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अमेरिका में मध्यावधि चुनाव: जनता ट्रंप से नाराज...सुरक्षित सीटों पर भी कड़ा मुकाबला; बहाए जा रहे करोड़ों डॉलर

Tue, 13 Oct 2026 09:57 AM IST
ज्योति भास्कर वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला। Published by: ज्योति भास्कर Updated Tue, 13 Oct 2026 09:57 AM IST
सार

अमेरिका में मध्यावधि चुनाव से पहले देश की जनता ट्रंप से नाराज बताई जा रही है। सुरक्षित सीटों पर भी कड़ा मुकाबला होगा, ऐसे आसार हैं। आलम ये है कि मतदाताओं को लुभाने के लिए करोड़ों डॉलर बहाए जा रहे हैं।

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US Midterm Elections Public unhappy with Trump tough contests even in safe seats millions of dollars poured in
अपनी नीतियों के कारण घिर रहे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (फाइल) - फोटो : पीटीआई

विस्तार

अमेरिका में मध्यावधि चुनाव में बस तीन हफ्ते का समय बचा है और ओपिनियन पोल में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की लोकप्रियता लगातार घटती जा रही है। ट्रंप की नीतियों, ईरान युद्ध और कमरतोड़ महंगाई के कारण अमेरिकी जनता खासे गुस्से में है।

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  • हाल ये है कि ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी का सुरक्षित गढ़ मानी जाने वाली सीटों पर ही संकट मंडराने लगा है। असमंजस में घिरे ट्रंप की पार्टी के नेताओं को डेमोक्रेट के गढ़ों में सेंध लगाने का सपना देखने के बजाय अपनी सुरक्षित सीटों पर ही जीत के लिए सारी ताकत झोंकनी पड़ रही है।
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  • अपनी ही पार्टी के घटते जनाधार और राष्ट्रपति की गिरती लोकप्रियता से परेशान निचले सदन प्रतिनिधि सभा के एक रिपब्लिकन उम्मीदवार ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, ट्रंप पार्टी का बेड़ा गर्क कर रहे हैं।
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  • महीनों तक राष्ट्रपति से प्रमुख उम्मीदवारों के पक्ष में रैलियां करने का आग्रह करने वाले कुछ रिपब्लिकन नेता इस कदर चिंतित हैं कि उन्हें लगता है कि ट्रंप का चुनाव प्रचार में आना फायदे की जगह नुकसान पहुंचा रहा है।

जीती मानी गई सीटों पर बहा रहे करोड़ों डॉलर
कड़े मुकाबले वाली सीटों की संख्या अचानक बढ़ने से रिपब्लिकन नेताओं की वो योजनाएं ध्वस्त हो गई हैं, जिसके तहत आखिरी दौर में करोड़ों डॉलर खर्च करके अपनी बढ़त बनाना चाहते थे। ट्रंप समर्थक सुपर-पैक मागा इंक से भारी फंडिंग के बावजूद, पार्टी की किस्मत नहीं बदल सकी है। सारा पैसा उन सीटों को बचाने में चला जा रहा है, जिन्हें पहले ही जीती हुई माना गया था।

बतौर उदाहरण, सीनेट चुनावों का सबसे बड़ा रिपब्लिकन सुपर-पैक सीनेट लीडरशिप फंड नॉर्थ कैरोलिना में अपने विज्ञापन रोककर कम से कम 10 मिलियन डॉलर (करीब 83 करोड़ रुपये) कंसास राज्य में लगा रहा है, जबकि यह ऐसा राज्य है जिसने 1932 के बाद से किसी डेमोक्रेट को सीनेट में नहीं भेजा।

साउथ कैरोलिना जैसे गढ़ में मौजूदा सीनेटर डार्लिन ग्राहम को डेमोक्रेट उम्मीदवार एनी एंड्रयूज से पिछड़ने से बचाने के लिए 5 मिलियन डॉलर और दिए गए हैं। फंड ने टेक्सास में केन पैक्सटन को बचाने के लिए 100 मिलियन डॉलर से अधिक खर्च कर दिए हैं जो डेमोक्रेट जेम्स टैलारिको से कड़े मुकाबले में फंसे हैं।

ट्रंप के राजनीतिक विज्ञापनों पर रोक
अमेरिका की एक कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन को आदेश दिया कि राष्ट्रपति के राजनीतिक संदेश को बढ़ावा देने के लिए करदाताओं के लाखों डॉलर से बने टीवी विज्ञापनों को रद करें। न्यूयॉर्क में अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट जज जेनिफर एल रोचोन ने अस्थायी रोक का आदेश जारी किया, जिससे प्रशासन को बचे सभी विज्ञापन रद करने होंगे। एजेंसी

क्या होता है मध्यावधि चुनाव
अमेरिका में 3 नवंबर को मध्यावधि चुनाव होने जा रहे हैं। आखिर यह चुनाव क्या होता है और इसे कब कराया जाता है, इसी पर एक नजर...

निचले सदन के कितने प्रतिनिधि चुनेगी जनता?
अमेरिकी कांग्रेस के निचले सदन प्रतिनिधि सभा के सभी 435 सदस्यों के लिए हर दो वर्ष में चुनाव होते हैं। लेकिन जब ये चुनाव मौजूदा राष्ट्रपति के निर्वाचन के दो साल बाद यानी कार्यकाल के ठीक बीच में होते हैं तो इन्हें मध्यावधि चुनाव कहा जाता है।

  • इस चुनाव के नतीजे तय करेंगे कि निचले सदन में ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी का दबदबा रहेगा या विपक्षी डेमोक्रेट हावी होंगे। अभी निचले सदन में 219 रिपब्लिकन और 214 डेमोक्रेट सांसद हैं। दो सीटें खाली हैं।

और किन प्रतिनिधियों का होगा चुनाव
प्रतिनिधिसभा सदस्यों का कार्यकाल दो वर्ष का होता है, जबकि कांग्रेस के ऊपरी सदन सीनेट के सदस्य छह साल के लिए निर्वाचित होते है। इनमें एक-तिहाई सदस्यों का चुनाव  हर  दो साल में होता है।


n सीनेट में कुल 100 सदस्य होते हैं। इस बार मध्यावधि चुनाव में 35 सीनेट सदस्यों का चुनाव हो रहा है। इसके अलावा कई राज्यों में गवर्नर भी चुने जाने हैं। कैलिफोर्निया, लोरिडा, जॉर्जिया और मिशिगन के गवर्नर पद पर सबकी खास नजर रहेगी।

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