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Pakistan: PTI समर्थकों के हुड़दंग पर अमेरिका ने लगाई पाकिस्तान को फटकार, कहा- मानवाधिकारों और मौलिक...
Tue, 26 Nov 2024 11:01 AM IST
काव्या मिश्रा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: काव्या मिश्रा
Updated Tue, 26 Nov 2024 11:01 AM IST
सार
पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के आह्वान पर व्यापक विरोध-प्रदर्शन हो रहा है। खान के समर्थकों और पुलिस के बीच लगातार झड़पों की खबर सामने आ रही है। यहां हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। ऐसे में, अमेरिका ने पाकिस्तान को कड़ी फटकार लगाई है।
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मैथ्यू मिलर
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के आह्वान पर व्यापक विरोध-प्रदर्शन हो रहा है। इमरान की पार्टी पीटीआई की अपील पर बड़ी संख्या में पाकिस्तानी राजधानी इस्लामाबाद की ओर मार्च कर रहे हैं। खान के समर्थकों और पुलिस के बीच लगातार झड़पों की खबर सामने आ रही है। यहां हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। ऐसे में, अब अमेरिका ने पाकिस्तान को फटकार लगाई है। उसने
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शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले लोगों के अधिकार का समर्थन किया। साथ ही पाकिस्तानी अधिकारियों से मानवाधिकारों और स्वतंत्रता का सम्मान करने का आह्वान किया।
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अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर से पाकिस्तान में उभरते हालातों के बारे में जब पूछा गया तो उन्होंने यह प्रतिक्रिया दी।
क्यों कर रहे पीटीआई समर्थक विरोध-प्रदर्शन?
पीटीआई के मुताबिक रैली में शामिल नागरिकों की तीन बड़ी मांगें हैं। इमरान खान के समर्थक सरकार से 26वें संशोधन को निरस्त करने और संविधान को बहाल करने की मांग कर रहे हैं। इमरान के समर्थक राजनीतिक कैदियों की रिहाई की मांग भी कर रहे हैं। इमरान खान ने 13 नवंबर को विरोध प्रदर्शन का 'आखिरी आह्वान' किया था। इसमें उन्होंने 24 नवंबर को चुराए गए जनादेश, लोगों की अन्यायपूर्ण गिरफ्तारियों और तानाशाही शासन के खिलाफ प्रदर्शन की बात कही थी। हालांकि उनके विरोध प्रदर्शन को लेकर राजधानी में भारी सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने भी पीटीआई के इस विरोध को गैरकानूनी बताया है। साथ ही शहबाज शरीफ की सरकार को कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी उपाय अपनाने का निर्देश दिया है।
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शांति से शुरू की थी यात्रा...
पीटीआई समर्थकों ने स्वाबी से यात्रा शुरू की। इस दौरान वह शांत दिखे। मगर पुलिस ने मार्ग को बाधित करने के लिए प्रमुख चौकियों के पास भारी आंसू गैस तैनात की। इन जगहों पर सुरक्षा बलों ने काफिले को रोकने का लक्ष्य रखा, जिससे पीटीआई समर्थकों को अपनी यात्रा जारी रखने से पहले प्रतिरोध का सामना करना पड़ा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हजारों प्रदर्शनकारी जब इस्लामाबाद जा रहे थे तब पुलिस और नागरिकों के बीच झड़प हो गई।
क्या बोले मैथ्यू मिलर ?
आत्मघाती बम विस्फोटों, सांप्रदायिक झड़पों, राजनीतिक अराजकता और विरोध प्रदर्शनों के कारण उथल-पुथल के दौर से गुजर रहे पाकिस्तान के बारे में पूछे जाने पर मिलर ने कहा, 'इसलिए, पाकिस्तान और दुनिया भर में, हम अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, शांतिपूर्ण सभा और संगठन का समर्थन करते हैं। हम प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने और हिंसा से दूर रहने का आह्वान करते हैं। साथ ही, हम पाकिस्तानी अधिकारियों से मानवाधिकारों और मौलिक स्वतंत्रता का सम्मान करने और पाकिस्तान के कानूनों तथा संविधान के लिए सम्मान सुनिश्चित करने का आह्वान करते हैं, क्योंकि वे कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए काम करते हैं।'
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, इमरान खान 470 दिनों से अधिक समय से जेल में हैं। पाकिस्तान के भविष्य के बारे में पूछे जाने पर कि क्या यह बांग्लादेश की तरह दिखने लगा है, मिलर ने कहा, 'हम शांतिपूर्ण विरोध करने के लिए पाकिस्तान के लोगों के अधिकार का समर्थन करते हैं। साथ ही हम पाकिस्तानी अधिकारियों से मानवाधिकारों और मौलिक स्वतंत्रता का सम्मान करने का आह्वान करते हैं।'