{"_id":"68d2a44f498cefe95f05a23f","slug":"us-plot-to-disrupt-mobile-network-new-york-fails-secret-security-agency-achieves-major-success-ahead-of-unga-2025-09-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"US: यूएन में ट्रंप के भाषण से पहले न्यूयॉर्क में मोबाइल नेटवर्क ठप करने की साजिश, सुरक्षा एजेंसी ने की नाकाम","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
US: यूएन में ट्रंप के भाषण से पहले न्यूयॉर्क में मोबाइल नेटवर्क ठप करने की साजिश, सुरक्षा एजेंसी ने की नाकाम
Tue, 23 Sep 2025 07:14 PM IST
हिमांशु चंदेल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: हिमांशु चंदेल
Updated Tue, 23 Sep 2025 07:14 PM IST
सार
न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा में ट्रंप के भाषण से पहले यूएस सीक्रेट सर्विस ने बड़ी साजिश नाकाम की। एजेंसी ने 35 मील के दायरे में 300 से ज्यादा सिम सर्वर और एक लाख सिम कार्ड बरामद किए। यह नेटवर्क मोबाइल टावरों को ठप करने, गुमनाम कॉल करने और साइबर हमलों में सक्षम था। शुरुआती जांच में विदेशी ताकतों से संबंध की आशंका जताई गई है।
विज्ञापन
डोनाल्ड ट्रंप
- फोटो : X- @SecretService/ अमर उजाला ग्राफिक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) से पहले अमेरिका में सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी साजिश का खुलासा किया है। यूएस सीक्रेट सर्विस ने न्यूयॉर्क के आसपास ऐसे उपकरणों का नेटवर्क पकड़ा है, जो पूरे मोबाइल नेटवर्क को ठप कर सकता था और गुप्त टेलीफोनिक हमले कर सकता था। एजेंसी ने 300 से ज्यादा सिम सर्वर और एक लाख सिम कार्ड जब्त किए हैं।
सीक्रेट सर्विस के मुताबिक, ये डिवाइस सिर्फ मोबाइल टावरों को निष्क्रिय करने के लिए ही नहीं, बल्कि गुमनाम कॉल और खतरनाक साइबर हमलों के लिए भी इस्तेमाल किए जा सकते थे। इससे अपराधी गुप्त और एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन कर सकते थे, जिससे अमेरिकी सुरक्षा पर बड़ा खतरा मंडरा रहा था।
यूएन महासभा से पहले सुरक्षा अलर्ट
यह कार्रवाई ऐसे वक्त में हुई जब दुनिया भर के नेता न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे थे। इसी मंच पर आज अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दुनिया को संबोधित भी करने वाले हैं। एजेंसी का कहना है कि इन उपकरणों के जरिये डिनायल ऑफ सर्विस हमले किए जा सकते थे, जिससे मोबाइल और इंटरनेट नेटवर्क ठप हो सकते थे।
ये भी पढ़ें- पुलिस ने रोकी फ्रांस के राष्ट्रपति की कार, मैक्रों ने ट्रंप को लगाया फोन, कहा- आपके लिए सब कुछ बंद है...
विदेशी ताकतों से जुड़ाव की आशंका
फॉरेंसिक जांच अभी जारी है, लेकिन शुरुआती रिपोर्ट बताती है कि इन डिवाइसों से कुछ ऐसे सेलुलर कम्युनिकेशन मिले हैं, जिनका संबंध विदेशी राष्ट्रों और पहले से संदिग्ध व्यक्तियों से जुड़ा हुआ है। इससे यह शक गहराता है कि इस नेटवर्क के पीछे कोई बड़ी साजिश रची गई थी।
सीक्रेट सर्विस की सख्त चेतावनी
यूएस सीक्रेट सर्विस के डायरेक्टर सीन करन ने कहा कि इस तरह की साजिशें अमेरिकी टेलीकॉम ढांचे को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती हैं। उन्होंने साफ किया कि एजेंसी की प्राथमिकता ऐसे खतरों को समय रहते खत्म करना है और किसी भी दुश्मन को ये संदेश देना है कि अमेरिका की सुरक्षा से समझौता नहीं होगा।
ये भी पढ़ें- फलस्तीन को आजाद देश की मान्यता देकर क्या करना चाहता है यूरोप, इस्राइल इससे क्यों तिलमिलाया?
पहले भी हुईं संदिग्ध गतिविधियां
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, अभी यह साफ नहीं है कि यह नेटवर्क उन घटनाओं से जुड़ा है या नहीं, जिनमें अज्ञात लोगों ने अमेरिकी व्हाइट हाउस चीफ ऑफ स्टाफ सूसी वाइल्स और विदेश मंत्री मार्को रुबियो का रूप धारण कर गुमनाम कॉल और संदेश भेजे थे। जून में ऐसे ही एक मामले में रुबियो के नाम से सिग्नल अकाउंट बनाकर तीन विदेशी मंत्रियों, एक अमेरिकी गवर्नर और एक कांग्रेस सदस्य से संपर्क साधा गया था।
विज्ञापन
सीक्रेट सर्विस के मुताबिक, ये डिवाइस सिर्फ मोबाइल टावरों को निष्क्रिय करने के लिए ही नहीं, बल्कि गुमनाम कॉल और खतरनाक साइबर हमलों के लिए भी इस्तेमाल किए जा सकते थे। इससे अपराधी गुप्त और एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन कर सकते थे, जिससे अमेरिकी सुरक्षा पर बड़ा खतरा मंडरा रहा था।
विज्ञापन
The Secret Service dismantled a network of more than 300 SIM servers and 100,000 SIM cards in the New York-area that were capable of crippling telecom systems and carrying out anonymous telephonic attacks, disrupting the threat before world leaders arrived for the UN General… pic.twitter.com/sZKUeGqvGY
विज्ञापन विज्ञापन— U.S. Secret Service (@SecretService) September 23, 2025
यूएन महासभा से पहले सुरक्षा अलर्ट
यह कार्रवाई ऐसे वक्त में हुई जब दुनिया भर के नेता न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे थे। इसी मंच पर आज अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दुनिया को संबोधित भी करने वाले हैं। एजेंसी का कहना है कि इन उपकरणों के जरिये डिनायल ऑफ सर्विस हमले किए जा सकते थे, जिससे मोबाइल और इंटरनेट नेटवर्क ठप हो सकते थे।
ये भी पढ़ें- पुलिस ने रोकी फ्रांस के राष्ट्रपति की कार, मैक्रों ने ट्रंप को लगाया फोन, कहा- आपके लिए सब कुछ बंद है...
विदेशी ताकतों से जुड़ाव की आशंका
फॉरेंसिक जांच अभी जारी है, लेकिन शुरुआती रिपोर्ट बताती है कि इन डिवाइसों से कुछ ऐसे सेलुलर कम्युनिकेशन मिले हैं, जिनका संबंध विदेशी राष्ट्रों और पहले से संदिग्ध व्यक्तियों से जुड़ा हुआ है। इससे यह शक गहराता है कि इस नेटवर्क के पीछे कोई बड़ी साजिश रची गई थी।
सीक्रेट सर्विस की सख्त चेतावनी
यूएस सीक्रेट सर्विस के डायरेक्टर सीन करन ने कहा कि इस तरह की साजिशें अमेरिकी टेलीकॉम ढांचे को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती हैं। उन्होंने साफ किया कि एजेंसी की प्राथमिकता ऐसे खतरों को समय रहते खत्म करना है और किसी भी दुश्मन को ये संदेश देना है कि अमेरिका की सुरक्षा से समझौता नहीं होगा।
ये भी पढ़ें- फलस्तीन को आजाद देश की मान्यता देकर क्या करना चाहता है यूरोप, इस्राइल इससे क्यों तिलमिलाया?
पहले भी हुईं संदिग्ध गतिविधियां
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, अभी यह साफ नहीं है कि यह नेटवर्क उन घटनाओं से जुड़ा है या नहीं, जिनमें अज्ञात लोगों ने अमेरिकी व्हाइट हाउस चीफ ऑफ स्टाफ सूसी वाइल्स और विदेश मंत्री मार्को रुबियो का रूप धारण कर गुमनाम कॉल और संदेश भेजे थे। जून में ऐसे ही एक मामले में रुबियो के नाम से सिग्नल अकाउंट बनाकर तीन विदेशी मंत्रियों, एक अमेरिकी गवर्नर और एक कांग्रेस सदस्य से संपर्क साधा गया था।