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Hindi News ›   World ›   US Military Plan on Iran Uranium Seizure Halted by Trump Amid High-Risk Warnings Amid Escalation Concerns

US-Iran Tension: ईरान के यूरेनियम पर कब्जे करने की योजना पर अमेरिका का यू-टर्न, ट्रंप ने ग्राउंड ऑपरेशन रोका

Sat, 13 Jun 2026 03:05 AM IST
शिवम गर्ग वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, फ्लोरिडा (अमेरिका)
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, फ्लोरिडा (अमेरिका) Published by: शिवम गर्ग Updated Sat, 13 Jun 2026 03:05 AM IST
सार

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका ने ईरान के अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम को जब्त करने के लिए ग्राउंड ऑपरेशन की योजना बनाई थी, जिसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारी जोखिम और संभावित युद्ध के खतरे को देखते हुए रोक दिया।

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US Military Plan on Iran Uranium Seizure Halted by Trump Amid High-Risk Warnings Amid Escalation Concerns
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : Amar Ujala Graphics

विस्तार

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक बड़ा खुलासा सामने आया है। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेना ने ईरान के अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम को जब्त करने के लिए एक ग्राउंड ऑपरेशन की विस्तृत योजना तैयार की थी, लेकिन इसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अंतिम समय पर रोक दिया।

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रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह योजना इतनी संवेदनशील और गोपनीय थी कि अमेरिकी जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन को अचानक ब्रसेल्स में नाटो अधिकारियों के साथ बैठक बीच में छोड़कर फ्लोरिडा के टाम्पा स्थित सेंटकॉम (CENTCOM) मुख्यालय लौटना पड़ा।
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गुप्त ब्रीफिंग और उच्च स्तरीय तैयारी
सूत्रों के अनुसार, इस गुप्त ब्रीफिंग में ईरान में संभावित अमेरिकी सैन्य प्रवेश और वहां मौजूद यूरेनियम भंडार को कब्जे में लेने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। यह ऑपरेशन इतना जोखिम भरा माना जा रहा था कि इसके संभावित वैश्विक परिणामों को लेकर गंभीर चिंता जताई गई। इसके बाद जनरल डैन केन ने कथित तौर पर राष्ट्रपति ट्रंप को सभी संभावित सैन्य विकल्पों की जानकारी दी।
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ट्रंप ने क्यों रोकी योजना?
सीएनएन के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप ने इस ऑपरेशन को मंजूरी नहीं दी क्योंकि उन्हें आशंका थी कि इससे:

  • ईरान की ओर से बड़ा जवाबी हमला हो सकता है।
  • पश्चिम एशिया में युद्ध और लंबा खिंच सकता है।
  • वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है।
  • अमेरिकी सैनिकों की भारी हानि हो सकती है।

सूत्रों के अनुसार, ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिकी जनता इस स्तर के जोखिम के लिए तैयार नहीं होगी।

ईरान का ‘न्यूक्लियर ऑप्शन’ और तनाव बढ़ता क्षेत्र
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि यदि अमेरिका-ईरान वार्ता विफल होती है तो ईरान अपने सहयोगी हौथी समूह के जरिए बाब-अल-मंदब जलडमरूमध्य को बंद करने की रणनीति पर विचार कर सकता है। यह वैश्विक व्यापार के लिए बेहद अहम समुद्री मार्ग है। इससे पहले ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने जैसी रणनीति अपना चुका है, जिससे अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति पर असर पड़ा था।


यूरेनियम भंडार बना मुख्य टारगेट
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के पास लगभग 970 पाउंड के करीब अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम मौजूद है, जिसे हथियार-ग्रेड स्तर के बेहद करीब माना जाता है। यह सामग्री कथित तौर पर इस्फहान, नतांज और फोर्दो जैसे गुप्त और गहरे भूमिगत ठिकानों में रखी गई है। अमेरिका लंबे समय से इस यूरेनियम को अपने प्रमुख रणनीतिक लक्ष्य के रूप में देखता रहा है, लेकिन सैन्य कार्रवाई को लेकर गंभीर जोखिमों ने अब तक इसे रोके रखा है।


डिप्लोमेसी बनाम सैन्य विकल्प
सीएनएन की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ट्रंप प्रशासन अभी भी ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर कूटनीतिक समाधान की उम्मीद रखता है। हालांकि, सैन्य विकल्पों की चर्चा यह दिखाती है कि स्थिति कितनी संवेदनशील और अस्थिर बनी हुई है। ट्रंप ने एक बयान में कहा था कि ईरान के तेल केंद्र पर कब्जे जैसे ऑपरेशन को लेकर भी उन्हें संदेह है कि अमेरिका इस तरह के जोखिम को स्वीकार करेगा या नहीं।

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