयकर दिया।

उन्होंने पिछले 15 वर्षों में 10 वर्ष या अधिक समय तक कोई आयकर नहीं दिया और इसका कारण उन्होंने बताया कि कमाने से ज्यादा उन्हें धन का नुकसान हुआ है।

यह खुलासा ऐसे वक्त हुआ है जब उन पर आरोप लग रहे हैं कि उन्होंने महामारी से ठीक तरीके से नहीं निपटा। इससे मंगलवार को होने वाले बहस में बाइडेन उन पर आसानी से हमला कर सकते हैं और जब प्रचार के लिए महज एक महीने का वक्त बचा है तो ट्रंप  के लिए कई मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।
 

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