US: सूत्रों का दावा- पेंटागन ने व्हाइट हाउस को बताए बिना अचानक रोकी यूक्रेन को हथियार सप्लाई, ट्रंप इससे हैरान
यूक्रेन को अमेरिका से हथियार सप्लाई के मामले में नाटकीय बदलाव हुआ है। बीते एक जुलाई को अमेरिकी हथियार सप्लाई बंद किए जाने की खबर आई। 8 जुलाई को ट्रंप ने इस फैसले को बदलने का एलान किया। अब सूत्रों ने दावा किया है कि व्हाइट हाउस को बताए बिना पेंटागन ने हथियार सप्लाई रोक दी थी। इस फैसले से राष्ट्रपति ट्रंप बेहद हैरान हुए और उन्होंने नाराजगी भी प्रकट की।
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यूक्रेन को हथियार भेजने के मामले में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बताए बिना रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) ने फैसला ले लिया। इससे नाराज ट्रंप ने पेंटागन के अधिकारी को फटकार भी लगाई। व्हाइट हाउस और पेंटागन के बीच समन्वय की कमी को लेकर समाचार एजेंसी एपी के सूत्रों ने यह चौंकाने वाला दावा किया है। बता दें कि पिछले सप्ताह पेंटागन ने अमेरिका में हथियार की कमी का हवाला देते हुए यूक्रेन में हथियार भेजने पर रोक लगा दी था। इसके बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने डोनाल्ड ट्रंप के साथ फोन पर बात की थी। 8 जुलाई को ट्रंप ने पेंटागन के फैसले को रद्द करते हुए यूक्रेन को हथियारों की मदद भेजने लिया। सूत्रों की मानें पेंटागन ने व्हाइट हाउस को बिना बताए जो फैसला लिया, इससे ट्रंप प्रशासन हैरान है।
पेंटागन के फैसले से ट्रंप ने जताई हैरानी
ट्रंप ने सोमवार रात पेंटागन के फैसले को पलटते हुए माना कि उन्हें अपनी रक्षा करने में सक्षम होना होगा। उन पर इस समय बहुत तेज़ हमले हो रहे हैं। इसके साथ ही मामले में जब मंगलवार को एक पत्रकार ने उनसे पूछा कि इस रोक की मंजूरी किसने दी, तो ट्रंप नाराज हो गए और बोले कि मुझे नहीं पता। आप ही बताओ।
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बता दें कि ये पूरा घटनाक्रम पिछले सप्ताह की है। जब पेंटागन ने कहा था कि अमेरिकी भंडार में कमी के कारण यूक्रेन को एयर डिफेंस मिसाइलें, सटीक निशाना लगाने वाली तोपें और अन्य जरूरी हथियार भेजने में रोक लगाई जा रही है। लेकिन अब ट्रंप ने यह फैसला पलट दिया है और कहा है कि अमेरिका को यूक्रेन को और हथियार भेजने होंगे। सूत्रों के मुताबिक, पेंटागन के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को भी इस रोक के फैसले से आपत्ति थी। यह रोक रक्षा नीति प्रमुख एल्ब्रिज कोल्बी के जरिए समन्वयित की गई थी।
पुतिन को लेकर ट्रंप का बदला रुख
बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को लेकर रुख अब सख्त होता दिख रहा है। ट्रंप ने कहा है कि पुतिन बिना जरूरत के जंग को खींच रहे हैं, जबकि वो इस युद्ध को जल्द खत्म करना चाहते हैं। हालांकि, शांति वार्ता अब तक ठप पड़ी हुई है। इसको लेकर ट्रंप ने मंगलवार को अपनी कैबिनेट मीटिंग में कहा कि हमें पुतिन की तरफ से बहुत बकवास सुनने को मिलती है, अगर सच जानना चाहो तो। वो हमेशा बहुत अच्छा बनता है, लेकिन उसका कोई मतलब नहीं निकलता।
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ट्रंप ने रूस को दी प्रतिबंध की चेतावनी
ट्रंप ने रूस की तेल इंडस्ट्री पर नए प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी है, लेकिन अभी तक उस पर अमल नहीं किया है। उनका मकसद पुतिन को शांति वार्ता के लिए मजबूर करना है। वहीं, अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने बताया कि ट्रंप ने उन्हें एक नया बिल आगे बढ़ाने की मंजूरी दी है। इस बिल में उन देशों से आने वाले सामानों पर 500% टैक्स लगाने का प्रस्ताव है, जो अब भी रूसी तेल खरीद रहे हैं। इसका सीधा असर चीन और भारत जैसे देशों पर पड़ सकता है, जो बड़ी मात्रा में रूस से तेल लेते हैं।