फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   US join international panel for setting ethical guidelines for artificial intelligence to counter china

चीन का मुकाबला करने के लिए जी7 आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समूह में शामिल हुआ अमेरिका

Fri, 29 May 2020 08:27 AM IST
Sneha Baluni वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: Sneha Baluni Updated Fri, 29 May 2020 08:27 AM IST
विज्ञापन
US join international panel for setting ethical guidelines for artificial intelligence to counter china
डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के उपयोग को लेकर नैतिक दिशा-निर्देश निर्धारित करने के लिए अमेरिका एक अंतरराष्ट्रीय पैनल में शामिल हो गया है। इससे पहले ट्रंप प्रशासन ने इस विचार को खारिज कर दिया था।

विज्ञापन

व्हाइट हाउस के मुख्य तकनीकी अधिकारी माइकल क्रास्टसियोस ने गुरुवार को एसोसिएटिड प्रेस (एपी) से कहा कि साझा लोकतांत्रिक सिद्धांतों को चीन की घुमावदार प्रौद्योगिकी से मुकाबला करने के रूप में स्थापित करना महत्वपूर्ण है जोकि नागरिक स्वतंत्रता के लिए खतरा है।
विज्ञापन


उन्होंने कहा, ‘चीनी प्रौद्योगिकी कंपनियां संयुक्त राष्ट्र में चेहरे की पहचान (फेशियल रिकॉगनिशन) और निगरानी को लेकर अंतरराष्ट्रीय मानकों को आकार देने का प्रयास कर रही हैं।’ ट्रंप प्रशासन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर वैश्विक भागीदारी स्थापित करने के लिए दुनिया के लोकतांत्रिक समूह के बीच अकेला पड़ गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी मंत्रियों के बीच एक वर्चुअल बैठक के बाद गुरुवार को साझेदारी की गई। ऐसा तब हुआ जब लगभग दो साल पहले कनाडा और फ्रांस के नेताओं ने घोषणा की थी कि वे मानवाधिकारों, समावेश, विविधता, नवाचार और आर्थिक विकास के साझा सिद्धांतों के आधार पर एआई का जिम्मेदार मार्गदर्शन करने के लिए एक समूह का गठन कर रहे हैं।

इससे पहले ट्रंप प्रशासन ने उस दृष्टिकोण पर आपत्ति जताते हुए तर्क दिया था कि विनियमन पर बहुत अधिक ध्यान देने से अमेरिकी नवाचार में बाधा आएगी। क्रास्टसियोस ने कहा कि पिछले साल की बातचीत और समूह के दायरे में बदलाव के कारण अमेरिका इसमें शामिल हो गया।


बोस्टन यूनिवर्सिटी में कप्यूटर नैतिकता पर केंद्रित एसोसिएट प्रोफेसर के मैथिसन ने कहा, ‘अमेरिकी तकनीकी फर्मों की वैश्विक भूमिका और मानव अधिकारों के लिए ऐतिहासिक वकालत की बड़ी भूमिका के कारण इसमें अमेरिकी भागीदारी महत्वपूर्ण है।’ उन्होंने कहा कि अमेरिकी टेक कंपनियां जैसे कि माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और एप्पल इस बात से चिंतित हैं कि एआई का उपयोग करने के लिए उन्हें किन दिशानिर्देशों का पालन करना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed