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US: अमेरिका ने पाकिस्तान चुनावों की जांच के लिए प्रस्ताव पारित किया; इस्लामाबाद ने इसे यूएस की अधूरी समझ बताया

Thu, 27 Jun 2024 07:19 AM IST
विशांत श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन डीसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन डीसी Published by: विशांत श्रीवास्तव Updated Thu, 27 Jun 2024 07:19 AM IST
सार

अमेरिका ने पाकिस्तान में लोकतंत्र और मानवाधिकारों के समर्थन में बुधवार को एक द्विदलीय प्रस्ताव पारित किया। इसमें पाकिस्तान के 2024 चुनावों में हस्तक्षेप के दावों की "गहन और स्वतंत्र जांच" की अपील की गई है।

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US passes resolution seeking probe into Pak elections; Islamabad terms it "incomplete understanding"
अमेरिकी संसद - फोटो : ani

विस्तार

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने पाकिस्तान में लोकतंत्र और मानवाधिकारों के समर्थन में बुधवार को एक प्रस्ताव पारित किया। यह प्रस्ताव पाकिस्तान के 2024 के चुनावों में हस्तक्षेप की मांग के बाद पास किया गया है। जिसका नाम

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"गहन और स्वतंत्र जांच" रखा गया है।

इस प्रस्ताव में सदन के 85 प्रतिशत सदस्यों ने भाग लिया और 98 फीसदी सदस्यों ने इसके पक्ष में मतदान किया। साथ ही राष्ट्रपति से अपील की कि पाकिस्तान से लोकतंत्र, मानवाधिकार और कानून को बनाए रखने के लिए बात करें। 

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100 से ज्यादा सदस्यों ने पेश किया प्रस्ताव
जॉर्जिया के कांग्रेसी मैककॉर्मिक और मिशिगन ने अपने 100 से ज्यादा सहयोगियों के साथ प्रस्ताव एचआर 901 पेश किया था, जिसका शीर्षक 'पाकिस्तान में लोकतंत्र और मानवाधिकारों के लिए समर्थन व्यक्त करना' है। प्रस्ताव में कहा गया, ‘यह लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने और पाकिस्तान के लोगों के अधिकारों का सम्मान करने के महत्व का सम्मान करते हैं। जो कि इस समय आर्थिक अस्थिरता और सुरक्षा खतरों का सामना कर रहे हैं।’
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 प्रस्ताव में नागरिकों के अधिकारों के हनन की निंदा की गई

डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक प्रस्ताव में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के महत्व पर जोर दिया गया है। जिसमें पाकिस्तान के 2024 के चुनावों में हस्तक्षेप या अनियमितताओं के किसी भी दावे की गहन और स्वतंत्र जांच की मांग की गई थी।  प्रस्ताव में पाकिस्तान में लोकतांत्रिक भागीदारी को दबाने के प्रयासों की भी निंदा की। खास तौर से उत्पीड़न, धमकी, हिंसा, मनमानी हिरासत और इंटरनेट पर प्रतिबंध लगाने के साथ ही नागरिकों के अधिकारों के हनन की निंदा की गई है। 



अमेरिकी मीडिया ने भी पाकिस्तानी चुनाव पर उठाए थे सवाल
अमेरिकी समाचार द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया था कि पाकिस्तान में राजनेताओं पर हो रही कार्रवाई साफ दिखाई दे रही है और इन्हीं वजहों से पाकिस्तान के चुनाव की विश्वसनीयता सवालों के घेरे में है। पाकिस्तानी सेना का चुनाव में दखल है और पीटीआई के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। द फॉरेन पॉलिसी की रिपोर्ट में कहा गया था कि पाकिस्तानी सेना अभी भी आम चुनाव को प्रभावित कर रही है। वहीं द वॉशिंगटन पोस्ट ने लिखा था कि पाकिस्तान के चुनाव एक राज्यभिषेक जैसे दिख रहे हैं, जिसमें विजेता पहले से ही तय दिख रहा है।


 
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