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अंतरिक्ष स्टेशन में शौचालय के साथ कई नायाब चीजें ले जा रहा नासा का रॉकेट लॉन्च होने से पहले रोका गया
Fri, 02 Oct 2020 08:57 AM IST
अमर शर्मा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: अमर शर्मा
Updated Fri, 02 Oct 2020 08:57 AM IST
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US Northrop Grumman's Cygnus spacecraft
- फोटो : ANI
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नासा ने गुरुवार रात 8,000 पाउंड की आपूर्ति अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में भेजना तय किया था, लेकिन इस अभियान को वर्जिनिया में NASA Wallops Flight Facility (नासा वॉलॉप्स फ्लाइट फैसिलिटी) से लॉन्च करने के दो मिनट पहले रोक दिया गया।
नासा अंतरिक्ष यात्रियों की सुविधा के लिए शौचालय के विकास पर 23 मिलियन डॉलर (लगभग 167.9 करोड़ रुपये) खर्च कर रही है। यह शौचालय अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में लगाए जाएंगे। नासा गुरुवार एक अक्तूबर को यह नए डिजाइन के शौचालय अंतरिक्ष में भेजने वाली थी।
नासा ने कहा, "नॉर्थरोप ग्रुमैन के एंटेर्स रॉकेट के लिए आज रात के प्रक्षेपण के प्रयास ने सिग्नस को दोबारा अंतरिक्ष में भेजने के लिए अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में एक अनजान समस्या के कारण ग्राउंड सपोर्ट उपकरण के एक घटक की वजह से 2 मिनट और 40 सेकंड पहले साफ किया।"
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नासा के मुताबिक इस समस्या का समाधान किए जाने के बाद इसे दोबारा 8.45 बजे (ईस्टर्न टाइम जोन) में भेजा जाएगा।
एयरोस्पेस कंपनी नॉर्थरोप ग्रुमैन कोर्पोरेशन ने अपने लांच होने वाले सिग्नस स्पेसक्राफ्ट का नाम भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला के नाम पर रखा है। बता दें कि कल्पना चावला अंतरिक्ष जाने वाली भारतीय मूल की पहली महिला अंतरिक्ष यात्री थीं। 2003 में अंतरिक्ष यान में हुई एक दुर्घटना में उनकी और छह साथियों की दर्दनाक मौत हो गई थी।
इंसान लगभग 20 वर्षों से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर रह रहा है, विज्ञान के प्रयोग कर रहा है और काम कर रहा है। लेकिन फिर भी इंजीनियरिंग के इस पराक्रम को कभी-कभी एक नए शौचालय की तरह अपग्रेड किए जाने की जरूरत होती है।
इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में लॉन्च होने वाली 8,000 पाउंड की आपूर्ति में से एक नया स्पेस टॉयलेट है जिसे यूनिवर्सल वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम कहा जाता है। इसे अंतरिक्ष यात्रियों के फीडबैक के बाद तैयार किया गया था।
इसके साथ ही एक नया 360-डिग्री वर्चुअल रियलिटी कैमरा भी भी लॉन्च हो रहा है। इसके जरिए स्पेसवॉक को बेहतर तरीके से रिकॉर्ड किया जा सकेगा, ताकि हमें पता चल सके कि स्पेस स्टेशन के बाहर चलने का मतलब किया होता है।
नॉर्थरोप ग्रुमैन का सिग्नस कार्गो अंतरिक्ष यान अपने साथ नए प्रयोगों के लिए कई सारे साधन ले जा रहा है जो पृथ्वी पर हमारे जीवन को फायदा पहुंचा सकते हैं। इसके साथ ही साथ अंतरिक्ष यात्रियों के लिए लंबे समय तक अंतरिक्ष यान मिशनों में जीवन की गुणवत्ता में सुधार कर सकते हैं।
अंतरिक्ष स्टेशन के लिए कमर्शियल कार्गो प्रदाता का 14वां री-सप्लाई मिशन है।
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नासा अंतरिक्ष यात्रियों की सुविधा के लिए शौचालय के विकास पर 23 मिलियन डॉलर (लगभग 167.9 करोड़ रुपये) खर्च कर रही है। यह शौचालय अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में लगाए जाएंगे। नासा गुरुवार एक अक्तूबर को यह नए डिजाइन के शौचालय अंतरिक्ष में भेजने वाली थी।
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नासा ने कहा, "नॉर्थरोप ग्रुमैन के एंटेर्स रॉकेट के लिए आज रात के प्रक्षेपण के प्रयास ने सिग्नस को दोबारा अंतरिक्ष में भेजने के लिए अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन में एक अनजान समस्या के कारण ग्राउंड सपोर्ट उपकरण के एक घटक की वजह से 2 मिनट और 40 सेकंड पहले साफ किया।"
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नासा के मुताबिक इस समस्या का समाधान किए जाने के बाद इसे दोबारा 8.45 बजे (ईस्टर्न टाइम जोन) में भेजा जाएगा।
Pending a resolution of the problem at NASA's Wallops Flight Facility, coverage for tomorrow's launch attempt will begin at 8:45pm ET: NASA https://t.co/l1RExCxUSI
— ANI (@ANI) October 2, 2020
एयरोस्पेस कंपनी नॉर्थरोप ग्रुमैन कोर्पोरेशन ने अपने लांच होने वाले सिग्नस स्पेसक्राफ्ट का नाम भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला के नाम पर रखा है। बता दें कि कल्पना चावला अंतरिक्ष जाने वाली भारतीय मूल की पहली महिला अंतरिक्ष यात्री थीं। 2003 में अंतरिक्ष यान में हुई एक दुर्घटना में उनकी और छह साथियों की दर्दनाक मौत हो गई थी।
इंसान लगभग 20 वर्षों से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर रह रहा है, विज्ञान के प्रयोग कर रहा है और काम कर रहा है। लेकिन फिर भी इंजीनियरिंग के इस पराक्रम को कभी-कभी एक नए शौचालय की तरह अपग्रेड किए जाने की जरूरत होती है।
इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में लॉन्च होने वाली 8,000 पाउंड की आपूर्ति में से एक नया स्पेस टॉयलेट है जिसे यूनिवर्सल वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम कहा जाता है। इसे अंतरिक्ष यात्रियों के फीडबैक के बाद तैयार किया गया था।
इसके साथ ही एक नया 360-डिग्री वर्चुअल रियलिटी कैमरा भी भी लॉन्च हो रहा है। इसके जरिए स्पेसवॉक को बेहतर तरीके से रिकॉर्ड किया जा सकेगा, ताकि हमें पता चल सके कि स्पेस स्टेशन के बाहर चलने का मतलब किया होता है।
नॉर्थरोप ग्रुमैन का सिग्नस कार्गो अंतरिक्ष यान अपने साथ नए प्रयोगों के लिए कई सारे साधन ले जा रहा है जो पृथ्वी पर हमारे जीवन को फायदा पहुंचा सकते हैं। इसके साथ ही साथ अंतरिक्ष यात्रियों के लिए लंबे समय तक अंतरिक्ष यान मिशनों में जीवन की गुणवत्ता में सुधार कर सकते हैं।
अंतरिक्ष स्टेशन के लिए कमर्शियल कार्गो प्रदाता का 14वां री-सप्लाई मिशन है।