{"_id":"61462e7c8ebc3ebd8a1f2ae3","slug":"us-president-joe-biden-administration-particularly-focused-on-the-indo-pacific-region","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिंद-प्रशांत: क्षेत्र पर बाइडन प्रशासन का विशेष ध्यान, अमेरिकी विशेषज्ञों ने क्वाड सम्मेलन को बताया बेहद अहम","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
हिंद-प्रशांत: क्षेत्र पर बाइडन प्रशासन का विशेष ध्यान, अमेरिकी विशेषज्ञों ने क्वाड सम्मेलन को बताया बेहद अहम
Sat, 18 Sep 2021 11:52 PM IST
देव कश्यप
एजेंसी, वाशिंगटन।
एजेंसी, वाशिंगटन।
Published by: देव कश्यप
Updated Sat, 18 Sep 2021 11:52 PM IST
सार
चार देशों के समूह क्वाड के पहले शिखर सम्मेलन की मेजबानी अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन 24 सितंबर को करेंगे। यह सम्मेलन, चीन के बढ़ते आर्थिक एवं सैन्य दबाव के मद्देनजर वाशिंगटन का हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर जो ध्यान है, उसका संकेत देता है।
विज्ञापन
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन
- फोटो : पीटीआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अगले सप्ताह व्हाइट हाउस में भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका में पहला व्यक्तिगत मौजूदगी वाला क्वाड शिखर सम्मेलन वैश्विक मुद्दों से निपटने के लिए बेहद अहम रहेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत को सुरक्षित रखने में भी अहम साबित होगा। बाइडन प्रशासन हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर पूरा ध्यान दे रहा है और यह सम्मेलन 2017 में शुरू हुई इसी प्रक्रिया की परिणति है।
विज्ञापन
चार देशों के समूह क्वाड के पहले शिखर सम्मेलन की मेजबानी अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन 24 सितंबर को करेंगे। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन और जापान के प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा भी शामिल होंगे। यह सम्मेलन, चीन के बढ़ते आर्थिक एवं सैन्य दबाव के मद्देनजर वाशिंगटन का हिंद-प्रशांत क्षेत्र पर जो ध्यान है, उसका संकेत देता है।
विज्ञापन
सम्मेलन में ये नेता मुक्त व खुले हिंद-प्रशांत को बढ़ावा देने, जलवायु परिवर्तन से निबटने, संबंधों को गहरा करने तथा कोविड-19 से मुकाबला करने जैसे क्षेत्रों में व्यावहारिक सहयोग बढ़ाने पर चर्चा करेंगे। भारत-अमेरिका रणनीतिक व साझेदारी मंच के अध्यक्ष मुकेश अघी ने बताया कि इस सम्मेलन में उभरती प्रौद्योगिकियों और साइबरस्पेस पर साझेदारी के बारे में भी बात होगी। ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन अमेरिका के निदेशक ध्रुव जयशंकर ने भी इसे बेहद अहम बताया।
विज्ञापन
भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण
सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज में यूएस-इंडिया पॉलिसी स्टडीज में वाधवानी पीठ के रिक रोससॉ ने कहा, हिंद महासागर में बंदरगाहों समेत सामरिक संरचनाओं में चीन का बढ़ता निवेश सुरक्षा के लिए बहुत बड़ा खतरा है और यह भारत के लिहाज से महत्वपूर्ण है।