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स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी पर चढ़नेवाली प्रदर्शनकारी महिला को सजा सुनाने से पहले जज भी चढ़ेंगे प्रतिमा पर
Sun, 24 Feb 2019 11:19 AM IST
अमर शर्मा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: अमर शर्मा
Updated Sun, 24 Feb 2019 11:19 AM IST
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स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी
अमेरिका की एक संघीय अदालत के जज को स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी पर अवैध रूप से चढ़ने वाली प्रदर्शनकारी को सजा सुनने से पहले इस ऐतिहासिक स्मारक पर चढ़ने की इजाजत मिल गई है।
बता दें कि प्रवासियों के मुद्दे पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीति के विरोध में पिछले साल एक महिला ने स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी के प्लेटफार्म पर चढ़कर अपना विरोध दर्ज कराया था। लेकिन अमेरिकी अदालत के न्यायाधीश उस प्रदर्शनकारी महिला के खिलाफ फैसला सुनाने से पहले इस ऐतिहासिक स्मारक पर चढ़ने का निर्णय लिया।
इस मामले को देख रहे जज गैब्रिएल गोरेनस्टीन ने फैसले से पहले सरकार से इस मूर्ति पर चढ़ने की इजाजत मांगी थी। नेशनल पार्क सर्विस ने उन्हें इसकी इजाजत दे दी है।
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जज का कहना है कि वे महिला के इस व्यवहार से पैदा होने वाले जोखिम को समझने के लिए प्रतिमा पर चढ़ना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने सीढ़ी की भी मांग की है। वकील अगर चाहेंगे तो वे भी जज के साथ स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी पर जा सकेंगे।
अमेरिका आने वाले शरणार्थियों को रोके जाने की ट्रंप की नीति के विरोध में प्रदर्शनकारी महिला अमेरिकी स्वतंत्रता दिवस 4 जुलाई 2018 को मूर्ति पर चढ़ गई थीं। कांगो मूल की न्यूयॉर्क निवासी महिला को अपराध साबित होने पर 14 महीने की सजा हो सकती है।
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बता दें कि प्रवासियों के मुद्दे पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीति के विरोध में पिछले साल एक महिला ने स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी के प्लेटफार्म पर चढ़कर अपना विरोध दर्ज कराया था। लेकिन अमेरिकी अदालत के न्यायाधीश उस प्रदर्शनकारी महिला के खिलाफ फैसला सुनाने से पहले इस ऐतिहासिक स्मारक पर चढ़ने का निर्णय लिया।
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इस मामले को देख रहे जज गैब्रिएल गोरेनस्टीन ने फैसले से पहले सरकार से इस मूर्ति पर चढ़ने की इजाजत मांगी थी। नेशनल पार्क सर्विस ने उन्हें इसकी इजाजत दे दी है।
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जज का कहना है कि वे महिला के इस व्यवहार से पैदा होने वाले जोखिम को समझने के लिए प्रतिमा पर चढ़ना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने सीढ़ी की भी मांग की है। वकील अगर चाहेंगे तो वे भी जज के साथ स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी पर जा सकेंगे।
अमेरिका आने वाले शरणार्थियों को रोके जाने की ट्रंप की नीति के विरोध में प्रदर्शनकारी महिला अमेरिकी स्वतंत्रता दिवस 4 जुलाई 2018 को मूर्ति पर चढ़ गई थीं। कांगो मूल की न्यूयॉर्क निवासी महिला को अपराध साबित होने पर 14 महीने की सजा हो सकती है।