US: एच-1बी वीजा नीति, रूस पर सख्ती से लेकर UN की जवाबदेही तक; अमरिकी विदेश विभाग ने बताई ट्रंप की प्राथमिकताएं
अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्ता मार्गरेट मैकलियोड ने कहा कि अमेरिका इस साल शांति, स्वतंत्रता और संप्रभुता पर ध्यान दे रहा है। इसके अलावा, एच-1बी वीजा नीति का मकसद अमेरिकी आईटी सेक्टर में निवेश को प्राथमिकता देना है। उन्होंने रूसी तेल खरीद को लेकर भी बात की। मैकलियोड ने कहा कि अमेरिका रूस से तेल आयात कम करना चाहता है ताकि यूक्रेन युद्ध को जल्द से जल्द समाप्त किया जा सके।
विस्तार
संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयानों पर अमेरिकी विदेश विभाग की हिंदुस्तानी प्रवक्ता मार्गरेट मैकलियोड ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप की प्राथमिकताओं के बारे में बताया। मैकलियोड ने कहा कि अमेरिकी सरकार इस साल तीन प्राथमिकताओं पर ध्यान दे रही है, जिनमें शांति, स्वतंत्रता और संप्रभुता शामिल है। उन्होंने कहा कि अमेरिका संयुक्त राष्ट्र को और जवाबदेह व निष्पक्ष बनाने के लिए अन्य देशों के साथ मिलकर काम करेगा।
#WATCH | New York | On US President Donald Trump's statements during the 80th session of UNGA, U.S. State Department's Hindustani Spokesperson, Margaret MacLeod says, "The US government is focusing on three priorities this year. We're focusing on peace, sovereignty, and… pic.twitter.com/qrgFAAOoGC
— ANI (@ANI) September 24, 2025
मार्गरेट ने कहा कि इस साल अमेरिका तीन प्राथमिकताओं पर ध्यान दे रहा है- शांति, संप्रभुता और स्वतंत्रता। उन्होंने कहा कि यही सिद्धांत संयुक्त राष्ट्र के चार्टर की नींव भी हैं और एक समृद्ध, स्थिर व शांतिपूर्ण विश्व के लिए भी जरूरी हैं। कई बार संयुक्त राष्ट्र अपने मूल उद्देश्य से भटका है, इसलिए अमेरिका अन्य देशों के साथ मिलकर इसे अधिक जवाबदेह और निष्पक्ष संगठन बनाना चाहता है।
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एच-1बी वीजा नीति का मकसद अमेरिकी आईटी सेक्टर में निवेश को प्राथमिकता देना
मैकलियोड ने एच-1बी वीजा नीति से लेकर रूसी तेल खरीद और रूस-यूक्रेन युद्ध पर भी बात की। उन्होंने कहा कि एच-1बी वीजा नीति का मकसद अमेरिकी आईटी सेक्टर में निवेश को प्राथमिकता देना है और अमेरिकी नागरिकों को प्रशिक्षण देकर उन्हें आगे बढ़ाना है।
#WATCH | New York | U.S. State Department's Hindustani Spokesperson, Margaret MacLeod says, "...H-1B is a policy to prioritise investment in the American IT sector. We want to invest in American citizens, first and foremost, in training them. You also mentioned buying oil from… pic.twitter.com/VJXti6x15g
— ANI (@ANI) September 24, 2025
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रूस के साथ व्यापार कम करना चाहता है अमेरिका
रूस से तेल खरीदने पर उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ तौर पर कहा है कि वह रूस और यूक्रेन युद्ध को जल्द से जल्द खत्म करना चाहते हैं ताकि और जानें न जाएं। उन्होंने कहा कि जब तक रूस तेल निर्यात से आय अर्जित करता रहेगा, तब तक इन आर्थिक संसाधनों का इस्तेमाल हथियार खरीदने में किया जाएगा। इसलिए अमेरिका रूस के साथ व्यापार कम से कम करना चाहता है।